udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news वेंचर कैटेलिस्ट्स शामिल होगा स्टार्टअप इंडिया यात्रा के उत्तराखंड चैप्टर में

वेंचर कैटेलिस्ट्स शामिल होगा स्टार्टअप इंडिया यात्रा के उत्तराखंड चैप्टर में

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देहरादून। भारत के पहले व सबसे बड़े इंटीग्रेटेड इनक्यूबेटर, वेंचर कैटेलिस्ट्स ने भारत सरकार की अनूठी पहल स्टार्टअप इंडिया यात्रा के उत्तराखंड चैप्टर में भाग लेने की घोषणा की है।

इस प्रतिष्ठित ग्लोबल इन्वेस्टर नेटवर्क ने इवेंट में बतौर नॉलेज पार्टनर और एक इन्वेस्टर भाग लेने की पुष्टि की है। इवेंट में पहाड़ी राज्य के आठ शहरों के करीब 2000 स्टार्ट-अप उद्यमी शामिल होंगे। इसका ग्रांड फिनाले देहरादून में होगा।

स्टार्टअप इंडिया इनिशिएटिव के तहत, आयोजित हो रही स्टार्टअप इंडिया यात्रा का उद्देश्य टायर-2 और टायर-3 शहरों में उद्यमी क्षमता को प्लेटफार्म मुहैया कराना है। इन क्षेत्रों में मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करना है।

इस पहल के उत्तराखंड चैप्टर को हरी झंडी दिखाई राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह यात्रा आठ दिनों में रूडक़ी, हरिद्वार-ऋषिकेश, नरेंद्रनगर, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, गोपेश्वर, बागेश्वर और अल्मोड़ा से गुजरेगी। पिछले कुछ बरसों में, वीकैट्स ने भारत के टायर-2 और टायर-3 क्षेत्रों में मजबूत स्टार्ट-अप इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

कई बेहतरीन बिजनेस आइडिया को पोषण दिया। प्रतिभाशाली उद्यमियों के साथ तेजी से बढ़ते इन्वेस्टर नेटवर्क पर ध्यान दिया। वह भी खुद के आयोजित कॉन्क्लेव के जरिये। उसका राज्य सरकार से मौजूदा जुड़ाव इस लक्ष्य की ओर एक और कदम है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप को फंडिंग, मेंटरिंग, प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग औरध्या एंगेजमेंट और प्रसिद्ध निवेशकों के साथ इंडस्ट्री वेटरंस के साथ नेटवर्किंग अवसरों के लिए मदद करना है।

उनकी भागीदारी पर टिप्पणी करते हुए वेंचर कैटेलिस्ट्स के सह-संस्थापक डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा ने कहा, “टायर-2 और टायर-3 शहरों में स्टार्टअप इकोसिस्टम की ताकत को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए हमने उत्तराखंड सरकार के साथ हाथ मिलाया है क्योंकि वह स्टार्टअप इंडिया यात्रा पहल की ओर से मिले अवसर को भुनाने की कोशिश कर रही है।

राज्य में प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में इवेंट्स आयोजित कर, इस इनिशिएटिव ने हमें ब्रिलिएंट उद्यमियों तक पहुँचने की अनुमति दी है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से कनेक्टिविटी की कमी है, जिसकी वजह से पारंपरिक रूप से राज्य को नुकसान हुआ है लेकिन अब यह राज्य व्यापारिक अवसरों का गढ़ है।

टूरिज्म, ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर, एडवेंचर स्पोर्ट्स, ऑल्टरनेटिव मेडिसिन और ऊर्जा के गैर-पारंपरिक स्रोतों के दोहन के क्षेत्र में परिणामोन्मुखी प्रयास हो रहे हैं। हमें उम्मीद है कि हम इस में भारत में तेजी से बढते स्टार्टअप इकोस्फीयर के बारे में जागरुकता बढ़ा सकेंगे और इस क्षेत्र के हाई-पोटेंशियल बिजनेस आइडिया को कंसेप्ट से लेकर क्रियान्वयन तक हैंडहोल्डिंग कर सफलता दिला सकेंगे।

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