राहत : दार्जिलिंग चाय का उत्पादन बढऩे की उम्मीद !

कोलकाता। पिछले साल दिसंबर के बाद रूखे मौसम की मार से दार्जिलिंग के चाय बागानों को राहत मिली है। पिछले दिनों हुई बारिश से यहां एक्सपोर्ट लायक अच्छी किस्मों वाली चाय का उत्पादन बढऩे की उम्मीद बंधी है। चाय की पहले खेप की बिक्री में प्राइवेट सेल्स का हिस्सा ज्यादा होता है। दार्जिलिंग में सालाना 90 लाख किलो चाय का उत्पादन होता है। इसमें फर्स्ट फ्लश टी की 20 पर्सेंट हिस्सेदारी होती है।

इस साल चाय उत्पादन के बेहतर अनुमान के बाद भी दार्जिलिंग चाय मंगाने वाले यूरोप, अमेरिका और जापान के इंपोर्टर्स ने प्लांटर्स के साथ अब तक कोई अग्रिम सौदे नहीं किए हैं। चाय की पत्तियों की पहली तोड़ाई मार्च-अप्रैल में होती है। प्लांटर्स का मानना है कि विदेशी खरीदारों की नजर पर्वतीय इलाके में जारी सियासी उठापटक पर है। वहीं, कुछ का कहना है कि प्राइस तय करने से पहले विदेशी खरीदार चाय की गुणवत्ता परख लेना चाहते हैं। पिछले साल की दार्जिलिंग चाय की कीमत को बेंचमार्क नहीं माना जा सकता है। इलाके में लंबे समय तक चली हड़ताल से उत्पादन पर काफी असर पड़ा था। 2016 में इसकी औसत कीमत 500 रुपये किलो थी।

अलग राज्य की मांग को लेकर पिछले साल गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (त्रछ्वरू) के चार महीनों तक चले आंदोलन से इलाके के सामान्य जनजीवन पर काफी असर पड़ा। इससे यहां चाय का उत्पादन भी प्रभावित हुआ था। पीक सीजन में 87 चाय बागानों में उत्पादन रुकने से एक्सपोर्ट मार्केट में प्लांटर्स को काफी नुकसान उठाना पड़ा। पत्तियों की तोड़ाई नहीं होने से चाय की झाडिय़ां बढ़ गई थीं। सितंबर के अंत में ही फिर से काम शुरू हो पाया।

दार्जिलिंग के बड़े चाय उत्पादक अंबूटिया ग्रुप के चेयरमैन संजय बंसल ने बताया, जाड़े में शुष्क मौसम के बाद इस हफ्ते बारिश हुई है। तापमान में भी नरमी आई है। बेहतरीन किस्म की चाय के उत्पादन के लिए यह अच्छा मौसम है। हड़ताल के चलते पलायन को मजबूर होने वाले वर्कर्स अब अपने काम पर लौटने लगे हैं। अच्छी क्वॉलिटी की चाय के उत्पादन के अनुमान से बंसल काफी खुश हैं।

इस साल प्लांटर्स को बेहतर कीमत मिलने का भरोसा है। दार्जिलिंग टी एसोसिएशन के चेयरमैन बिनोद मोहन ने बताया, इस साल हम 15-20 पर्सेंट अधिक कीमत पाने की उम्मीद कर रहे हैं। पिछले साल काफी कम उत्पादन होने के चलते ग्लोबल मार्केट में दार्जिलिंग की उपलब्धता कम है। कीमत पर अग्रिम डील करने से पहले विदेशी बायर्स भी चाय की गुणवत्ता को परखने के मूड में हैं। अच्छी बात यह है कि अमेरिका में दार्जिलिंग चाय की खपत बढ़ रही है। यह इंडस्ट्री के लिए शुभ संकेत है। अगर मौसम अनुकूल रहा तो सामान्य हालात में 90 लाख किलो चाय का उत्पादन हो जाएगा।

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