साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में जिले को मिलेगी नई पहचान

लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई साहसिक पर्यटन की गतिविधियां

रुद्रप्रयाग।लम्बे इंतजार के बाद आखिरकार रुद्रप्रयाग जनपद की पपडासू झील में वाटर स्पोर्टस की गतिविधियों का रविवार से संचालन शुरु हो गया है। अगर प्रशासन की वाटर स्पोर्टस की यह योजना आगे भी जारी रहती है तो पर्यटन के क्षेत्र में भी जिले को नई पहचान मिलेगी।

साहसिक पर्यटन के उद्देश्य से रविवार का दिन रुद्रप्रयाग जनपद के लिए महत्वपूर्ण रहा। लम्बे समय से यहां वाटर स्पोर्टस की गतिविधियां संचालित करने की कवायदे तो की जा रही थी, मगर प्रयास सफल नही हो पा रहे थे। रविवार को तमाम वाटर स्पोर्टस प्रेमी यहां जुटे और पपडासू झील साहसिक पर्यटकों के लिए विशेष आकर्णण का केन्द्र बन गयी।

 

बद्रीनाथ केदारनाथ हाईवे से सटे पपडासू खांकरा क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां पर हर समय पर्यटकों को देखा जा सकता है और इसी मकसद से इस झील को रोजगार का जरिया बनाने की प्रशासन की तैयारियां चल रही थी। प्रारंभिक चरण में यहां पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण स्थानीय बेरोजगारों को दिया जा रहा है।

 

इसके पश्चात 15 दिन का स्पेश्ल प्रशिक्षण इन्हीं प्रशिक्षणार्थियों को दिया जायेगा। जिसके बाद ये ही स्थानीय बेरोजगार इस झील में अपने रोजगार को लेकर साहसिक गतिविधियों को संचालित करेंगे। पर्यटन विभाग जहां झील में वोट समेत अन्य उपकरणों के खरीदने में मदद करेग, वहीं प्रशासन भी यहां के इन्फ्रास्टे्क्चर को तैयार करने में मदद करेगा, जिससे यह स्थान पर्यटकों की पसन्द बन सके और बेरोजगारों को अपने घर में रोजगार मिल सके।

 

प्रशासन की मंशा अगर पपडासू झील को विकसित करने में सार्थक सिद्व होती है तो कहीं ना कहीं सरकार के खजाने में भी बढ़ोत्तरी होगी ही साथ ही स्थानीय बेरोजगारों को भी रोजगार का जरिया मिल पायेगा। अब देखना यह होगा कि सरकार बेरोजगारों के रोजगार को लेकर किस तरह से आगे की कार्य योजना बनाती है, उसी से जिले के साहसिक पर्यटन का खाका तैयार हो पायेगा।

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