udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news कही घर का भेदी लंका न ढा दें!

कही घर का भेदी लंका न ढा दें!

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देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा और कांगे्रस दोनों ही राजनैतिक दलों में आशंका जताई जा रही कि, भितरघाती पार्टी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

काबिले गौर है कि इस बार विधानसभा टिकट बंटवारे में दोनों ही पार्टियों ने अपने एजैंडे को छोड़कर दल बदलुओं पर दांव लगाया है। जिससे मतदाता असमंजस में हैं। कल तक एक दूसरे को खरी खोटी कहने वाले नेता आज अपनी पार्टी के सैंबल पर विधानसभा चुनाव में ताल ठोंक रहे हंै जिसको लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी रोष उपजा हुआ है।

कांगे्रस और भाजपा दोनों ही राजनैतिक दलों ने एक दूसरे की पार्टी छोड़कर आए बागियों को टिकट दे दिया है। जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भी गुबार भरा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने कांगे्रस से बगावत करने वाले सभी पूर्व विधायकों को अथवा उनके परिजनों को टिकट दिया है। बताया जाता है कि ग्रास रूट लेवल का कार्यकर्ता इससे खासा नाराज है।

सूत्र बताते हैं कि कांगे्रस व भाजपा दोनों की ही ओर से चुनाव पूर्व जो सर्वे कराया गया था, उसकी रिपोर्ट चौंकाने वाली है। बताया जाता है कि मतदाता इस बार दोनों ही दलों से दूरी बनाने में दिलचस्पी ले रहा है। और इस बार ‘नोटा का प्रयोग कर सकते हैं। जिसको लेकर सर्वे करने वाली एजेंसी ने दोनों ही दलों को सचेत किया है।

वहीं कांगे्रस के लिए फिलहाल बेरोजगारी कार्ड भत्ता का दांव सिरदर्दी बना हुआ है। कांगे्रस ने चुनाव से पूर्व जिस ट्रंप कार्ड को चलकर मतदाताओं को रिझाने के लिए बेरोजगारी भत्ता कार्ड का दंाव चला, वह कांगे्रस के लिए ही सिरदर्द का सबब बन गया है। चुनाव आयोग ने इस पर रोक लगाने के बावजूद भी बेरोजगारी भत्ता कार्ड सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। प्रतिदिन सैकड़ों बेरोजगार इस भत्ता कार्ड को ऑनलाइन भर रहे हैं। जिससे अब कांगे्रस के लिए मुश्किलें बढऩा तय है।

यदि संयोग से प्रदेश में कांगे्रस की सरकार बनती है तो अपने इस दांव को पूरा करने के लिए कांगे्रस को राज्य में करोड़ों रूपए का बंदोबस्त करना होगा। 3 हजार करोड़ के राजस्व घाटे के बावजूद अपने इस दांव को पूरा करने के लिए कांग्रेस को फंडिंग कहां से होगी, यह भी एक यक्ष प्रश्न है। जीएसटी लागू हो जाने के बाद सभी कर एक दायरे में आ जाएंगे, और राज्य सरकार बेरोजगारी भत्ता कार्ड के अपने वचन को पूरा करने के लिए कौन सा नया कर जनता पर डालेगी, यह भी देखना होगा।

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