शुक्र ग्रह मेहरबान: इनको मिलने वाला है कुबेर का खजाना !

उदय दिनमान डेस्कः शुक्र ग्रह मेहरबान: इनको मिलने वाला है कुबेर का खजाना ! हमारे जीवन में शुक्र ग्रह का विशेष महत्व है और जब-जब शुक्र ग्रह किसी पर मेहरबान होता है तो उस व्यक्ति की किस्मत खुल जाती है। अर्थात फकीर भी राजा बन जाता है और यह विशेष होता है हर किसी व्यक्ति के जीवन में एक बार। जब किसी के बंद किस्मत के ताले खुल जाते हैं तो वह धनाडय बन जाता है।

ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह को शुभ ग्रह भी माना जाता है.  शुक्र का प्रभाव जिस भी व्यक्ति पर पड़ता है उसके आने वाले जीवन में बहुत सी खुशियां आने वाली होती हैं. शुक्र जिस पर भी मेहरबान होते हैं उनकी किस्मत एक रात में ही चमक जाती हैं. आज के दौर में हर व्यक्ति इस संसार में सुखी होना चाहता है और अमीर बनना चाहता है और अमीर बनने के लिए वह न जाने कितने सारे प्रयास भी करता है!और धनी बनने के चक्कर में वह न जाने कितने सारे प्रयास भी करता है!

न जाने कितने भविष्य वक्ताओ के पास जाता है! मित्रों हम लोग अपने भविष्य को लेकर काफी सजग रहने की कोशिश करते है और इस दुनिया में हर व्यक्ति अपने भविष्य को जानने की उस्कुता रखता है। मनुष्य के जीवन में गृहों की चाल का बड़ा महत्व होता है इनकी चाल से सीधा हमारे सामान्य जीवन पर असर होता है।आपको जानकारी के लिए हम बता दे कि किसी गृह की दशा बदलने से राशियों की दशा भी निरन्तर बदलती रहती है। कभी कोई गृह किसी राशि के लिए खुशिया लेकर आता है तो कभी परेशानी.

कुभ राशि-4 फरवरी को होने वाले इस बदलाव की वजह से कुभ राशि के लोगों के लिए आने वाला समय बहुत शुभ है. कुभ राशि के जो भी लोग व्यापार करते हैं, उन्हें धन लाभ होने की संभावना दिखाई दे रही हैं.इस राशि के लोगों का अगर उनके भाई बहनों से कोई विवाद चल रहा है तो वो विवाद भी खत्म होने के आसार है.

कन्या राशि-शुक्र के मार्गी होने की वजह से कन्या राशि के लोगों की जिंदगी में बहुत कुछ बदलने वाला है. कन्या राशि वालों का इस बदलाव से भाग्योदय होगा और उन्हें कहीं से धन की प्राप्ति होगी.शादीशुदा लोगों के जीवन में प्यार बना रहेगा और रुका हुआ पैसा वापस आयेगा.

मकर राशि-शुक्र की कृपा होने से मकर राशि के लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. अगर आपके बच्चों की पढ़ाई में कोई दिक्कत आ रही हैं, तो आपकी वो परेशानी भी दूर हो जायेगी.इस राशि के लोग प्यार के मामले में सब राशि के लोगों से बिलकुल अलग होते हैं. धन लाभ होने की संभावना दिख रही है.

मीन राशि-मीन राशि के जो भी लोग नए काम को शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं उनके वो सभी काम पूरे होंगे. इस राशि के लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. किसी को सालों पहले दिया हुआ धन आपको वापस मिल जायेगा.

ग्रह का नामकरण प्रेम और सौंदर्य की रोमन देवी पर

शुक्र (Venus), सूर्य से दूसरा ग्रह है और प्रत्येक 224.7 पृथ्वी दिनों मे सूर्य परिक्रमा करता है। ग्रह का नामकरण प्रेम और सौंदर्य की रोमन देवी पर हुआ है। चंद्रमा के बाद यह रात्रि आकाश में सबसे चमकीली प्राकृतिक वस्तु है। इसका आभासी परिमाण -4.6 के स्तर तक पहुँच जाता है और यह छाया डालने के लिए पर्याप्त उज्जवलता है।

चूँकि शुक्र एक अवर ग्रह है इसलिए पृथ्वी से देखने पर यह कभी सूर्य से दूर नज़र नहीं आता है: इसका प्रसरकोण 47.8 डिग्री के अधिकतम तक पहुँचता है। शुक्र सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद केवल थोड़ी देर के लए ही अपनी अधिकतम चमक पर पहुँचता है। यहीं कारण है जिसके लिए यह प्राचीन संस्कृतियों के द्वारा सुबह का तारा या शाम का तारा के रूप में संदर्भित किया गया है।

शुक्र एक स्थलीय ग्रह के रूप में वर्गीकृत है और समान आकार, गुरुत्वाकर्षण और संरचना के कारण कभी कभी उसे पृथ्वी का “बहन ग्रह” कहा गया है। शुक्र आकार और दूरी दोनों मे पृथ्वी के निकटतम है। हालांकि अन्य मामलों में यह पृथ्वी से एकदम अलग नज़र आता है।

शुक्र सल्फ्यूरिक एसिड युक्त अत्यधिक परावर्तक बादलों की एक अपारदर्शी परत से ढँका हुआ है। जिसने इसकी सतह को दृश्य प्रकाश में अंतरिक्ष से निहारने से बचा रखा है। इसका वायुमंडल चार स्थलीय ग्रहों मे सघनतम है और अधिकाँशतः कार्बन डाईऑक्साइड से बना है। ग्रह की सतह पर वायुमंडलीय दबाव पृथ्वी की तुलना मे 92 गुना है।

735° K (462°C,863°F) के औसत सतही तापमान के साथ शुक्र सौर मंडल मे अब तक का सबसे तप्त ग्रह है। कार्बन को चट्टानों और सतही भूआकृतियों में वापस जकड़ने के लिए यहाँ कोई कार्बन चक्र मौजूद नही है और ना ही ज़ीवद्रव्य को इसमे अवशोषित करने के लिए कोई कार्बनिक जीवन यहाँ नज़र आता है। शुक्र पर अतीत में महासागर हो सकते है लेकिन अनवरत ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण बढ़ते तापमान के साथ वह वाष्पीकृत होते गये होंगे |

पानी की अधिकांश संभावना प्रकाश-वियोजित (Photodissociation) रही होने की, व, ग्रहीय चुंबकीय क्षेत्र के अभाव की वजह से, मुक्त हाइड्रोजन सौर वायु द्वारा ग्रहों के बीच अंतरिक्ष में बहा दी गई है।शुक्र की भूमी बिखरे शिलाखंडों का एक सूखा मरुद्यान है और समय-समय पर ज्वालामुखीकरण द्वारा तरोताजा की हुई है।

PropellerAds