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…तो इसलिए काजोल की बेटी नहीं देखती उनकी फिल्में

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पिछले कुछ समय में बॉलिवुड के कई ऐक्टर्स ने हॉलिवुड की मशहूर फिल्मों के हिंदी वर्जन में अपनी आवाज दी है। इस कड़ी में नया नाम अभिनेत्री काजोल का है। काजोल ने हॉलिवुड फिल्म इन्क्रेडिबल्स 2 में हेलेन पार उर्फ इलास्टीगर्ल के किरदार के लिए आवाज दी है। इसी सिलसिले में हमने उनसे बॉलिवुड और हॉलिवुड के रिश्ते पर की यह बातचीत…

आजकल के बच्चों को हॉलिवुड की फिल्में ज्यादा पसंद आती हैं। इस फिल्म से जुडऩे पर आपके बच्चों युग और न्यासा की क्या प्रतिक्रिया रही? क्या वे आपकी फिल्मों और ऐक्टिंग पर कोई फीडबैक देते हैं?
न्यासा का तो मैंने पहले भी कहा है कि उसे लगता है कि मैं बहुत रोने वाली फिल्में करती हूं, तो उसने तय कर लिया है कि उसे मेरी फिल्में देखनी ही नहीं है। वैसे, युग और न्यासा इन्क्रेडिबल्स 2 देखने को लेकर बहुत एक्साइटेड हैं, क्योंकि उन्होंने पहली इन्क्रेडिबल्स भी देखी है और दोनों को वह बहुत पसंद आई थी। जल्द ही वे दोनों मेरे साथ फिल्म का ट्रायल देखने वाले हैं, जिसे लेकर वे बहुत उत्साहित हैं।

आपका पसंदीदा हॉलिवुड किरदार कौन है कोई ऐसा किरदार है, जो आप निभाना चाहेंगी?
मैं निभाना तो कोई भी किरदार नहीं चाहूंगी, लेकिन मुझे सभी सुपरहीरोज पसंद हैं। हालांकि, मेरा सबसे पसंदीदा किरदार है सुपरमैन, क्योंकि मैं बचपन से सुपरमैन कॉमिक्स पढ़ती आ रही हूं। मैंने फर्स्ट सुपरमैन, सेकंड सुपरमैन फिल्में लगातार देखी हैं। मेरे हिसाब से वह अल्टीमेट सुपरहीरो है।

आजकल बहुत से बॉलिवुड ऐक्टर्स हॉलिवुड फिल्मों के लिए डबिंग कर रहे हैं। यह उस ऐक्टर और फिल्म के लिए किस तरह फायदेमंद है?
ऐक्टर के लिए तो एक और फिल्म की रिलीज हो जाती है (हंसती हैं)। लेकिन जहां तक उस हॉलिवुड फिल्म की बात है, तो मेरे ख्याल से सभी कोशिश कर रहे हैं कि अगर डबिंग कराएं, तो किसी बड़े नाम से कराएं। ऐसा इसलिए, क्योंकि उनको एक ऐसी आवाज मिल जाती है, जिससे लोग कनेक्ट कर सकें, जिसे लोग पहचानते हैं। ऐसे में, जब लोग पिक्चर देखने जाते हैं, तो उनको सुनने में लगता है कि अरे, ये इसकी आवाज है। इसके अलावा, पब्लिसिटी ऐंगल भी है। ऐसा करके आप फिल्म को प्रमोट कर सकते हैं, वरना किसको बुलाओगे स्टेज पर, इलास्टीगर्ल को? (फिर हंसती हैं)।

अपनी फिल्मों की डबिंग के मुकाबले इस फिल्म की डबिंग किस तरह अलग रहीं?
ये थोड़ा सा मुश्किल था, क्योंकि एक तो यह दूसरी भाषा में है। एक भाषा से दूसरी भाषा में आप डब कर रहे हैं। ये आपकी बातचीत का तरीका नहीं है। ऐसा करते समय मतलब नहीं बदलना चाहिए। एक्सप्रेशन भी सही होना चाहिए, तो हां, कुछ क्राइटिरिया थे, जो हमने फॉलो किए। लेकिन आखिर में मैं यह कह सकती हूं कि मैं इलास्टीगर्ल थी। कितने लोग ऐसा कह पाते हैं!

इन दिनों हॉलिवुड फिल्में भारत में बहुत अच्छा बिजनेस कर रही हैं। माना जा रहा है कि ऐसा चलता रहा तो वे बॉलिवुड फिल्मों को टेकओवर कर लेंगी। आपका क्या मानना है?
मुझे लगता है कि अगर हॉलिवुड हमारे बॉलिवुड को टेकओवर करने वाला है, तो बॉलिवुड भी हॉलिवुड को टेकओवर करने वाला है। नहीं, मेरे हिसाब से टेकओवर नहीं करेगा, लेकिन यह हमारी इंडस्ट्री में एक अच्छा बदलाव लेकर आ रहा है। अगर लोग हॉलिवुड की पिक्चरें देखते हैं, तो वे जानते हैं कि इन फिल्मों का एक लेवल है। अब अगर हम हिंदी फिल्म बनाएंगे, तो हमें भी उसी लेवल पर फिल्म बनानी पड़ेगी।

हमें भी अपने स्टैंडर्ड ऊपर करने पड़ेंगे। अब आप मीडियॉकर फिल्म बनाकर काम नहीं चला पाएंगे और मुझे लगता है कि यह फिल्म इंडस्ट्री के फायदे की ही बात है। जहां तक हिंदी फिल्मों की बात है, हिंदी फिल्में भी निश्चित तौर पर इंटरनैशनल प्लेटफॉर्म पर अच्छा कर रही हैं। इसकी वजह यह है कि एक जो गैप या लाइन थी हमारे बीच, वो कम हो रही है, तो जब आप इंटरनैशनल सिनेमा की बात करते हैं, तो अगर हम जर्मन फिल्म देख रहे हैं, तो वे मराठी फिल्म देख रहे हैं, हिंदी फिल्में देख रहे हैं, पंजाबी फिल्में देख रहे हैं। इसीलिए, मैं कह रही हूं कि हॉलिवुड और बॉलिवुड के बीच जो एक लाइन होती थी, वह धीरे-धीरे खत्म हो रही है।

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