udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news स्थानांतरणोंं मेंंं सुनवाई न होने से नाराज हैं मंत्री-विधायक

स्थानांतरणोंं मेंंं सुनवाई न होने से नाराज हैं मंत्री-विधायक

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देहरादून । एक ओर भाजपा विधायक और मंत्री तक स्थानांतरणोंं मेंं नौकरशाही की मनमानी और अपनी उपेक्षा की बात केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने की तैयारी में बताये जा रहे हैं तो दूसरी ओर पार्टी संगठन का इरादा कुछ और ही दिख रहा है।

 

विधानसभा तो अपने विधायकों ,विशेषकर नवनिर्वाचित विधायकोंं को विधानसभा के कार्यव्यवहार के लिये ंंप्रबोधन कार्यक्रम तैयार नही कर पाई लेकिन सत्तारूढ दल भारतीय जनता पार्टी ने अपने मंत्रियोंं और विधायको को भ्रष्टाचार रहित सुशासन का प्रशिक्षण देने का विधिवत कार्यक्रम बना चुकी है।

 

इसमेंं 27 जुलाई से हाल ही मेंं सरकार को अपने विभाग से संबंधित केंद्रीय योजनाओंं के क्रियान्वयन पर दर्पण दिखाकर गये वैकया नायडू, वित्त मंत्री अरूण जेटली, रविशंकर प्रसाद और डाक्टर महेश शर्मा आदि के अलावा राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल और सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश के साथ प्रदेश प्रभारी पार्टी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू आदि रहेंगेंं । कार्यक्रम मेंं भाजपा से पांचोंं लोकसभा सदस्य भी रहेंगेंं।

 

याद रहे, हाल ही मेंंं पार्टी पदाधिकारियोंं का पार्टी के वैचारिक अधिष्ठान मेंं निष्णात करने को चार दिन का शिविर लगा चुकी है । ऐसे शिविर जिला,ब्लाक और ग्राम-वार्ड स्तर तक आयोजित होने है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भटट के अनुसार मंत्री और विधायक मूलत: हैं तो पार्टी कार्यकर्ता ही । बस अब उनके पास संवैधानिक पद हेंंैं ।

 

उन्हे इस तरह प्रशिक्षित किया जा रहा है कि वे सरकार और जनता के बीच उचित संतुलन बनाकर चल पायेंं । पार्टी के वरिष्ठ महामंत्री नरेश बंसल के अनुसार पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उसकी सरकार की हर नीति और कार्यक्रम के केंद्र मेंंं पंडित दीन दयाल उपाध्याय के दिये विचार अंत्योदय को रखा जाये । इसलिये विधायिकों के प्रबोधन को ऐसे नेताओं को बुलाया जा रहा है जिन्होने न केवल पार्टी खडी की बल्कि जो सरकार भी उसी दक्षता से चला रहे हैं ।

 

दूसरी ओर,खबरें हैं कि विधायकोंं और यहां तक कि कई मंत्रियों तक के बीच इसे लेकर असंतोष है कि अफसर उनकी फीडबैक और सिफारिशों को तो नियम कायदे बताकर किनारे कर देते हैं लेकिन खुद ट्रांसफर-पोस्टिंग में किसी नियम-कायदे का पालन नही करते । इससे जनता के बीच बेहद गलत संदेश जा रहा है। यहां तक कि उन लिये मुख्यमंत्री के निर्देश भी कोई अर्थ नही रखते ।

 

हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट इस चर्चा को निहित स्वार्थों की अफवाह बताते हुए देर नही लगाते । उनके अनुसार किसी ने भी इस बारे में उनसे चर्चा तक नही की है। लेकिन एकाधिक विधायकों ने अपना नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर कहा कि इस बारे में तो मंत्री तक लाचारी दर्शा रहे हैं और अब यह सब केंद्रीय नेतृत्व को बताये बिना काम नही चलेगा।

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