(: भीष्म जी ! मैं कोई साहित्यकार नहीं हूँ। मुझ पर तो जो गुज़री जो देखा महसूस किया वही लिखा है. चाहे वो कविता हो, नाटक हो, उपन्यास हो या कहानी बस पात्र बदले हैं. इसीलिए आज तक चुप था अपन परिचय नहीं दे रहा था. लेकिन आपका हुकम सर आँखों पर. आपके पटल से मेरा परिचय हो मेरे लिए ये ज्ञानपीठ पुरुष्कार से कम नहीं है. आपने देश के मूर्धन्य साहित्यकारों की लिस्ट में मुझे शामिल किया मेरी याद की ये मेरा सौभाग्य है. )
kकवि को जानिये उनकी जुबानी श्रृंखला )
से उनके कवित्व पर को उनकी जुवानी
(भीष्म कुकरेती से गढ़वाली कवि की वार्ता -लिखाभेंट )
भीष्म कुकरेती कृपया अपने बारे में सक्षिप्त जानकारी दीजिये
जन्म तिथि – 22 जुलाई 1969
माता पिता नाम – स्व. श्रीमति हिरुली देवी स्व. श्री माधो राम
जन्म स्थल व किस भौगोलिक क्षेत्र से संबंध है – ग्राम व पोस्ट झिमार मल्ला सल्ट जिला अल्मोड़ा उत्तराखण्ड।
शिक्षा – कहीं भी जिक्र नहीं किया
आधारिक – आधारिक
मिडल /हाई स्कूल
उच्च शिक्षा –
आजीविका – नौकरी पर निर्भर
सम्प्रति – निजी क्षेत्र में नौकरी
भीष्म कुकरेती -बाल्य काल या युवाकाल के बारे में जिसने आपको साहित्य में आने को प्रेरित किया
रमेश हितैषी – बाल्यकाल में बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर जी के संघर्ष व युवाकाल में मेरे इर्द गिर्द घतित घटनाओं ने
भी . कु. – पहली हिंदी कविता जो पढ़ी
रमेश हितैषी – क़ाली काली कूं कूं करती। कक्षा 2 में
भी . कु. – सबसे पहली गढ़वाली कविता से साक्षात्कार –
रमेश हितैषी – अभी तक नहीं
भी . कु. – अब तक कितनी गढ़वाली कविताएं प्रकाशित हो चुकी हैं (इंटरनेट माध्यम सहित )-
रमेश हितैषी – लगभग 200
भी . कु. – कितने कविता संग्रह प्रकाशित हुए हैं और नाम –
रमेश हितैषी – तीन पर गढ़वाली में दो, पीड़ और लौटि आ
भी . कु. – आप गढ़वाली कविता कब से लिख रहे हैं और क्या चीज ने आपको प्रेरित किया कि गढ़वाली कविता में रचना करें –
रमेश हितैषी – 1990 से उत्तराखण्ड की जाति वयवस्था
भी . कु. -आपकी गैर गढ़वाली पसंदीदा कविता कौन सी है और क्यों
रमेश हितैषी – अदम गौंडवी व दुष्यंत कुमार के शोषित वर्ग की आवाज उठाते हैं और दूसरे हौसाल बढ़ाते हैं.
भी . कु. – कौन सी गढ़वाली पसंदीदा कविता कौन सी है और क्यों
रमेश हितैषी – चक्रचाळ जो उत्तराखण्ड कि 25 साल के विकास को आज भी दर्शाती है.
भी . कु. – आपकी गढ़वाली कविताओं का मुख्य विषय क्या रहा है
रमेश हितैषी – मुख्यतः जातिवाद व क्षेत्रवाद
भी . कु. – आपकी कविता वर्ग /क्लास व शैली क्या है ?
रमेश हितैषी – पता नहीं
भी . कु. – गजल व नव गीत भी लिखे हैं ?
रमेश हितैषी – बहुत कम
भी . कु. – नई कविता व नए कविता आंदोलन के बारे में आपकी राय क्या है ?
रमेश हितैषी – कविता मा ठेट गढ़वाली शब्दोंक अभाव और तरनुम में कविता पठन.
भी . कु. – नए प्रयोग करते हैं ?
रमेश हितैषी – जी भौत जगह अंग्रेजी और हिंदी के शब्द भी प्रयोग करता हूँ.
भी . कु. – आपकी रचनात्मक प्रक्रिया कैसी होती है?
रमेश हितैषी – पता नहीं पर लेखन लगातार जारी है.
भी . कु. – आप किन किन लेखकों, कविओं , ग्रंथों से प्रभावित हैं ?
रमेश हितैषी – बहुत लोग हैं. किसी एक का नाम ल;ऐना उचित नहीं हाँ हिंदी के रैदास, कबीर, रहीम
भी . कु. – आपकी कविताओं का मुख्य उद्देश्य क्या हैं ?
रमेश हितैषी – अन्धविश्वास और जातिवाद को ख़त्म करना
भी . कु. -क्या वर्तमान गढ़वाली कविताएं समाज को प्रभावित करने में सफल हुयी हैं ? (गीतों को छोड़ दें )
रमेश हितैषी – बहुत कम
भी . कु. – क्या कभी किन्ही कविताओं को लिखते समय भिन्न चुनौतियाँ आयी हैं ?
रमेश हितैषी – नहीं
भी . कु. – आप कविता प्रकाशन हेतु क्या कार्य करते हो ?
रमेश हितैषी – नहीं
भी . कु. – क्या आपने शासन की प्रेरणा से गढ़वाली कविता रची हैं ? (जैसे चुनाव में भाग लो , आदि आदि या शासकीय पुस्तक हेतु) -)
रमेश हितैषी – जी हाँ
भी . कु. – क्या किसी पुरूस्कार हेतु कविता रचीं हैं ?
रमेश हितैषी – नहीं
भी . कु. – आप अपनी कविताओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए क्या करते हैं?
रमेश हितैषी – प्रथम सोशल मिडिया उसके बाद कवि सम्मेलन सम्मेलनों का आयोजन करके और अंत में पुस्तक के माध्यम से
भी . कु . – पाठक विस्तार हेतु सोशल मीडिया का कितना प्रयोग करते हो ?
रमेश हितैषी – बहुत
भी . कु – – क्या आपका ब्लॉग है ?
रमेश हितैषी – नहीं
भी . कु. -यूट्यूब में गढ़वाली कविता प्रकाशित करते हो ?
रमेश हितैषी – दूसरे के चैनल पर
भी . कु. – क्या आपका कोई यूट्यूब चैनल है ?
रमेश हितैषी – नहीं
भी . कु. – क्या आप फिल्मों या अन्य कला रूपों के लिए भी कविता लिखते हैं?
रमेश हितैषी – अवसर नहीं मिला
भी . कु. – आपकी कविताओं में कौन से तत्व सबसे महत्वपूर्ण हैं
रमेश हितैषी – सत्य और तथ्यपूर्ण
भी . कु. – आपके अनुसार, एक अच्छी कविता क्या होती है?
रमेश हितैषी – जो समाज को नई दिशा दे
भी . कु. – कवि सम्मेलनों में कविता पाठ करते हैं ?
रमेश हितैषी – जी बहुत
भी . कु. – क्या कारण है कि प्राइमरी स्कूलों में गढ़वाली कविता पाठन , व गढ़वाली नाटक मंचन नहीं हो पता ?
रमेश हितैषी – ये अध्यापक और छात्रों कि रूचि पर निर्भर करता है जो धीरे धीरे गुरु शिष्य परम्परा ख़त्म होना भी कारन है.
भी . कु. – आप अपनी कविताओं को बालिकाओं – बालकों व युवती – युबाओ तक पंहुचाने हेतु क्या ताकत लगाते हो ?
रमेश हितैषी – कोशिश करते हैं लेकिन ख़ास सफलता नहीं मिलती
भी . कु. – आप भविष्य में किस तरह की कविताएँ लिखना चाहते हैं?
रमेश हितैषी – आंदोलन की
भी . कु. – प्रकाशन की क्या क्या समस्याएं हैं व उनका क्या समाधान होना चाहिए ?
रमेश हितैषी – धन का अभाव, वरिष्ठ साहित्यकारों का सहयोग न मिलना, उचित मार्गदर्शन की कमी.
भी . कु. – पुस्तक वितरण हेतु ग्रामीण गढ़वाल में वितरण की समस्या कैसे सुलझायी जानी चाहिए
रमेश हितैषी – स्कूलों के माध्यम से या मेलों आदि में प्रदर्शनी लगा कर.
भी . कु. – आप युवा कवियों को क्या सलाह देना चाहेंगे?
रमेश हितैषी – लिखने से पहले वरिष्ठ कवियों को पढ़ें।
भी . कु. – आप अन्य साहित्यिक विधाओं में रचना रचते हो ?
रमेश हितैषी – जी, कहानी, नाटक, एकांकी, उपन्यास, लेख और खबर
भी . कु. – युवा गढ़वाली कवि कविता क्षेत्र में आएं हेतु क्या परामर्श है ?
रमेश हितैषी – भाषा का विकास होगा, बदलते समय की कविता आएंगी।
भीष्म कुकरेती -आप अपने को गढ़वाली/कुमाउंनी कविता संसार में किस स्थान में पाते हो व किस स्थान की कल्पना है
रमेश हितैषी – बीते काल और वर्तमान पर
भीष्म – रमेश हितैषी जी जी आपको किस प्रकार के कवि रूप में याद किया जाएगा ?
रमेश हितैषी : स्वतंत्र रचनाकार और बेबाक वाचक
===
अपने संग्रहों की फोटो प्रेसित
1.(पीड़) कविता संग्रह, (गढ़वाली)
- (ढकि द्वहार) कविता संग्रह, (कुमाउनी)
- (दुखों का पहाड़) लेख संग्रह, (हिंदी)
- (लौटि आ) कविता संग्रह, (गढ़वळि,कुमाउनी)
- (नौ वर्षक ब्या) कहानी संग्रह, (कुमाउनी)
- (औसान) उपन्यास, (गढ़वाली)
- (तृष्णा) उपन्यास, (हिन्दी)
- (अदपौसी माया) कहानी संग्रह (गढ़वळि) 2024
- (भाबर) उपन्यास (कुमाउनी)2024
- (द्वी पु घा) नाटक (कुमाउनी)2025
प्रकाशाधीन पुस्तक:
- .(मंगलसूत्र ) एकांकी (हिंदी)
2 . (अंधकोप की माया) नाटक (गढ़वाली)
3 . (घिनोड़ि) बाल कहानी संग्रह (कुमाउनी)
4 .(पितरु कुड़ि ) उपन्यास (कुमाउनी)
5 . (किराया कान) उपन्यास (कुमाउनी)
6 .(जून) कविता संग्रह (गढ़वळि)
7 . (झूठ स्वीण) कविता संग्रह (कुमाउनी)
- (रसीली) उपन्यास (हिंदी )
- (दलदल) कविता संग्रह (हिन्दी)
- सवर्ण और शिल्पकार नाटक (हिंदी)