निर्दयी मां ने दूध पिलाने से भी किया इनकार !

बेंगलुरु । कर्नाटक के चिकबल्लापुर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक वाकया सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने ही कलेजे के टुकड़े को स्तनपान कराने से इनकार कर दिया, क्योंकि वह जन्म से दिव्यांग था। इस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अब वहां स्थानीय प्रशासन इस बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी एक एनजीओ को सौंप दी।

 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चिकबल्लापुर जिले की एक महिला ने जिला अस्पताल में गुरुवार रात एक बच्चे को जन्म दिया था। बच्चे के जन्म के पांच दिन बाद जब महिला को उसके दिव्यांग होने का पता चला तो उसने चिकित्सकों से कहा कि वह इस बच्चे का पालन-पोषण नहीं करेगी।

 

यही नहीं उस महिला ने खुद के जन्म दिए इस बच्चे को दूध पिलाने से भी इनकार कर दिया। महिला के इस बयान से सकते में आए चिकित्सकों ने तुरंत जिला प्रशासन को इसके बारे में जानकारी दी, जिसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की एक टीम को मौके पर भेजा गया।

 

समझाने पर भी नहीं मानी महिला
महिला के इस निर्णय पर डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उन्हें समझाने की बहुत कोशिशें की गईं लेकिन इसके बाद भी महिला ने कोई भी बात मानने से इनकार कर दिया। जिला बाल विकास अधिकारी लक्ष्मीदेवाम्मा के मुताबिक जब महिला ने तमाम बार समझाने के बाद भी बच्चे को अपना दूध पिलाने से भी मना कर दिया, तो प्रशासन ने बच्चे के हित के लिए उसे पालन पोषण के लिए एक एनजीओ को देने का फैसला कर दिया।

 

प्रशासन ने एनजीओ को सौंपा बच्चा
इसके बाद सरकार की एक बाल संरक्षण योजना के अंतर्गत बच्चे को अगले तीन माह तक पालन पोषण के लिए बेंगलुरु की एक संस्था मातृछाया को सौंप दिया। इस पूरी घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि महिला द्वारा जन्म दिये गए नवजात के पैर औसत से बड़े थे और चिकित्सकों ने उसके परिवार को बताया था कि इसका इलाज किया जा सकता है।

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