मुझे (भीष्म कुकरेती ) अपनी नई पुस्तक “उत्तराखंड में पर्यटन एवं चिकित्सा पर्यटन का संक्षिप्त इतिहास (आदिकाल से 1947 तक)” साझा करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है। यह पुस्तक केवल तारीखों का संग्रह नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की उस पवित्र भूमि का प्रमाण है जहाँ सदियों से लोग स्वास्थ्य और शांति की खोज में आते रहे हैं।
इस पुस्तक में आपको प्रामाणिक संदर्भों के साथ पढ़ने को मिलेगा:
- पौराणिक संदर्भ: महाभारत काल में ‘शुक्राणु दान पर्यटन’ और ‘ओवरी किराए पर लेने’ (सरोगेसी) जैसे अद्भुत प्राचीन चिकित्सा संकेत।
- महान विभूतियों का आगमन: आदि शंकराचार्य, माधवाचार्य और गुरु नानक देव जी की आध्यात्मिक एवं स्वास्थ्य यात्राएं।
- गढवाली व कुमाऊं राजाओं द्वारा पर्यटनोगामी कार्यों का लेखाजोखा
- शाही और राजनैतिक प्रवास: मुग़ल बादशाह जहांगीर से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के उत्तराखंड पर्यटन के अनछुए पहलू।
- यूरोपीय घुम्मकड़ों व अधिकारियों के पर्यटन इतिहास
- महात्मा गांधी , नेहरु आदि का उत्तराखंड में प्रवास इतिहास
- भोटिया चिकित्सा इतिहास
यह पुस्तक उन शोधकर्ताओं और पाठकों के लिए है जो उत्तराखंड को केवल एक घूमने की जगह नहीं, बल्कि विश्व की प्राचीनतम ‘हीलिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में समझना चाहते हैं।
लेखक: भीष्म कुकरेती विषय: 100% पर्यटन इतिहास (आदिकाल से स्वतंत्रता तक)