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उत्तराखंडः चाय के प्याले से सियासी तूफान के संकेत !

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उदय दिनमान डेस्कः उत्तराखंडः चाय के प्याले से सियासी तूफान के संकेत !बारिश और बर्फबारी की ठंडक के बीच उत्तराखंड से खबर आ रही है कि यहां चाय पर चर्चा के साथ सियासी तूफान में दून की वादियों में सत्ता के गलियारों में गर्मी ला दी हैं। सोशल मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार सत्ता की चौखट पर सियासत की गर्मी बढ़ गयी है।

 

आपको बता दें कि  देहरादून में ” चाय पर चर्चा” या ” इस बहाने ” सियासत पर चर्चा ” की खबर है । देहरादून दरबार  के प्याले में तूफान के संकेत तो नहीं ! खबरों के अनुसार भाजपा के एक कार्यक्रम के बाद सियात में गर्मी बढ़ गयी है। इसे कम इसलिए भी नहीं माना जा रहा है क्योंकि उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार अभी तक सिर्फ डबल इंजन ही है। वह पटरी पर दौढ़ता नजर नहीं आ रहा है। सरकार का मीडिया मैनेजमैंट भी फैल साबित हुआ है। सत्ता में अभी तक जो भी बैठे है वह सिर्फ अपना सिद्ध साधने में लगे हुए है। ऐसे में आम कार्यकर्ता और आम जन के अंदर सरकार के खिलाफ जो लो जल रही थी वह शायद विस्फोट के रूप में सामने आने लगी है। इसकी शुरूआत भाजपा से ही हुई है।

सोशल मीडिया पर उत्तराखंड की सियासत पर वरिष्ठ पत्रकार कुछ इस अंदाज में लिखते हैं कि- सुपर फास्ट ट्रेन के दौर में ” एक इंजन जेम्स वाट के जमाने का और एक जापान के नये दौर का , ऐसे में डब्बल इंजन का जोड़ा चल नहीं रहा है । ” छुक छुक ” वाली ट्रेन नहीं ” स्वींईंईंईं करती तेज गति से दौडती ट्रेन चाहिए बल राज्य को । ” ” च्या “चाह ” चाय की चस्कियों के बीच यह रहा चर्चा का बिषय । बल ।इसके साथ ही सोशल मीडिया पर सरकार की जमकर खिल्ली उड़ रही है।

 

सोशल मीथ्डया की खबरों की माने तो दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ 40 के करीब विधायक एक साथ चाय पर चर्चा करते हुए दिखे। इतने विधायकों का एक साथ आना अपने आप में सियासत में बगावत का संकेत दे रही है।। वैसे ीाी इससे पूर्व कुछ दिनों से कुछ विधायक सरकार की खिलाफत करने की खबरे भी आ रही थी। दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ कई विधायकों का एक मंच पर आना सियासत में अगावत की बू आना स्वाभाविक माना जा रहा है।

 

हालांकि इन खबरों का अभी तक किसी भी प्रकार से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वास्तव में चाय पर उत्तराखंड की चर्चा है या फिर सियात में बगावत। खैर जो भी हो होली से पहले राज्य की शांत वादियों में सत्ता के गलियारों में बगावत जैसी हवा हवा में ही सही पर आयी तो। क्योंकि इस राज्य में अभी तक ऐसा ही होता आया है। कोई भी सरकार बिना बगावत के अपना काम प नारायण दत्त तिवाडी के अलवाा पूरा कार्यकाल एक मुख्यमंत्री नहीं कर पाया चाहे वह कांग्रेस की सरकार रही हो या फिर भाजपा की। अब देखना यह है कि चाय पर यह चर्चा क्या गुल खिलाती है।

 

सोशल मीडिया पर चाय पर चर्चा प्रतिक्रियाएं

 

Digpal Gariya ~~~भाई जी मुख्यमंत्री पैदा करने की मशीन है उत्तराखंड में बीजेपी ऐसा नही करेंगे तो पूर्व मुख्यमंत्रियो की संख्या कैसे बढ़ेगी।

Kranti Bhatt तेल देंखे तेल की धार भी देखें सर
जाने आगे आगे होता है क्या

Rahul Gaur Sayad ye andesaa hai

Pushplata Hatwal क्या राजनीति रह गई ?
कभी चाय अभी पकौडा। चला आज बरखा झणमणाणी च लोगों चाय पकौडा खाण कु मन कनू होलू आज त चलली या चर्चा क्या ब्वन तब।
सुप्रभात।

Shishram Kanswal पैसे वालों के लिए
बुलेट ट्रेन, घर-घर हेलीकाप्टर सर्विस भी
पर ९५ प्रतिशत जनताSee More

Shishram Kanswal replied2 Replies13 mins

Lalitmohan Bisht इतनी ठंड में गर्म चाय की चुस्की में कुछ तो है ही

Tajbar Pharswan Cm

Kranti Bhatt क्य होलु । भगवान ही जाणदु

Ratan Singh Aswal हमरी बला से भैजी

चाय हो या हुस्की ,See More

Kranti Bhatt ” यु भी ठिक ब्वोली । आप न । ठाकुर साहब

Ratan Singh Aswal अर ज्यादा ही मन पसीज ग्या त डेनिस से ज्यादा की औकात ऊ हमरी समझदा भी निछन्न

Ajay Ajey Rawat अच्छा चाय पर चर्चा….! चाय की महक दिल्ली तक पहुंचेगी क्या..
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