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टाटा स्टील एनसीडी से जुटाएगी 12 हजार करोड़

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मुंबई । टाटा स्टील नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स से 12 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को शनिवार को यह जानकारी दी थी।

कंपनी इसके लिए 20 जुलाई की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में शेयरहोल्डर्स से मंजूरी लेगी। इससे पहले टाटा स्टील ने राइट्स इश्यू से मार्च में 12 हजार 800 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी ने तब ओडिशा में कलिंगनगर प्लांट की कैपेसिटी बढ़ाने के लिए फंड जुटाया था।

टाटा स्टील ने एनुअल रिपोर्ट में बताया था, हम कंपनी के ग्रोथ प्रोजेक्ट्स के हिसाब से फंड की जरूरत की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। हम यह भी देख रहे हैं कि कितने कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरत है। कंपनी के मैनेजमेंट ने कलिंगनगर प्लांट और भूषण स्टील के 35 लाख टन के प्लांट को खरीदने के संदर्भ में यह बात कही थी।

भूषण स्टील को दिवालिया अदालत में चल रही प्रक्रिया के तहत टाटा स्टील ने खरीदा है। वित्त वर्ष 2018 में राइट्स इश्यू के अलावा टाटा स्टील की सब्सिडियरी एबीजेए इनवेस्टमेंट कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार से अनसिक्योर्ड बॉन्ड के जरिये 1.3 अरब डॉलर की रकम जुटाई थी।

कंपनी ने एनुअल रिपोर्ट में कहा है कि इन इश्यू की सफलता से पता चलता है कि निवेशक टाटा स्टील की लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजी पर भरोसा करते हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि समय-समय पर इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो की समीक्षा के तहत कंपनी ने कुछ विनिवेश करके 3,500 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

टाटा स्टील कलिंगनगर प्लांट की क्षमता को 30 लाख टन से बढ़ाकर 80 लाख टन कर रही है। उसने भूषण स्टील को 35,200 करोड़ रुपये में खरीदा है। वहीं, भूषण पावर एंड स्टील के लिए जिन दो कंपनियों ने आखिरी बोली लगाई है, उनमें से एक टाटा स्टील है। टाटा ग्रुप की कंपनी ने उसके लिए 17,000 करोड़ रुपये का ऑफर दिया है।

कंपनी की नजर कोलकाता बेस्ड उषा मार्टिन के स्पेशियलिटी स्टील बिजनेस पर भी है। कंपनी की फंडिंग योजनाओं के बारे में एमके सिक्योरिटीज के मेटल एनालिस्ट गौतम चक्रवर्ती ने कहा, कई चीजें एक साथ हो रही हैं। इसलिए टाटा स्टील को अलग-अलग रास्तों से फंड की जरूरत है।

मुझे नहीं लगता कि इसके लिए कंपनी में प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे। प्रमोटरों की टाटा स्टील में 33 पर्सेंट हिस्सेदारी है, जो कम मानी जाती है। इसलिए टाटा ग्रुप कंपनी में अपने हिस्से के शेयर बेचकर फंड नहीं जुटाएगा।

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