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सरकार के इस फैसले से प्याज फिर हो सकती है महंगी!

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नईदिल्ली । प्याज की कीमतों में एक बार फिर से तेजी आ सकती है. दरअसल सरकार ने हाल में प्याज के न्यूनतम निर्यात मूल्य को खत्म करने की घोषणा की थी. इसके बाद महाराष्ट्र की मंडियों में सोमवार को प्याज के भाव में तेज उछाल आया है. लासलगांव मंडी में प्याज का भाव हफ्ते के पहले दिन ही करीब 500 रुपये प्रति क्विंटल उछल गया है.

 

आपको बता दें कि पिछले महीने प्याज के थोक भाव में करीब 50 फीसदी की भारी गिरावट आई थी. हालांकि, रिटेल में प्याज की कीमतें अभी भी ऊपर बनी हुई हैं. मुंबई में अभी भी प्याज 40 रुपये किलो के ऊपर है. ऐसे में सरकार के इस कदम से प्याज की महंगाई और भडक़ने का खतरा बढ़ गया है.

थोक मंडी में बढ़ी कीमतें
लासलगांव मंडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्याज के दाम मंडी में इसकी आवक बढऩे से घटे थे, लेकिन प्याज किसानों ने मौजूदा ऊंची कीमतों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह नहीं पकी फसल की भी खुदाई शुरू कर दी थी. लेकिन प्याज के न्यूनतम निर्यात मूल्य को हटाने से थोक मंडी में कीमतें फिर से बढऩे लगी है. हालांकि, रिटेल में कीमतें बढऩे की गुंजाइश फिलहाल कम ही है क्योंकि प्याज उत्पादक दो प्रमुख राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात से नई फसल की पैदावार मंडियों में आने लगी है. ऐसे में आगे भी प्याज की कीमतों में तेजी आने की संभावना कम ही है.

केंद्र सरकार ने हाल में एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए प्याज के न्यूनतम निर्यात मूल्य को खत्म करने की घोषणा की थी. विदेश व्यापार महानिदेशालय ने एक अधिसूचना में कहा गया था कि प्याज के निर्यात पर न्यूनतम निर्यात मूल्य को अगले आदेश तक खत्म कर दिया. प्याज की सभी किस्मों को अब बिना न्यूनतम निर्यात मूल्य के निर्यात किया जा सकता है. सरकार के इस कदम से घरेलू बाजार में प्याज की कीमतों में ज्यादा गिरावट नहीं आएगी.

किसानों को फायदा देने के लिए उठाया था कदम
कृषि मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हाल ही में हुई बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया था कि अगर प्याज का औसत थोक मूल्य 2000 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे आ जाता है तो प्याज पर एमईपी को खत्म कर दिया जाएगा. इस फैसले से किसानों को राहत मिलेगी क्योंकि उनकी फसल को बेहतर दाम मिल पाएंगे.

एक्सपोर्ट आंकड़ों पर एक नजर
एक्सपोर्ट आंकड़ों की तुलना अगर 2015-16 में हुए एक्सपोर्ट से की जाए तो 2016-17 में एक्सपोर्ट 3 गुना से भी अधिक बढ़ा है, 2015-16 के दौरान देश से सिर्फ 11,14,418 टन प्याज का निर्यात हो पाया था. रिकॉर्डतोड़ एक्सपोर्ट से घरेलू बाजार में प्याज की सप्लाई घट गई थी. इसलिए प्याज की कीमतें आसमान छूने लगी थी.

प्याज की पैदावार ज्यादा
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक वर्ष 2017-18 में 2.14 करोड़ टन प्याज पैदा होने का अनुमान है, जो वर्ष 2016-17 की पैदावार 2.24 करोड़ टन से करीब 4.5 फीसदी कम है.

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