निये गढ़वाली नाट्य शिल्पी श्री डॉ राकेश भट्ट के बारे में उनकी जुबानी (श्री भीष्म कुकरेती जी से वार्ता )
(अधिकतर समीक्षक किसी नाट्य शिल्पी के बारे में अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। कुछ समीक्षक नाटककार को जानते हैं तो नाटककार के बारे में विषय दे देते हैं। एक नाट्य शिल्पी स्वयं समीक्षक स्वयं भी होता है। तो यह भी आवश्यक है कि नाट्यशिल्पी अपने विषय में स्वयं भी बताये। इस श्रृंखला में मैं गढ़वाली के प्रसिद्ध नाट्य शिल्पियों के बारे में उन्ही केबद्वारा जानने का प्रयत्न करूंगा -भीष्म कुकरेती )
भीष्म कुकरेती – जी नमस्कार। अपने बारे में संक्षिप्त में जानकारी देकर अनुग्रहित कीजिये
उत्तर –
नाट्य शिल्पी – डॉ राकेश भट्ट
जन्म तिथि – 18 सितंबर 1973
जन्म स्थान – ऊखीमठ रुद्रप्रयाग के मंगोली गांव में
आधारिक शिक्षा – ऊखीमठ/कोटद्वार
उच्च शिक्षा – गढ़वाल विश्वविद्याल श्रीनगर
व्यवसाय व आजीविका साधन –
वर्तमान में – अध्यापन/प्रशिक्षण
बचपन में सबसे पहला नाटक (रामलीला, कृष्णा लीला या अन्य ) पांडव लीला
क्या अपने बादी -बदेण के लोक नाटक देखे हैं :- जी
कौन कौन से नाटक शिक्षा लेते समय देखे – भक्त प्रहलाद, रामी बौराणी, शकुंतला दुष्यंत आदि
किस नाटककार ने सर्वाधिक प्रेरित किया – गढ़वाली:- ललित मोहन थपलियाल, हिंदी:- मोहन राकेश
भीष्म कुकरेती -अब तक आपने कितने नाटक निर्देशीय /किये /लिखे / मंचन के कार्य (जैसे संगीत , पृष्ठभूमि ) भाग लिया ? (कृपया विधा का नाम दीजिये जैसे निर्देशन , भूमिका , संगीत , पार्श्व ध्वनि/प्रकाश आदि )
उत्तर – 30 नाटकों में अभिनय, निर्देशन, संगीत संयोजन, गायन।
भीष्म कुकरेती – पहला नाटक जिसमे भूमिका निभायी
उत्तर – शाहिद भगत सिंह(स्कूली प्रस्तुति) विशेष रूप से चक्रव्यूह गढ़वाली नाट्य जिसकी एक हजार से अधिक प्रस्तुतियां हो चुकीं तथा नंदा की कथा जिसकी भी एक हज़ार से भी अधिक प्रस्तुतियां हो चुकी।
भीष्म कुकरेती – अन्य नाटक जिनमे भूमिका निभायी :- शकुंतला- दुष्यंत, रामी बौराणी, श्रवण भक्ति, चिट्ठी, अंधयुग(हिंदी) टूटते परिवेश(हिंदी) पांच भाई कठैत(गढ़वाली) साधुनाम कुंवर(गढ़वाली) खाड़ू लापता(गढ़वाली) मैं भी मानव हूं(हिंदी) अन्वेषक(हिंदी)
भीष्म कुकरेती – गढ़वाली नाट्य संसार में आपको कैसे याद किया जाएगा ?
उत्तर – लोक नाटकों के निर्देशन, प्रस्तुतीकरण, संगीत संयोजन एवं मुख्य गायक के रूप में (इसी क्षेत्र में संगीत नाटक अकादमी पुरुस्कार 2023 भी राष्ट्रपति जी ने प्रदान किया है)
भीष्म कुकरेती -आपने अपने विषय में खुलकर बताया इसके लिए आभार