udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news यह सत्य है ! जल संस्थान की पाइप लाइन से निकल रहे हैं सांप

यह सत्य है ! जल संस्थान की पाइप लाइन से निकल रहे हैं सांप

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लाइनें हुई चैक तो स्थानीय लोगों ने पाइप लाइनों को खोला ,लाइन खोलते ही निकले सांप और कीड़े ,पानी के जहरीले होने की भी बनी हैं संभावना ,80 लाख खर्च होने के बाद भी जनता को नहीं मिल रहा शुद्ध पानी ,जिलाधिकारी ने जांच का दिलाया भरोसा

रुद्रप्रयाग। अलकंनदा व मंदाकिनी के मुहाने पर बसे रुद्रप्रयाग वासियों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लाखों रूपये की लागत से लगाये गये वाॅटर फिल्ट्रेशन का कोई फायदा जनता को नहीं मिल पा रहा है, जिस कारण नगर की जनता दूषित पानी पीने को मजबूर है।

 

लगातार हो रही बारिश के कारण पेयजल लाइनों पर मिट्टी के साथ ही पत्थर, कीड़े-मकोड़े और सांप भी निकल रहे हैं, जिससे यह पानी न पीने लायक है और ना ही अन्य काम आ सकता है। पानी में सांप निकलने से पानी के जहरीले होने की भी संभावना बनी है। दरअसल, बरसात का मौसम शुरू होते ही नगर वासियों को पेयजल की चिंता सताने लगती है। जहां पेयजल की समस्या से जनता परेशान रहती है, वहीं दूषित पानी के कारण महामारी की संभावना भी बनी रहती है।

 

इन दिनों नगर क्षेत्र की जल संस्थान की पेयजल लाइनों में सांप और कीड़े निकल रहे हैं। पहले ही जनता दूषित पानी से परेशान थी कि अब पेयजल लाइनों से सांप निकलने से लोगों में दहशत बना हुआ है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रेखा सेमवाल ने कहा कि वर्ष 2013 में जल संस्थान ने मुख्य स्त्रोत पुनाड़ गदेरे पर लगभग 80 लाख रूपये खर्च कर फिल्टर लगाया, बावजूद इसके बरसात में हमेशा गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है।

 

इससे पेट संबंधी समेत कईं संक्रमण बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कहा कि मुख्य पेयजल स्त्रोत के गदेरे में पानी बढ़ने से पाइप लाइन टूट जाती है। इससे नगर में पानी की आपूर्ति भी अक्सर बाधित हो जाती है। जब नगर पालिका में पेयजल की समस्या का यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्रों में किस प्रकार पानी की सप्लाई होती होगी, यह भी सवाल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि नगर में फिल्टर व्यवस्था होने के बाद भी बरसात के दौरान गंदे पानी की आपूर्ति बनी रहती है।

 

इससे नगरवासियों को गंदे पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। कहा कि लाखों रूपये फिल्टर पर खर्च होने के बाद भी शहर में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। नगर की जनता अब जिलाधिकारी पर भरोसा जता रही है। वहीं इस संबंध में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने जांच को भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र की जनसंख्या अधिक है, जबकि फिल्टर की क्षमता कम है। जिस कारण पानी दूषित आ रहा है। व्यवस्था के तौर पर नगर की जनता को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जायेगी।

 

सोचनीय यह है कि जब जिला मुख्यालय में आला अधिकारियों के बैठने के बावजूद भी नगर की जनता को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है तो ग्रामीण जनता किस तरह से अपना गुजारा कर रही है। वाटर फिल्ट्रेशन के नाम पर हर वर्ष लाखों रूपये खर्च किये जाते हैं, लेकिन हासिल में डाक के तीन पात जैसी बनी हुई है। ऐसे में जरूरी है कि जिलाधिकारी को इस ओर ध्यान देते हुए नगर की जनता को राहत दिलानी चाहिए।

रोहित डिमरी

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