अजय सिंह से प्रखर सनातनी धर्मध्वजवाहक योगी आदित्यनाथ!

यूपी का ताज मिला योगी आदित्यनाथ को, बने यूपी के मुख्यमंत्री,मूल निवासी उत्तराखंड के!

लखनउ।आखिरकार भाजपा ने यूपी की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों सौंप दी। उप्र में सीएम का चयन करने में लंबा समय लग गया। माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ को सीएम 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर बनाया गया। उत्तराखंड के मूल निवासी विगत लंबे समय से गोरखपुर में है।मोदी मैजिक के सहारे यूपी में प्रचंड बहुमत से जीतकर सत्ता में आई बीजेपी ने सीएम के नाम पर फैसला करने में एक हफ्ता लगाया. लखनऊ से लेकर दिल्ली तक खूब मंथन हुआ. तमाम दावेदारों के नामों पर चर्चा हुई और अब योगी आदित्यनाथ के नाम पर मुहर लग गई है. आखिर कौन सी ऐसी वजहें रहीं जिससे योगी आदित्यनाथ यूपी की कुर्सी की रेस में सबसे आगे हो गए.

 

प्रचंड बहुमत से BJP की हिचकिचाहट खत्म
403 में 325 सीटों पर जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ यूपी की सत्ता में आई बीजेपी के सामने सीएम के नाम को लेकर कोई दुविधा नहीं दिखी. कारण है बहुमत इतना बड़ा मिला कि मोदी और अमित शाह के सामने किसी के पक्ष में भी फैसले लेने की आजादी थी. सबसे बड़े दावेदार राजनाथ सिंह ने अपना नाम वापस ले लिया और इसके बाद योगी आदित्यनाथ केशव मौर्य और मनोज सिन्हा जैसे दावेदारों के पीछे छोड़ते हुए सीएम की रेस में सबसे आगे हो गए.

 

कट्टर हिंदुत्ववादी की छवि
योगी आदित्यनाथ संघ के भी करीबी माने जाते हैं. गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं और हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं. लव जेहाद और राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर वे अपना कट्टर रुख अक्सर दिखाते रहे हैं. हिंदू वाहिनी के जरिए आदित्यनाथ हिन्दू युवाओं को एकजुट कर सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी मुद्दों पर पूर्वांचल में माहौल अपने पक्ष में रखने में कामयाब रहे हैं. राम मंदिर निर्माण के वादे के साथ यूपी की सत्ता में आई बीजेपी के लिए योगी आदित्यनाथ की ये छवि काफी काम आ सकती है.

 

तगड़ी जमीनी पकड़ और लंबा राजनीतिक अनुभव
योगी आदित्यनाथ पांच बार से लगातार गोरखपुर के सांसद रहे हैं. योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लोकसभा सीट से 2014 में तीन लाख से भी अधिक सीटों से चुनाव जीते थे. 2009 में दो लाख से भी अधिक वोटों से जीत हासिल की थी. पूर्वांचल की 60 से अधिक सीटों पर योगी आदित्यनाथ की पकड़ मानी जाती है. बाकी के दावेदार यहीं योगी से पीछे छूट गए.

 

पूर्वांचल पर मोदी का फोकस
2014 में जब नरेंद्र मोदी वाराणसी से लोकसभा का चुनाव लड़ने उतरे थे तभी संकेत मिल गया था कि यूपी की जंग जीतने के लिए बीजेपी पूर्वांचल पर पूरा फोकस रखेगी. लोकसभा की 80 में से 73 सीटें बीजेपी और सहयोगियों ने जीत ली. अब विधानसभा चुनाव में भी पूर्वांचल की अधिकांश सीटें बीजेपी के खाते में गई हैं. ऐसे में सीएम पूर्वांचल से होगा इसके बारे में लंबे समय से कयास लग रहे थे. हालांकि, पहले मनोज सिन्हा का नाम आगे चल रहा था लेकिन आखिरी रेस में योगी उड़ान भरते दिखे.

 

 

भारतीय संस्कृति के ध्वजवाहक नायक
योगी आदित्यनाथ जो न केवल करोड़ो सनातन धर्मियों के आस्था के प्रतीक गोरखपीठाधीश्वर हैं अपितु देश खासकर उप्र में अंध तुष्टीकरण, आतंकी ं, जातिवादी व भ्रष्टाचारी ताकतों का मुंहतोड़ मुकाबला करके भारतीय संस्कृति के ध्वजवाहक नायक के रूप में विगत एक दशक से सिरमौर बने हुए है। परन्तु उनकी इसी कीर्ति से सत्ता प्रतिष्ठान आशंकित है, संकीर्ण पदलोलुपु जातिवादी ताकतें नहीं चाहती है कि योगी आदित्यनाथ जैसे प्रखर सनातनी धर्मध्वजवाहक के हाथों में सत्ता आये। क्योंकि योगी आदित्यनाथ के सत्तासीन होने के बाद प्रदेश में भारत को तबाह करने वाली ताकतें, जातिवादी ताकतें व भ्रष्टाचारियों को सर उठाने का असवर नहीं मिलेगा।

 

 

इसी कारण वे एकजूट हो कर योगी आदित्यनाथ की राह को रोके हुए है। संघ व भाजपा में योगी को कटरपंथी कहने वालों को नहीं मालुम कि जिसे वे कटरपंथ कह रहे हैं वह शताब्दियों से रौंदे गये सनातनी भारतीय की चित्कार है। भले देश प्रदेश में कई प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री हुए हो पर पीड़ित भारत में सावरकर, बाला साबह ठाकरे व योगी आदित्य नाथ जैसे स्पश्ट व जांबाज नेता भारतीय जनमानस के दिलों में राज करते है।भले ही योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के पद से वंचित किया जाये परन्तु एक सच्चा भारतीय जानता है कि भारत व भारतीय संस्कृति को बचाने का काम अगर कोई कर रहा है व कर सकता है तो वह योगी आदित्यनाथ।

 

 

 

 

26 साल की उम्र में बने थे सांसद

योगी आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह है. अजय सिंह का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के एक छोटे से गांव में हुआ था. उन्होंने गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित में बीएससी किया. वो गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं. आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं. वो हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं, जो कि हिन्दू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है.योगी आदित्यनाथ 1998 से लगातार गोरखपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. योगी यूपी बीजेपी के बड़े चेहरे माने जाते थे. 2014 में पांचवी बार योगी सांसद बने.

 

 

योगी ऐसे राजनीति में आए
उनके गुरु अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया. यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई. 1998 में गोरखपुर से 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे तो वह सबसे कम उम्र के सांसद थे, वो 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने.योगी आदित्यनाथ ने हिंदू युवा वाहिनी का गठन किया और धर्म परिवर्तन के खिलाफ मुहिम छेड़ दी. कट्टर हिंदुत्व की राह पर चलते हुए उन्होंने कई बार विवादित बयान दिए. योगी विवादों में बने रहे, लेकिन उनकी ताकत लगातार बढ़ती गई. 2007 में गोरखपुर में दंगे हुए तो योगी आदित्यनाथ को मुख्य आरोपी बनाया गया, गिरफ्तारी हुई और इस पर कोहराम भी मचा. योगी के खिलाफ कई अपराधिक मुकदमे भी दर्ज हुए.

 

 

वे गोरखपुर से लगातार 5 बार से सांसद

योगी आदित्यनाथ (जन्म 5 जून 1972) गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महन्त हैं। वे 2014 लोक सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर गोरखपुर से लोक सभा सांसद चुने गए। वे 1998 से लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं। वह हिन्दू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं, जो कि हिन्दू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है।योगी आदित्यनाथ का वास्तविक नाम अजय सिंह है। आदित्यनाथ बारहवीं लोक सभा (1998-99) के सबसे युवा सांसद थे। उस समय उनकी उम्र महज 26 वर्ष थी। उन्होंने गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित से बी.एस.सी किया है। उन्होंने धर्मांतरण (जैसे निम्न वर्ग हिंदुओं को ईसाई बनाना) गौ वध रोकने की दिशा में सार्थक कार्य किये हैं। वे गोरखपुर से लगातार 5 बार से सांसद हैं।

 

 

भारतीय जनता पार्टी के साथ रिश्ता एक दशक से पुराना
आदित्यनाथ के भारतीय जनता पार्टी के साथ रिश्ता एक दशक से पुराना है। वह पूर्वी उत्तर प्रदेश में अच्छा खासा प्रभाव रखते हैं। इससे पहले उनके पूर्वाधिकारी तथा गोरखनाथ मठ के पूर्व महन्त, महन्त अवैद्यनाथ भी भारतीय जनता पार्टी से 1991 तथा 1996 का लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।योगी आदित्यनाथ सबसे पहले 1998 में गोरखपुर से चुनाव भाजपा प्रत्याशी के तौर पर लड़े और तब उन्होंने बहुत ही कम अंतर से जीत दर्ज की। लेकिन उसके बाद हर चुनाव में उनका जीत का अंतर बढ़ता गया और वे 1999, 2004, 2009 व 2014 में सांसद चुने गए। योगी जी ने अप्रैल २००२ मे हिन्दु युवा वाहिनी बनायी जिसके कार्यकर्ता पूरे देश मे हिन्दु धर्म विरोधी कार्यो को रोकने का काम कर रहे है।

 

 

7 सितम्बर 2008 को सांसद योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला
7 सितम्बर 2008 को सांसद योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ था। इस हमले में वे बाल-बाल बच गये। यह हमला इतना बड़ा था की सौ से अधिक वाहनों को हमलावरों ने घेर लिया और लोगों को लहुलुहान कर दिया। आदित्यनाथ गोरखपुर दंगों के दौरान तब गिरफ्तार किया गया जब मुस्लिम त्यौहार मोहर्रम के दौरान फायरिंग में एक हिन्दू युवा की जान चली गयी। जिलाधिकारी ने बताया की वह बुरी तरह जख्मी है। तब अधिकारियों ने योगी को उस जगह जाने से मना कर दिया परन्तु आदित्यनाथ उस जगह पर जाने को अड़ गए। तब उन्होंने शहर में लगे कर्फ्यू को हटाने की मांग की।अगले दिन उन्होंने शहर के मध्य श्रद्धान्जली सभा का आयोजन करने की घोषणा की लेकिन जिलाधिकारी ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। आदित्यनाथ ने भी इसकी चिंता नहीं की और हजारों समर्थकों के साथ अपनी गिरफ़्तारी दी। आदित्यनाथ को सीआरपीसी की धारा 151A, 146, 147, 279, 506 के तहत जेल भेज दिया गया। उनपर कार्यवाही का असर हुआ कि मुंबई-गोरखपुर गोदान एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे फूंक दिए गए, जिसका आरोप उनके संगठन हिन्दू युवा वाहिनी पर लगा।यह दंगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के छह जिलों और तीन मंडलों में भी फ़ैल गए।उनकी गिरफ़्तारी के अगले दिन जिलाधिकारी हरि ओम और पुलिस प्रमुख राजा श्रीवास्तव का तबादला हो गया। कथित रूप से आदित्यनाथ के ही दबाव के कारण मुलायम सिंह यादव की उत्तर प्रदेश सरकार को यह कार्यवाही करनी पड़ी।

 

 

योगी आदित्यनाथ बनने की पूरी कहानी

दादरी हत्याकांड में अपने विवादास्पद बयानों के चलते बीजेपी के सांसद योगी आदित्यनाथ एक बार फिर सुर्खियों में हैं । खुद को हिॆंदुओं का रहनुमा बताने वाले योगी आदित्यनाथ  कभी लव जेहाद और धर्मांतरण को लेकर दिए बयानों के चलते पहले भी विवादों में रहे हैं। योगी जी बात उनके समर्थकों के लिए पत्थर की लकीर होती है। उत्तराखंड के एक छोटे से गांव में पैदा हुए एक साधारण से इंसान कैसे बन गए इतने बड़े योगी। आज हम आपको बता रहे हैं अजय सिंह के योगी आदित्यनाथ बनने की पूरी कहानी।योगी आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह है। उनका जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड में हुआ था, उन्होंने गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित में बीएससी किया है। वो गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं। आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं। वो हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं, जो कि हिन्दू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है।

 

योगी ऐसे राजनीतिक में आए

अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई है। 1998 में गोरखपुर से 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे तो वह सबसे कम उम्र के सांसद थे, वो 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने। 1998 से लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। योगी यूपी बीजेपी के बड़े चेहरे माने जाते थे। 2014 में पांचवी बार योगी सांसद बने। राजनीति के मैदान में आते ही योगी आदित्यनाथ ने सियासत की दूसरी डगर भी पकड़ ली, उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी का गठन किया और धर्म परिवर्तन के खिलाफ मुहिम छेड़ दी। कट्टर हिंदुत्व की राह पर चलते हुए उन्होंने कई बार विवादित बयान दिए। योगी विवादों में बने रहे, लेकिन उनकी ताकत लगातार बढ़ती गई। 2007 में गोरखपुर में दंगे हुए तो योगी आदित्यनाथ को मुख्य आरोपी बनाया गया, गिरफ्तारी हुई और इस पर कोहराम भी मचा। योगी के खिलाफ कई अपराधिक मुकदमे भी दर्ज हुए।

 

ऐसे बढ़ा योगी का कद

अब तक योगी आदित्यनाथ की हैसियत ऐसी बन गई कि जहां वो खड़े होते, सभा शुरू हो जाती, वो जो बोल देते हैं, उनके समर्थकों के लिए वो कानून हो जाता है यही नहीं, होली और दीपावली जैसे त्योहार कब मनाया जाए, इसके लिए भी योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर से ऐलान करते हैं, इसलिए गोरखपुर में हिुंदुओं के त्योहार एक दिन बाद मनाए जाते हैं। गोरखपुर और आसपास के इलाके में योगी आदित्यनाथ और उनकी हिंदू युवा वाहिनी की तूती बोलती है। बीजेपी में भी उनकी जबरदस्त धाक है। इसका प्रमाण यह है कि पिछले लोकसभा चुनावों में प्रचार के लिए योगी आदित्यनाथ को बीजेपी ने हेलीकॉप्टर मुहैया करवाया था।

 

योगी के विवादित बयान

1- दादरी हत्याकांड पर योगी ने कहा यूपी कैबिनेट के मंत्री (आजम खान) ने जिस तरह यूएन जाने की बात कही है, उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए। आज ही मैंने पढ़ा कि अखलाख पाकिस्तान गया था और उसके बाद से उनकी गतिविधियां बदल गई थीं। क्या सरकार ने ये जानने की कभी कोशिश की कि ये व्यक्ति पाकिस्तान क्यों गया था। आज उसे महिमामंडित किया जा रहा है।

2- अगस्त 2014 में लव जेहाद’ को लेकर योगी का एक वीडियो सामने आया था, जिसे लेकर काफी हल्ला मचा था। इस वीडियो में योगी आदित्यनाथ अपने समर्थकों से कहते सुनाई दे रहे थे कि हमने फैसला किया है कि अगर वे एक हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन करवाते हैं तो हम 100 मुस्लिम लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवाएंगे। बाद में योगी ने वीडियो के बारे में कहा कि मैं इस मुद्दे पर कोई सफाई नहीं देना चाहता। यह मीडिया की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे वीडियो दिखाने से पहले उनकी जांच कर ले।

3- फरवरी 2015 में योगी आदित्यनाथ ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि अगर उन्हें अनुमति मिले तो वो देश के सभी मस्जिदों के अंदर गौरी-गणेश की मूर्ति स्थापित करवा देंगे। उन्होंने कहा था कि आर्यावर्त ने आर्य बनाए, हिंदुस्तान में हम हिंदू बना देंगे। पूरी दुनिया में भगवा झंडा फहरा देंगे। मक्का में गैर मुस्लिम नहीं जा सकता है, वेटिकन सिटी में गैर ईसाई नहीं जा सकता है। हमारे यहां हर कोई आ सकता है।

4- योग के ऊपर भी विवादित बयान देते हुए योगी आदित्‍यनाथ ने कहा था कि जो लोग योग का विरोध कर रहे हैं उन्‍हें भारत छोड़ देना चाहिए। उन्होंने ने यहां तक कहा कि लोग सूर्य नमस्‍कार को नहीं मानते उन्‍हें समुद्र में डूब जाना चाहिए।

5- अगस्त 2015 में योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि मुस्लिमों के बीच ‘उच्च’ प्रजनन दर से जनसंख्या असंतुलन हो सकता है।

6- अप्रैल 2015 में योगी ने हरिद्वार में विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल ‘हर की पौड़ी’ पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी, जिसके बाद काफी बवाल मचा था।