( देश विदेशों में बिच्छू घास /कंडाली पाक कला -4)
प्रस्तुती – भीष्म कुकरेती
इंडोनेशिया और मलेशिया में बिच्छू घास, कंडाली (Sting Nettle) का उपयोग पारंपरिक रूप से औषधीय और खाद्य दोनों रूपों में होता है। दक्षिण-पूर्व एशिया की समृद्ध जैव-विविधता में इसे अक्सर स्थानीय साग-सब्जियों (Ulam) के साथ शामिल किया जाता है।
यहाँ इन दोनों देशों में इसके उपयोग और कुछ पाक शैलियों का विवरण दिया गया है:
- इंडोनेशिया:‘दाुन जेलटांग‘ (Daun Jelatang)
इंडोनेशिया में बिच्छू घास को Jelatang कहा जाता है। यहाँ के ग्रामीण इलाकों में, विशेषकर सुमात्रा और जावा के कुछ हिस्सों में, इसे साग की तरह पकाया जाता है।
- जेलटांग संबल (Jelatang Sambal): इंडोनेशियाई पाक कला ‘संबल’ (मिर्च के पेस्ट) के बिना अधूरी है। बिच्छू घास के पत्तों को उबालकर उनका डंक खत्म किया जाता है और फिर उन्हें कूटकर मिर्च, लहसुन और झींगा पेस्ट (Terasi) के साथ भूनकर चटनी बनाई जाती है।
- गुलई (Gulai): कई बार इसे नारियल के दूध और स्थानीय मसालों (हल्दी, अदरक, गलंगल) के साथ ‘गुलई’ (करी) के रूप में पकाया जाता है। यहाँ इसे अन्य जंगली पत्तों जैसे पपीते के पत्ते या कसावा के पत्तों के साथ मिलाकर बनाया जाता है।
- हर्बल चाय (Teh Herbal): इसके सुखाए हुए पत्तों का उपयोग रक्तचाप और मधुमेह के उपचार के लिए चाय के रूप में भी किया जाता है।
- मलेशिया:‘सयूर जेलटांग‘ (Sayur Jelatang)
मलेशिया में भी इसे मुख्य रूप से ‘उलम’ (Ulam – कच्ची या हल्की उबली हुई सब्जी) के तौर पर जाना जाता है।
- उलम-उलम (Ulam-Ulaman): मलेशियाई भोजन में चावल के साथ विभिन्न प्रकार के ताजे पत्तों को खाने की परंपरा है। बिच्छू घास को हल्का उबालकर (Blanching) चावल और संबल बेलाचन के साथ परोसा जाता है।
- करी और सूप: मलय पाक शैली में इसे सूप में डालकर ‘सयूर बेनिंग‘ (Sayur Bening) की तरह बनाया जाता है, जिसमें मकई और पालक जैसे अन्य साग भी शामिल होते हैं।
- तली हुई सब्जी (Stir-fry): इसे अक्सर छोटी मछलियों (Ikan Bilis) और प्याज के साथ तेज आंच पर स्टिर-फ्राई करके साइड डिश के रूप में खाया जाता है।
रेसिपी के मुख्य तत्व (इंडो-मलय शैली)
यदि आप इन क्षेत्रों की शैली में इसे बनाना चाहें, तो ये सामग्रियां प्रमुख रहती हैं:
- आधार: नारियल का दूध (Coconut Milk)
- मसाले: हल्दी, लेमनग्रास (Serai), और मिर्च।
- तरीका: 1. पत्तों को चिमटे की मदद से गर्म पानी में 2-3 मिनट उबालें (ताकि डंक निकल जाए)। 2. नारियल के दूध में हल्दी और लेमनग्रास डालकर उबालें। 3. इसमें उबले हुए पत्ते और थोड़ा नमक डालकर 5 मिनट धीमी आंच पर पकाएं।