udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news ‘संवैधानिक मौलिक कर्तव्य दिवस’ मनाया जाएः राज्यपाल

‘संवैधानिक मौलिक कर्तव्य दिवस’ मनाया जाएः राज्यपाल

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‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’’ पर राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल ने दिया सुझाव 

राज्यपाल ने कहा स्ंविधान प्रदत्त अधिकारों के साथ मौलिक कर्तव्यों का निर्वहन भी जरूरी

राज्य स्तरीय चुनाव ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित 

देहरादून। राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल ने कहा कि संवैधानिक मौलिक कर्तव्य दिवस मनाया जाना चहिए। संवैधानिक अधिकारों के उपभोग के साथ संवैधानिक कर्तव्यों का पालन भी जरूरी है। राज्यपाल ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’’ पर राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने मिलेनियम मतदाताओं, नए मतदाताओं, नेशनल इलेक्शन क्विज के अंतर्गत राज्य स्तरीय चुनाव ज्ञान प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं व विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2017 के अंतर्गत बेस्ट इलैक्टोरल प्रेक्टिसेज अवार्ड से अधिकारियों को सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि होता है। भारतीय संविधान के अनुूच्छेद 51(ए) में मौलिक कर्तव्यों का वर्णन किया गया है। हमें अपने मौलिक अधिकारों के साथ ही संवैधानिक मौलिक कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने ‘‘संवैधानिक मौलिक कर्तव्य दिवस’’ के आयोजन का सुझाव दिया। इससे नागरिक विशेष तौर पर युवा वर्ग, देश व समाज के प्रति संविधान में अपेक्षित मौलिक कर्तव्यों के निर्वहन हेतु प्रेरित होगा।
राज्यपाल ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ और भारतवर्ष एक सम्प्रभुता सम्पन्न, लोकतांत्रिक गणतंत्र बना। हमारे संविधान में सभी नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता व समानता का बिना किसी भेदभाव के समान रूप से अधिकार प्रदान किया गया। इन सभी अधिकारों का आधार वोट देने का अधिकार है। चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है। हम सभी को जाति, धर्म, सम्प्रदाय, लोभ, भय से प्रभावित हुए बिना अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद उत्तराखण्ड में शांतिपूर्ण व सौहार्द्रपूर्ण तरीके से सभी चुनाव सम्पन्न हुए हैं। इसके लिए देवभूमि की जनता व यहां की प्रशासनिक मशीनरी बधाई की पात्र हैं। यहां पुरूषों की अपेक्षा महिला मतदाताओं का अधिक प्रतिशत रहा है। यह राज्य की प्रगतिशीलता को बताता है। राज्य के युवाओं को विश्व के सबसे बड़े व सफल लोकतांत्रिक देश का नागरिक होने पर गर्व करना चाहिए। पहले वोट देने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष थी जिसे कि बाद में संशोधित कर 18 वर्ष कर दिया गया। लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है। अर्थात भारत तरक्की कर रहा है, यूथ तरक्की कर रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम सुगम निर्वाचन रखी गई है। दिव्यांगजनों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने पर फोकस किया गया है। यह लोक कल्याणकारी व्यवस्था के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का परिचायक है। राज्यपाल ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को सर्वश्रेष्ठ मतदाता सूची प्रबंधन के राष्ट्रीय पुरस्कार व मतदाता जागरूकता के लिए तत्कालीन जिला निर्वाचन अधिकारी, रूद्रप्रयाग को चुना गया है।
कार्यक्रम में नए मतदाता के रूप में दिव्यांशु, सिमरनदीप सिंह, रूपांशी, श्रुति अग्रवाल व शिवानी को सम्मानित किया गया। मिलेनियम मतदाता (ऐसे युवा मतदाता जिनका जन्म 1 जनवरी, 2000 को हुआ हो और ठीक 1 जनवरी, 2018 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हों।) के रूप में आकाश बिष्ट, शिवानी कटियार व श्रद्धा जैन को सम्मानित किया गया। नेशनल इलेक्शन क्विज के अन्तर्गत राज्य स्तरीय चुनाव ज्ञान प्रतियोगिता के तहत उधमसिंह नगर के बलजीत सिंह व कृषान्त कुमार को प्रथम, टिहरी गढ़वाल के सोनाली पुण्डीर व नागेन्द्र दत्त को द्वितीय तथा चमोली के सौरभ सिंह व दीपक झिंकवाण को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को राज्यपाल द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा नियत प्रतिज्ञा दिलाई गई। इस अवसर पर प्रमुख सचिव राधा रतूडी, सचिव रविनाथ रमन, मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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