परिवहन विभाग में चालकों के 186 पदों पर शीघ्र भर्ती के निर्देश :आर्य

देहरादून। प्रदेश के परिवहन मंत्री यशपाल आर्य की अध्यक्षता में उनके सभाकक्ष में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में परिवहन मंत्री ने वर्ष 2017-18 में विभागीय राजस्व में वृद्घि के लिए प्रयास किये जाने के निर्देश दिये।

 

इस क्रम में ट्रॉन्सपोर्टनगर में उपलब्ध जमीन का व्यवसायिक उपयोग करने के निर्देश दिये। उपलब भूमि का उपयोग परिवहन विभाग द्वारा गलत पार्किंग या चौकिंग में कागजात अपूर्ण होने के कारण पकड़े गये वाहनों के खड़े होने के किराये रूप में किया जा सकता है, इससे सम्बंधित प्रस्ताव परिवहन निगम द्वारा प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

 
परिवहन मंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं में साक्षात्कार के लिये जाने वाले अभ्यर्थियों को आने-जाने का किराया पूर्णतया मुक्त रखने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। निगम के डिपो की खराब हालत पर जिक्र करते हुए परिवहन मंत्री ने प्रदेश में अवस्थित 21 बस डिपो को चरणवार पुनर्निर्माण करने के निर्देश दिये।

 

प्रथम चरण मे सबसे अािक यातायात वाले बस डिपों देहरादून, हल्द्वानी, ऊ धमसिंह नगर, अल्मोड़ा, हरिद्वार बस डिपो के लिए अनुरक्षण मद में धन राशि जारी करने के निर्देश दिये। ज्ञातव्य है कि वर्तमान में प्रदेश में निगम के 15 स्थलों में 21 डिपो अवस्थित हैं।

 

परिवहन मंत्री ने आवश्यक 186 चालकों की शीघ्र भर्ती के निर्देश देते हुए निगम में रिक्त परिचालकों के पदों की भर्ती भी शीघ्र कराने के निर्देश प्रमुख सचिव परिवहन को दिये। परिवहन मंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक ठोस कदम उठाने के लिए निर्देश दिये, जिसके अन्तर्गत ड्राईविंग लाइसेंस जारी करने में नियमों का सख्ती से अनुपालन करने तथा सिमुलेटर संयत्र स्थापित करना प्रमुख है।

 

उन्होंने हल्द्वानी में मोटर ड्राईविंग निर्माण में आ रही परेशानी को शीघ्र समाधान करने के निर्देश प्रमुख सचिव परिवहन को दिये। परिवहन मंत्री ने वाहन दुर्घटनाओं के नियंत्रण के लिए गुड स्मार्टियन गाइड लाईन का प्रचार-प्रसार के साथ-साथ तकनीकि आफिसर्स बढ़ाने, इन्फोर्समेन्ट स्क्यायट बढ़ाने तथा रोड सेफ्टी पब्लिसिटी व्हीकल्स संचालित विषय बिन्दुओं पर भी अािकारियों को निर्देश दिये।

 

उन्होंने वाहनों पर आरोपित किये जाने वाले ग्रीन सैस के लिए पृथक से निधि बनाये जाने के निर्देश दिये तथा इस सम्बन में तैयार नियमावली की अद्यतन जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन का संचालन करने वाले चालकों को आईटीडीआर के माध्यम से दुर्घटनाओं की रोकथाम सम्बंधित प्रशिक्षण दिलाने के भी निर्देश दिये।

 

उन्होंने उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में नि:शुल्क बस यात्रा की लम्बित धनराशि 28 करोड़ 6 लाख की प्रतिपूर्ति सम्बंधित विभागों से करने की प्रभावी पैरवी करने के निर्देश प्रमुख सचिव परिवहन को दिये। बैठक में प्रमुख सचिव परिवहन उमाकांत पंवार, एमडी उत्तराखण्ड परिवहन निगम ब्रजेश सन्त, महाप्रबनक (संचालन) दीपक जैन, अपर आयुक्त परिवहन सुनीता सिंह मौजूद रहे।