udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news टोयटा कोरोला कार में मिली 18 लाख रुपये के नये नोट

टोयटा कोरोला कार में मिली 18 लाख रुपये के नये नोट

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नोएडा। एंटी टेरेरिस्ट स्कवायड (एटीएस) और आयकर विभाग की ज्वाइंट टीम ने  सेक्टर 57 के पास एक कार से 18 लाख की नई करेंसी व एक-एक हजार के 10 नोट बरामद किए। हरियाणा के रहने वाले तीन युवक भी इस दौरान हिरासत में लिए गए हैं। तीनों युवक कार में करेंसी लेकर घूम रहे थे। यूपी एटीएस के डीएसपी डॉ. अनूप सिंह ने बताया कि शनिवार शाम को मुखबिर से एक कार में नकली करेंसी होने की सूचना मिली। आशंका थी कि नई करेंसी भी हो सकती है। इस वजह से आयकर विभाग को सूचना दी गई। ज्वाइंट टीम सूचना के आधार पर टीम सेक्टर 57 स्थित बिशनपुरा गांव के पास पहुंची। वहां जांच के दौरान हरियाणा नंबर की एक सफेद रंग की कार सवार तीन युवक पकड़े गए और कार से 18 लाख की नई करेंसी और एक-एक हजार के 10 नोट बरामद हुए। नई करेंसी के सभी नोट दो-दो हजार रुपये के नोट हैं। इसके बाद आयकर की टीम पकड़े गए इन युवकों को लेकर कोतवाली सेक्टर 58 लेकर पहुंची। एटीएस के डीएसपी ने बताया कि पकड़े गए दो युवकों में महेन्द्र व प्रवीन हिसार, जबकि विनय जींद हरियाणा का रहने वाला है। इन युवकों से अभी आयकर की टीम पूछताछ कर रही है। इतनी बड़ी तादात में इनके पास नई करेंसी कहां से पहुंची और यह लोग करेंसी लेकर क्यों आए थे, अभी यह साफ नहीं हो सकी है। पूछताछ में इन युवकों ने कार खरीदने के लिए पैसा लेकर आने की बात कह रहे हैं, लेकिन वह लगातार अपना बयान बदल रहे हैं। बताया जा रहा है कि पकड़े गए युवक प्रापर्टी कारोबार से जुड़े हैं। इनके साथ तीन साथी भी वहां मौजूद थे, लेकिन वह भागने में कामयाब रहे। हालांकि एटीएस ने इनके किसी साथी के मौके से भागने की बात से इन्कार किया है। सूत्रों के अनुसार यह युवक करेंसी एक्सचेंज के धंधे में संलिप्त है। ग्रेटर नोएडा में भी इनके द्वारा करेंसी एक्सचेंज करने की बात सामने आ रही है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। एटीएस का कहना है कि पकड़े गए युवक लगातार बयान बदल रहे हैं, जिसके वजह से स्थिति साफ नहीं हो सकी है। कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। आयकर की टीम इनसे पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। इसके बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।

बंद हुए नोटों से हैदराबाद में खरीदा गया 2700 करोड़ रुपये का सोना

हैदराबाद । नोटबंदी के एलान के बाद अकेले हैदराबाद में ही करीब 2700 करोड़ रुपये का सोना खरीदा गया है। यह खरीद 8 नवंबर से लेकर 30 नवंबर के बीच हुई है। अब इस खरीद पर प्रवर्तन निदेशालय की निगाहें लगी है। ईडी के मुताबिक यह सोना बिस्किट के रूप में खरीदा गया है।  हैदराबाद में इस दौरान करीब आठ हजार किग्रा सोना आयात किया गया था। नोटबंदी के बाद 1 दिसंबर से 10 दिसंबर तक करीब 1500 किग्रा सोना आयात किया गया। इसका इस्तेेमाल कालेधन को सफेद बनाने में किया गया। ईडी के मुताबिक नोटबंदी के एलान के बाद सोना खरीद कर कालाधन रखने वाले लोगों ने अपने पैसे को सफेद बनाने का किया है। ईडी के मुताबिक आयकर विभाग इस बात का पता लगाएगा कि कहीं ज्वैलर्स ने कालेधन को सफेद बनाने के चक्कर में पुरानी करेंसी को तो स्वीकार नहीं किया है। अगर ऐसा हुआ है तो यह कानून का उल्लंघन है। हैैदराबाद के ज्वैलर ने माना है कि नोटबंदी के बाद उसके पास में सोने की मांग बढ़ी और कुछ ने सोना खरीद को लेकर एडवांस्ड पेमेंट तक भी दी थी। इस तरह के करीब 5200 ग्राहकों की बात ज्वैलर ने स्वीकार की है। उसके मुताबिक 8-9 नवंबर को देर रात तक दुकान खोली गई थी। इसकी जानकारी देने वाले मुसद्दीलाल ज्वैलर्स ने इस दौरान करीब सौ करोड़ रुपये बैंक में जमा करवाए और चार अलग अलग ज्वैलर्स को यह ट्रांसफर भी किए। ईडी के मुताबिक उन्होंने नोटबंदी के एलान के कुछ घंंटोंं के बाद ही 100 करोड़ रुपये का सोना बेच दिया। इसकी जांच के दौरान ईडी ने यह भी पाया है कि सबूत मिटाने के मकसद से दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी डिलीट करने की कोशिश की गई। इस बात का पता तब चला जब ईडी ने पड़ोस की दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटे खंगाली। इस दौरान पता चला कि फुटेज में देर रात तक दुकान खुलने और ग्राहकों के आने जाने जैसी कोई सामग्री इसमें नहीं थी। गौरतलब है कि हैदराबाद में डायमंड इंडिया, एमएमटीसी, एमडी ओवरसीज लिमिटेड, स्टेट ट्रेडिंग कार्पोरेशन जैसे एक्सिस, बैंक ऑफ नोवा स्कोटिया, इंडस इंड, यैस बैंक, आईसीआईसीआई, एसबीआई, एचडीएफसी और कोटेक महेंद्रा के माध्यम से आयात किया जाता है।

 लखीमपुर में कस्टम अफसर के होटल के कमरे से लाखों रुपए बरामद

लखीमपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में काला धन पर अंकुश लगाने को दिन रात एक कर रहे हैं, लेकिन सरकारी कर्मचारी ही काला धन को सफेद करने में लगे हैं। बीते कई दिन में भारतीय रिजर्व बैंक के साथ ही अन्य बैंक के अधिकारी गिरफ्त में आए हैं। इनके बीच पुलिस ने पलिया में कस्टम अधिकारी के पास से लाखों रुपए की मुद्रा बरामद की है। भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी को रोकने के लिए तैनात अधिकारी ही मुद्रा के हेरफेर में लगा है। एसडीएम शादाब असलम, सीओ जितेंद्र सिंह और कोतवाल की टीम ने बीती रात पलिया की बाईपास रोड स्थित रूपम होटल ने छापा मारा। यहां पर कस्टम अधीक्षक ब्रजेश यादव, कस्टम अधीक्षक अब्बासी और कस्टम इंस्पेक्टर आरके सिंह के पास से नेपाली और भारतीय मुद्रा बरामद की है। कस्टम अधिकारी करीब डेढ़ साल से इस होटल में रह रहे थे। 15 दिनों बाद आरके सिंह और ब्रजेश छुट्टी से वापस आए थे। उनके कमरे से 6 .69 लाख नेपाली और करीब 47 हज़ार भारतीय मुद्रा बरामद की गई है। इस कमरे तथा होटल की पुलिस ने करीब पांच घंटे तक छानबीन की। पता चला है लखीमपुर में नेपाली नोट को भारत की मुद्रा में बदलने का बड़ा रैकेट काम कर रहा है। आज के छापा में पुलिस को छह लाख रुपए की नेपाली मुद्रा तथा 46 हजार रुपए की भारतीय मुद्रा मिली है। अब पुलिस इस कस्टम अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी में है। गौरतलब है कि परसों लखीमपुर खीरी के एक चौराहा पर दो-दो हजार के साथ ही हजार तथा पांच सौ रुपए के नोट किसी वाहन से गिरे थे। नोट को लूटने के लिए चौराहे पर लोग टूट पड़े थे। इसके बाद से ही पुलिस अपने अभियान में सक्रिय हो गई। आज उसे बड़ी सफलता मिली है।

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