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सिक्के न लेने वालों पर हो सकता है मुकदमा!

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देहरादून । रिजर्व बैंक द्वारा जारी एक रुपये के छोटे सिक्के को लेकर भ्रांति के कारण दुकानकारों एवं ग्राहकों को भारी असुविधा हो रही है। कहीं छोटे और मझले दुकानदार एक रुपये के छोटे सिक्के को लेने से मना कर रहे हैं तो कहीं ग्राहक रुपये का सिक्का लेने से इंकार कर रहे हैं। हालांकि बैंकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक रुपये का छोटा सिक्का असली है और उसे लेने से इंकार करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

 

बाजार में किसी ने यह अफवाह फैला रखी है कि एक रुपये के नोट का छोटा सिक्का नकली है। इस अफवाह के चलते भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। छोटे और मझले दुकानदारों ने एक रुपये का छोटा सिक्का लेना बंद कर दिया है। वहीं ग्राहकों ने बड़े दुकानदारों से यह सिक्का लेना बंद कर दिया है। अब दिक्कत यह है कि बैंक जो एक रुपये का छोटा सिक्का जारी कर रहे हैं वह छोटा वाला ही है।

 

सवाल यह है कि यह सिक्का व्यापारी कहां खपाएं। बाजार में लंबे समय से भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिस कारण एक रुपये के सिक्के के संचालन को लेकर दिक्कत आ रही है। रिजर्व बैंक भी यह स्पष्ट कर चुका है कि एक रुपये का छोटा सिक्का नकली नहीं है। उसे लेने से इंकार नहीं किया जा सकता। बैंक के स्थानीय अफसर भी इस पर समय समय पर स्पष्टीकरण दे चुके हैं, लेकिन बाजार में व्याप्त भ्रांति दूर नहीं हो पा रही है।

 

यूपी में दो कई स्थानों पर प्रशासन ने एक रुपये का सिक्का लेने से मना करने वालों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज करा दी। एक रुपये का सिक्का लेने से इंकार करने वालों के खिलाफ भारतीय मुद्रा का अपमान करने के आरोप में मुकदमा दर्ज हो सकता है। लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। यदि किसी दुकानदार को कोई संदेह हो तो वह अपनी बैंक से स्थिति स्पष्ट कर सकता है।

 

रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वह प्रतिदिन एक से दस रुपये तक के एक हजार रुपये किसी भी ग्राहक के जमा करे। यदि बैंक इंकार करता है तो शिकायत होने पर बैंक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।गौरतलब है कि बाजार में सिक्कों का अनुपात बढ़ गया है। इसकी वजह यह है कि नोटबंदी के दौरान बैंकों ने नकद निकासी में सिक्के ग्राहकों को थमा दिए थे।

 

जिस कारण बाजार में सिक्कों की भरमार है। इसमें एक रुपये से लेकर दस रुपये तक के सिक्के हैं। सिक्कों को लेकर हो रही दिक्कत पर आरबीआई ने संज्ञान लिया है। आरबीआई ने कहा है कि यदि बैंक सिक्के लेने से इंकार करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। अलबत्ता आरबीआई ने बैंकों को सिक्के जमा करने की सीमा भी तय कर दी है।

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