विधायक निधि एक करोड से बढ़ाकर 3 करोड़ 75 लाख रुपये करने की घोषणा

देहरादून। विधानसभा में मंगलवार को वह गजब हुआ जो आज तक कभी नही हुआ। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने बजट चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कई घोषणायें की तो उनमें एक यह भी थी कि विधायक निधि एक करोड रूपये बढाकर तीन करोड 75 लाख रूपये की जायेगी। हकबकाये विधायकों ने पहले तो जमकर मेजें थपथपाई और बाद में एक ओर से मांग आई कि इसे राउन्ड फीगर मेंं चार करोड कर दिया जाये।

 
असल मेंंं विधायकों पर यह आरोप है कि वे अपने वेतन-सुविधाओंं को लेकर एकमत हो जाते हैं तो एक आरोप विधायक निधि बढाते जाते हैं । हालांकि वर्तमान कैबिनेट मंत्री ने अपने पिछले विधायक कार्यकाल में एक बार कहा था कि राजनीति से भ्रष्टाचार तब तक समान्त नही होगा जब तक विधायक और सांसद निधि समाप्त नही की जाती क्योकि इसके कारण निर्वाचित जनप्रतिनिधि ठेकेदारी और कमीशन में जुट जाते हैं जबकि उसकी भूमिका निरीक्षण की होनी चाहिये ।

 

मजे की बात है कि इस बार सामान्य बजट चर्चा में या मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ंिसह रावत के हस्तक्षेप मेंं किसी ने भी विधायक निधि बढाने की मांग नही की थी । इसलिये मुख्यमंत्री की एकतरफा घोषणा ने सबको चकित कर दिया ।मुख्यमंत्री ने सुशासन के लिये फाइलों की ट्रेकिंग से लेकर सब सरकारी विभागों मेंं बायोमैट्रिक हाजिरी तक की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि भ्रश्टाचार को लेकर अपनी सरकार की जीरो टालरेंस नीति पर जोर देते हुए बताया कि आते ही हमने एनएच 74 की सीबीआई जांच की सिफारिश की लेकिन हम भी इसमें चुप नही बैठे और इसमें गिरफ्तारियां व बरामदगियां जारी हैं ।

 

उन्होने कहा कि काशीपुर में मैगा फूड पार्क स्थापित किया जायेगा । पलायन रोकने को मंत्रियों की समिति बनाई गई है । इसके अलावा उन्होने सदन में भी देहरादून में एक संस्कृति ग्राम स्थापित करने की घोषणा की ताकि जिनके पास पूरे राज्य में घूमने का समय नही है वे वहीं जाकर उत्तराखंड की संस्कृति की झलक देख सकेंं।

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