उत्तराखंड में मार्च के बाद अतिथि शिक्षकों की सेवा होगी समाप्त !

रुद्रप्रयाग। पुनर्नियुक्ति की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों ने क्षेत्रीय विधायक भरत सिंह चौधरी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मार्च 2018 के बाद अतिथि शिक्षक बेरोजगार हो जायेंगे, जिससे उनके सम्मुख रोजगार का संकट खड़ा हो जायेगा। सरकारी स्कूलों में लगन और मेहनत से सेवा करने के बावजूद भी सरकार उनके लिए कोई ठोस योजना नहीं बना पा रही है। 

अतिथि संगठन के जिलाध्यक्ष अवधेश सेमवाल के नेतृत्व में विधायक भरत सिंह चौधरी से मिले अतिथि शिक्षकों ने कहा कि हाइकोर्ट के निर्देश के अनुसार गेस्ट टीचर मार्च 2018 के बाद तैनात जगहों से हट जायेंगे और शिक्षक पुनः बेरोजगार हो जायेंगे। अगर ऐसा हुआ तो गेस्ट टीचरों के सामने परिवार के लालन-पालन की समस्या खड़ी हो जायेगी।

लम्बे समय से शिक्षक दूरस्थ स्कूलों में सेवाएं देते आ रहे हैं और उन्हें हर बार परेशान किया जा रहा है। पिछली कांग्रेस सरकार में गेस्ट टीचरों को नियुक्ति मिली और भाजपा सरकार में शिक्षकों का उत्पीड़न हो रहा है। समय पर शिक्षकों को वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। कहा कि शीतकाल के अवकाश में भी गेस्ट टीचर पूरी मेहनत के साथ अतिरिक्त कक्षाओं को संचालित कर रहे हैं, जिससे छात्र बोर्ड परीक्षाओं में अव्वल आ सकें।

संगठन के उपाध्यक्ष जितेन्द्र करासी ने कहा कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में जब से अतिथि शिक्षक कार्य योजित हुए हैं, तब से उन्हें वेतन नहीं मिला है। उन्होंने विभाग से जल्द से जल्द वेतन आहरित करने की मांग की। साथ ही अतिथि शिक्षकों ने सुरक्षित भविष्य के लिए सरकार से ठोस नीति बनाने को कहा, जिससे शिक्षक पूरी निष्ठा से कार्य भी कर सकें और उनका मानसिक उत्पीड़न न हो सके।

क्षेत्रीय विधायक भरत सिंह चौधरी ने शिक्षकों को आश्वास्त किया कि उनकी पीड़ा को सरकार तक पहुंचाया जायेगा और समस्या का हल निकाला जायेगा। इस मौके पर विनय जगवाण, पंकज, अखिलेश गोस्वामी, भरत नेगी, महेन्द्र खत्री, रविन्द्र जग्गी सहित कई मौजूद थे।