udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news तीन कुमाऊं राइफल्स की स्थापना के 100 साल पूरे , डाक टिकट जारी

तीन कुमाऊं राइफल्स की स्थापना के 100 साल पूरे , डाक टिकट जारी

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पिथौरागढ़ । थल सेना प्रमुख बिपिन रावत आज उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने तीन कुमाऊं राइफल्स के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम शिरकत की। उन्होंने सेना की शानदार परेड की सलामी भी ली। बिपिन रावत ने तीन कुमाऊं के 100 साल पूरे होने पर डाक टिकट भी जारी किया।

 

तीन कुमाऊं राइफल्स की स्थापना के सौ सालों के इतिहास को विशाल गौरवशाली बताते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि कुमाऊं राइफल्स ने इतने सालों में बड़े-बड़े मुकाम हासिल किये हैं। लिहाजा इतिहास को संजोकर बेहतर भविष्य के निर्माण मे सेना को अपना सर्वाच्च देने का प्रण लेना होगा तभी हमारी विशाल गौरवशाली परम्पराओं का सम्मान हो सकेगा।

 

जनरल रावत ने पहाड़ों के दूरस्थ इलाकों मे रहने वाले पूर्व सैनिकों उनके परिजनों को सेना द्वारा बेहतर सेवाएं देने की भी बात कही। रावत ने कहा कि अपने वर्तमान को जिन लोगों ने देश के लिये अपना जीवन लगाया है, सेना से रिटायरमेंट के बाद उनकी और उनके परिजनों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसे सेना को सुनिश्चित करने की जरूरत है और सेना इसपर बेहतर परिणाम भी देगी। वहीं, पूर्व सैनिकों भी अपने बीच सेना प्रमुख को पाकर खुश नजऱ आये।

 

पूर्व सैनिकों ने इसे अपने जीवन का यादगार दिन बताया। इस दौरान उन्होंने अपने सेवाकाल के समय को भी याद किया। तीन कुमाऊं राइफल्स की इस शताब्दी वर्ष के आयोजन में पूर्व सैनिकों, उनके परिजनों सहित सैकड़ों लोगों ने शिरकत की। गौर हो कि 23 अक्तूबर, 1917 को अल्मोड़ा के सितोली गांव में तीन कुमाऊं राइफल्स की स्थापना हुई थी। तीन कुमाऊं के जवानों ने दो विश्व युद्धों के साथ पाकिस्तान और चीन के खिलाफ भी युद्ध में अपना पराक्रम दिखाया था।

 

तीन कुमाऊं को आजादी से पहले 28 पदक और आजादी के बाद 166 पदक मिले हैं। इस रेजीमेंट के वीर सपूत को देश का पहला परमवीर चक्र मिला था। इसी रेजीमेंट ने देश को तीन सेनाध्यक्ष भी दिए हैं। ज़मीनी विवाद में चले लाठी-डंडे, धारदार हथियारों से एक दूसरे पर किया वाररुडक़ी। जौरासी गांव में ज़मीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर लाठी डंडे और धारदार हथियार चले। हंगामा इतना बढ़ा कि गांव में अफरा तफरी मच गई। इस मारपीट में दोनों पक्षों के आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत को नाजुक देखते हुए हायर सेन्टर रेफर कर दिया गया है।

 

गांव में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी गांव की घटना की पल-पल नजऱ रख रहे हैं। कुछ घायलों का उपचार रुडक़ी के सिविल हॉस्पिटल में चल रहा है। मामले में एक पक्ष के लोगों का कहना है कि गांव के कुछ दबंग लोग ज़मीन पर कब्ज़ा करना चाहते हैं, तीन दिन पहले भी सिविल लाइन कोतवाली में इसकी शिकायत की थी अगर पुलिस सख्ती दिखाती तो आज झगड़ा न होता।

 

उनका कहना है कि आज जब वो अपनी ज़मीन पर पहुंचे तो दूसरे पक्ष के एक दर्जन लोगों ने अचानक धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी है। गौरतलब है कि पहले भी गांव में ज़मीन को लेकर बड़ा विवाद हो चुका है, जिसमे काफी लोग घायल हुए थे। पुलिस तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

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