स्टार्टअप्स: रफ्तार देने के लिए होगी राहतों की बौछार !

नई दिल्ली। चुनावी साल में सरकार स्टार्टअप्स को रफ्तार देना चाहती है। इसके लिए वह स्टार्टअप्स के लिए फंड जुटाना अब आसान बनाने जा रही है और साथ में कुछ राहत भी देने जा रही है।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय के दखल के बाद इनकम टैक्स विभाग और उद्योग मंत्रालय स्टार्टअप्स को एंजेल टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत देने की तैयारी में हैं। इससे अब स्टार्टअप्स को निवेश के लिए रकम जुटाना आसान होगा। स्टार्टअप्स को एंजेल टैक्स में कुछ शर्तों के साथ छूट मिलेगी।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक के बाद इसपर सहमति बनी है। आईटी विभाग और उद्योग मंत्रालय प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस पर सीबीडीटी चेयरमैन और डीआईपीपी सचिव के साथ बैठक हुई है।

स्टार्टअप की परिभाषा की भी समीक्षा की जा रही है। जानकारी मिली है कि टैक्स छूट पाने वाले स्टार्टअप्स का दायरा बढ़ाया जाएगा। एक तय रकम तक के निवेश पर एंजेल टैक्स नहीं लगेगा। व्यक्तिगत तौर पर किए गए निवेश पर भी एंजेल टैक्स नहीं लगेगा। वाजिब कीमत से ज्यादा पर शेयर खरीदने पर एंजेल टैक्स लगेगा और 2016 से पहले बने स्टार्टअप्स को एंजेल टैक्स का नोटिस भेजा जाएगा।

क्या है एंजेल टैक्स
इसके मायने हैं कि अगर कोई बाहर से स्टार्टअप्स में निवेश करता है तो उस पर सरकार टैक्स लगाती है। 10 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश पर एंजेल टैक्स लगता है। सूत्रों के अनुसार सरकार एंजेल टैक्स की दर को कम करके 20 फीसदी पर ला सकती है। इसके अलावा एंजेल टैक्स के लिए निवेश राशि की सीमा को 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये किया जा सकता है।

इसका मतलब कि अगर कोई म्युचुअल फंड या कोई फिर संस्थागत निवेश स्टार्टअप्स में 20 करोड़ रुपये का तक का निवेश करेगा तो उसे एंजेल टैक्स नहीं देना होगा। रॉकमेट्रिक इनोवेशंस के एमडी और सीईओ निमेश मेहता का कहना है कि स्टार्टअप इंडिया में अभी कई दिक्कतें है। देश की आईटी कंपनियां यहां निवेश नहीं करती है। विदेशी कंपनियों का स्टार्टअप्स में निवेश बढ़ाने की जरूरत है। सरकार को चाहिए कि वह इंपोर्ट की प्रक्रिया आसान बनाएं।

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