राजधानी की सडक़ों को छलनी करके रख दिया विभागों ने

देहरादून । एक तरफ तो राज्य सरकार तथा प्रशासन राजधानी को स्वच्छ दून व सुन्दर दून बनाने के लिए संकल्प लेते व वायदे करते नहीं थक-हार रहा है तो वहीं इस दून घाटी की दुर्दशा और गंद्गी के साथ ही बदहाली देखकर भी शासन-प्रशासन अपनी आंखें आज से नहीं बल्कि वर्षों से मूंदे बैठा है। आज जगह-जगह यहां की सडक़ों का सीना छलनी करके रख दिया गया है।

 

जिसके लिए अनेक विभाग जिम्मेदार हैं।राजधानी में कहीं सीवर, कहीं पानी, तो कहीं वायरिंग के लिए जगह-जगह की सडक़ें खोद डाली गयी हैंं। शहरी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि दूर-दूर तक राजधानी का ऐसा ही हाल बना हुआ है। ंविभागों में सामंजस्य न होने तथा अपनी-अपनी मनमानी के चलते राजधानी को बदसूरत बनाने में कोई कमी ये विभाग शायद नहीं छोडऩा चाहते है।

 

यही मुख्य कारण है कि संबंधित सभी विभाग मनमानी करने में ही लगे हुए है। जल संस्थान, विद्युत विभाग तथा एडीबी के साथ ही लोनिवि ऐसे महकमें हैं जो कि सरकारी कामकाज में एक-दूसरे के धुर विरोघी माने जाते हैं। आज जिस प्रकार से सडक़ों का सीना छलनी कर दिया गया है और किया भी जा रहा है, उससे यदि यह अनुमान लगाया जा सके कि आने वाले 5 वर्षों में भी राजधानी की तस्वीर अपेक्षाकृत सुन्दर नहीं बन पाएगी तो वह कहना गल्त नहीं होगा।

 

सरकार निरंतर राजधानी के विकास के लिए नगर निगम क्षेत्र का विस्तार करने में लगी हुई है, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि विभागों में अपने-अपने कार्यों के प्रति आपसी सामंजस्य का पूरी तरह से अभाव हैं। ऐसा होने से जहां सरकारी खजाने पर बोझ पड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आज राजधानी की सडक़ों पर नजर डाली जाए तो उनका काफी बुरा हाल है।

 

आईएसबीटी से लेकर घटाघर तक कई स्थानों पर सडकें खुदी हुई पड़ी है और उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। हर दस दिन, पन्द्रह दिन के बाद कहीं से भी, कभी भी सडक़ें खोद दी जाती हैं और कार्य खत्म होने के बाद उबड़-खाबड़ सडक़ छोड़ दी जाती है। जिससे जनता व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।

 

कभी बाजारों, मुख्य बाजारों, गली-मौहल्लों, मुख्य मार्गों तथा चौराहों पर सडक़ें खोद डालने से आमजन को परेशानी झेलनी पड़ रही है। खास बात तो यह भी है कि बारिश होने पर और भी अधिक परेशानी खड़ी हो जाती है। आज नगर निगम के लगभग सभी वार्ड क्ष़ेत्रों में वहां का हाल बेहाल है और जनता में सरकार और प्रशासन के साथ ही नगर निगम के खिलाफ भी आक्रोश व्याप्त है।

PropellerAds