प्रधानमंत्री के उत्तराखंड दौरे को निराशाजनक बताया

देहरादून। उत्तराखण्ड कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखण्ड दौरे को निराशाजनक बताते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ यात्रा के दौरान उत्तराखण्ड के हित में कोई भी घोषणा न करके उत्तराखण्ड की महान जनता का अपमान किया है। उपाध्याय ने कहा कि केदारघाटी विगत 2 वर्षो से दैवीय आपदा के दंश से कराह रही है उसके विकास के लिए प्रधानमंत्री द्वारा किसी भी पैकेज की घोषणा न करना यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड राज्य की पीडा से केाई लेना देना नही है।

 

 

दैवीय आपदा के बाद प्रधानमंत्री का केदारनाथ घाटी में यह पहला दौरा था, बेहतर होता कि प्रधानमंत्री चारों धामों के विकास के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड सरकार से बातचीत करके चारों धामो के विकास के लिए यथोचित धनराशि स्वीत करने की घोषणा करते, परन्तु ऐसा न करके प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य की सवा करोड जनता का उपहास उड़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व में भी जब-जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखण्ड आये उन्होने हर हमेशा उत्तराखण्ड की उपेक्षा करने का काम किया है,

 

 

चाहे अपने पूज्य गुुरू के हाल चाल पूछने के उत्तराखण्ड आये हों या मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित होने आये किसी भी मौके पर प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य के हित में कोई भी घोषणा न करके निश्चित रूप से उत्तराखण्ड जनभावनाओं पर कुठाराघात करने का काम किया है। उत्तराखण्ड राज्य सैनिक बाहुल्य राज्य है तथा उत्तराखण्ड की जनता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बहुत उम्मीदें है। उत्तराखण्ड के नौजवान देश की रक्षा में एक सजग प्रहरी की तरह सीमा में खडे होकर दुश्मन से मुकाबला कर रहे हैं तथा अंधिकांश नौजवान सीमा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुती भी दे रहे हैं,

 

 

आज जिस तहर का अमानवीय व्यवहार पाकिस्तान द्वारा सीमा में तैनात सैनिकों के साथ किया जा रहा है निश्चित रूप से निंदनीय है परन्तु 56 ईंच का सीना लेकर विश्व भ्रमण करने वाले प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड की धरती में पाकिस्तान के बारे में एक शब्द न बोलकर देश की सीमाओं की रक्षा मे तैनात सौनिको का अपमान करने का काम किया है। उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखण्ड की जनता को आशा ही नही पूर्ण विश्वास था कि जिस तरह उत्तराखण्ड की जनता ने लोकसभा चुनाव में भाजपा के 5 सांसदों को विजय दिलाई दो तथा विधानसभा चुनाव में दो तिहाई से अधिक बहुमत देकर उत्तराखण्ड राज्य की सता सौंपी उससे लग रहा था कि प्रधानमंत्री उत्तराखण्ड राज्य हित में केन्द्र सरकार की तरफ से कोई महत्वपूर्ण घोषणा करेंगें। उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं प्रधानमंत्री के दौरे से पूर्व उत्तराखण्ड के जन सरोकारों पर निर्णय लेने का अनुरोध भी किया था, परन्तु ऐसा न करके प्रधानमंत्री ने पुन: एक बार फिर उत्तराखण्ड की महान जनता को ठगने और छलने का काम किया है।