सरकार किसानों के हित में उठाएगी कई कदम!

नईदिल्ली । चीनी मिलों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार चीनी पर बड़ी पॉलिसी लाने की योजना बना रही है. सूत्रों से एक्सक्लुसिव जानकारी के मुताबिक सरकार चीनी के इंपोर्ट पर सख्ती और एक्सपोर्ट पर राहत देने पर कदम उठा सकती है.

 

सूत्रों का कहना है कि चीनी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 100 फीसदी करने की योजना है. इसके आलावा सरकार की चीनी के एक्सपोर्ट को आसान करने की तैयारी है. दरअसल मिलों को चीनी के दाम गिरने से नुकसान हो रहा है, ऐसे में चीनी मिलों ने सरकार से 20 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी हटाने की मांग की है.

चीनी के भाव में आई गिरावट
चालू पेराई सीजन में चीनी के उत्पादन में हुई बढ़ोतरी से भाव में गिरावट आई है. उत्तर प्रदेश में चीनी के एक्स फैक्ट्री भाव घटकर 3,125 से 3,200 रुपये प्रति क्विंटल (टैक्स अलग) रह गए. चीनी की कीमतों में आई कमी का असर मिलों द्वारा किए जा रहे, किसानों के भुगतान पर पड़ा है. सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों पर किसानों की बकाया राशि लगातार बढ़ रही है.

मिलों के बकाया भुगतान में आई कमी
खाद्य मंत्रालय के अनुसार केंद्र सरकार के साथ ही राज्य सरकार के सहयोग से चालू पेराई सीजन में किसानों को गन्ने का भुगतान ज्यादा हुआ है. चालू पेराई सीजन 2017—18 में अभी तक चीनी मिलों पर राज्य समर्थित मूल्य (एसएपी) के आधार पर किसानों का 7,826 करोड़ रुपया बकाया है जबकि पिछले पेराई सीजन में इस समय चीनी मिलों पर किसानों का 8,982 करोड़ रुपये का बकाया था.

 

गन्ना पेराई सीजन 2016—17 का बकाया पैमेंट चीनी मिलों पर केवल 52 करोड़ रुपये उचित एंव लाभकारी मूल्य (एफआरपी) के आधार पर बचा हुआ है जबकि एसएपी के आधार पर 1,076 करोड़ रुपया चीनी मिलों पर बकाया है. चीनी मिलें एफआरपी के आधार पर पेराई सीजन 2016—17 के 99.9 फीसदी पैमेंट का भुगतान किसानों को कर चुकी है. चीनी मिलों में पेराई का पीक सीजन चल रहा है तथा आगामी दिनों में मिलें चीनी और अन्य उत्पादों की बिक्री कर किसानों के बकाया भुगतान में तेजी लायेंगी.

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