संस्कृति

प्रस्तुती – भीष्म कुकरेती कंडाली , शिस्नु बिच्छू घास (Sting Nettle), जिसे वैज्ञानिक रूप से Urtica dioica कहा जाता है, दुनिया के कई हिस्सों...
उत्तराखंड  परिपेक्ष में कंडाळी /सिशुना/ बिच्छू घास     की सब्जी ,औषधीय व अन्य   उपयोग और   इतिहास आलेख :  भीष्म कुकरेती Botanical...
    हर्षिल (जिला उत्तरकाशी) क्षेत्र में रहने वाला जाड़/भोटिया समुदाय (विशेषकर जाड़ भोटिया) अत्यंत ठंडे हिमालयी...
 जानिये गढ़वाली कवियत्री निर्मला नेगी      से उनके कवित्व पर     को उनकी जुवानी (भीष्म कुकरेती से गढ़वाली  कवि...
चबोड्या, चखन्यौर्या , भिभड़ट्या – भीष्म कुकरेती    ब्वाळि  इकीस सितम्बरौ  खुणि ब्यखुन दै हमर प्रधान मंत्री मनमोहन जीन  अपण रैबार मा बोलि बल  रूप्या डाळ पर नि लगदन ....
उदय दिनमान अब अपणी भाषा मां इंटरनेट पर भी-https://www.udaydinmaan.co.in मेरू उत्तराखंड -उत्तराखंड राज्य की अच्छी-बुरी बात गढ़वाली और कुमाउनी भाषा मां ये पेज पर मिलली। पहाड़ -राज्य की संस्कृति,सभ्यता और लोकोत्सव का साथ-साथ सभी कार्यक्रम। दिल से -पहाड़ का साहित्यकार, रचनाकार अर पत्रकारों की बात अपणी भाषा मा। कविता-गढ़वाली और कुमाउनी कहानी -सिर्फ गढ़वाली और कुमाउनी बोली-भाषा मां सोशल मीडिया-वर्तमान समय मां सोशल मीडिया पर हमारी गढ़वाली और कुमाउनी भाषा का वीडियों, आडियों व अन्य संपादक बीना बेंजवाल सिल्ली, अगस्त्यमुनि, जनपद रूद्रप्रयाग उत्तराखंड 6395509100 benjwalbeena2@gmail.com