udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में नाचने-गाने पर 5 लड़कियों की ऑनर किलिंग

उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में नाचने-गाने पर 5 लड़कियों की ऑनर किलिंग

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इस्लामाबाद। उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में बसा कोहिस्तान एक छोटा सा गांव है। 6 साल पहले यहां रहने वाले एक शख्स ने अपने मोबाइल से एक विडियो क्लिप बनाई थी। इस क्लिप में नजर आ रही लड़कियां बहुत खुश दिख रही हैं। संगीत की ताल पर तालियां बजातीं और नाचतीं ये लड़कियां शायद किसी खास मौके के लिए तैयार हुई हैं। इसी क्लिप में बाद में उस कमरे के अंदर एक लड़का अकेला नाचता नजर आता है। विडियो में नजर आ रही खुशनुमा लड़कियों का नाम बागीचा, सरीन जान, बेगम जान, अमिना और शाहीन है। यह विडियो उनके जिंदा होने का शायद आखिरी गवाह है।
वॉशिंगटन पोस्ट की एक खबर के मुताबिक, इसके बाद उनके साथ क्या हुआ, इसकी पूरी कहानी अभी साफ-साफ नहीं मालूम। लेकिन जितनी जानकारी सामने आई है वह किसी को भी सिहराने के लिए काफी है। लड़के-लड़कियों के साथ मिलकर नाचने-गाने को कबीले की पंचायत ने पाप माना और उनकी मौत का फरमान जारी कर दिया गया।
पाकिस्तान में हर साल ऑनर किलिंग की हजारों वारदातें रिपोर्ट होती हैं। इन हजारों मामलों के बीच भी क्रूरता के लिहाज से यह केस काफी रौंगटे खड़े करने वाला है। इस केस की जांच करने वाले लोगों से हुई बातचीत और कोर्ट फाइलिंग्स से पता चला कि इन लड़कियों के परिवार वालों ने कई हफ्ते तक उन्हें बंद रखा। उनपर उबलता पानी और जलते हुए कोयले फेंके। इतने क्रूर जुल्म करने के बाद आखिरकार इन पांचों लड़कियों की हत्या कर पहाड़ में कहीं दफना दिया गया।
बाद में जब यह मामला सामने आया, तो परिवार और रिश्तेदारों ने जांच अधिकारियों के आगे इन लड़कियों के जिंदा होने का दावा किया। अपने दावे को सही साबित करने के लिए इन परिवारों ने पांचों लड़कियों से मिलती-जुलती शक्ल वाली लड़कियों को भी पेश किया। ये लोग खुद को निर्दोष बताने के लिए इस हद तक चले गए बाद में पेश की गई लड़कियों में से एक के अंगूठे को ही बिगाड़ दिया। ऐसा इसलिए कि इन पांचों में से जिसके रूप में उसे पेश किया जा रहा था, उसके अंगूठे का निशान सरकारी पहचान पत्र में सुरक्षित था। अंगूठे का वह मिलान होता, तो इन परिवारों का झूठ सामने आ जाता।
यह केस बताता है कि आखिरकार क्यों पाकिस्तान अपने यहां ऑनर किलिंग को खत्म नहीं कर पा रहा। खत्म करना तो दूर, इसपर काबू भी नहीं कर पा रहा है। इस पूरे सिस्टम में कबीलों की स्थानीय अदालतें जिरगा भी शामिल हैं। इनकी कट्टरता के चंगुल से जवान लड़कियों को बचा पाने में सरकारी ढांचा भी कारगर साबित नहीं हो पाता है। इस मामले का भी हश्र वैसा ही होने की उम्मीद थी, जैसा कि बाकी ज्यादातर मामलों में होता है। इस केस में भी शायद अपराधी कानून को धत्ता बताकर आजाद घूमते, लेकिन कुछ लोगों के संघर्ष के कारण ऐसा नहीं हो सका। आखिरकार अब जाकर इस मामले की परतें सफाई से खुलने लगी हैं।
26 साल के अफजल कोहिस्तानी ने सच का पता करने के लिए एड़ी-चोटी की मेहनत की। विडियो में दिख रहा इकलौता लड़का अफजल का भाई था। विडियो में लड़कियों के साथ होने और नाचने-गाने के कारण उसके कई भाइयों की हत्या कर दी गई। वह एक साल तक स्थानीय और प्रांतीय अधिकारियों ने मदद की अपील करते रहे। उन्होंने 2 बार सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। 2012 में उनकी याचिका रद्द कर दी गई, लेकिन पिछले महीने अचानक ही हाई कोर्ट ने इस मामले को दोबारा खुलवाया और इसकी जांच किए जाने का आदेश दिया। जांच में जो सच सामने आया, वह बेहद खौफनाक है।
पिछले हफ्ते वॉशिंगटन पोस्ट को दिए गए एक इंटरव्यू में अफजल ने कहा, इस घटना ने मेरे परिवार को बर्बाद कर दिया। पांचों लड़कियां मर चुकी हैं। मेरे भाइयों की हत्या हो चुकी है। हमें बचाने या फिर हमें न्याय दिलाने के लिए कोई कोशिश नहीं की गई। अफजल को उनकी कोशिशों के एवज में लगातार धमकियां मिलती रहीं। उनकी जान को खतरा था। इसी वजह से वह अपने घर भी नहीं जा सकते। वह कहते हैं, मैं जानता हूं कि शायद मेरी भी हत्या कर दी जाएगी, लेकिन मुझे फर्क नहीं पड़ता है। जो हुआ, वह गलत था और इस परंपरा को बदलना होगा।
ऑनर किलिंग के मामलों में दोषी साबित होने के बाद भी पहले लोग बच जाते थे। इसका कारण था कि पीडि़त परिवार को दोषियों को माफी देने का अधिकार मिला हुआ था। ज्यादातर मामलों में पीडि़त और अपराधी का परिवार रिश्तेदार ही होता है। अक्टूबर में नया कानून पारित होने के बाद हालात बदल गए हैं। अब जजों को ज्यादा अधिकार दिया गया है। हालांकि अभी भी लोगों को ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं। महिला अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली वकील बेनजीर जातोई बताती हैं, इस कानून से हालात बदलेंगे या नहीं, हम नहीं जानते। अब भी दोषियों को सजा दिया जाना अनिवार्य नहीं किया गया है। अब भी माफी दिलाकर न्याय से वंचित किया जा सकता है। जबतक राजनैतिक दृढ़ता नहीं होगी, तबतक ऑनर हिंसा की शिकार आम महिलाओं की जिंदगियां नहीं बदलेंगी।
अब जानिए उन पांच लड़कियों के साथ क्या हुआ था। कोहिस्तान जैसे कट्टरपंथी समाज में लड़के-लड़कियों को मिलने-जुलने की वैसे भी इजाजत नहीं है। ऐसे में साथ मिलकर नाचने-गाने और पार्टी करने की यह विडियो किसी ने इंटरनेट पर डाल दी। यह विडियो खूब शेयर हुआ और इन लड़के-लड़कियों के कबीले को जानकारी मिली। माना गया कि उन्होंने अपने कबीले का नाम खराब किया है। स्थानीय जिरगा पंचायत ने इन लड़के-लड़कियों को मारने का फैसला सुनाया। पहले लड़कियों की हत्या की गई और उसके बाद विडियो में दिख रहे लड़के के कई भाइयों को भी पकड़कर काट डाला गया। उस लड़के के बाकी परिवार को अपना खेत और घर छोड़कर गांव से भागना पड़ा। अफजल की कोशिशों के बावजूद एक साल तक इस मामले की कोई रिपोर्ट भी नहीं हुई। कई प्रांतीय और स्थानीय अधिकारियों ने तो अफजल से यह तक कहा कि जिरगा के फैसलों को चुनौती देना शर्म की बात है।
अपने पूरे प्रांत में ऑनर किलिंग के खिलाफ आवाज उठाने वाले अफजल पहले शख्स हैं। वह कहते हैं कि हर कोई इस केस के बारे में जानता है, लेकिन कोई भी सामने आकर कुछ कहने को तैयार नहीं है। बाद में एक वकील की मदद से जब अफजल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की और अदालत के आदेश के बाद जांचकर्ता गांव में गए, तो ग्रामीणों ने यह कहकर जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया कि लड़कियों का गैर-मर्द के सामने आना उनकी परंपरा के खिलाफ है। बाद में दूसरी लड़कियां दिखाकर दावा किया गया कि वही विडियो में दिख रही लड़कियां हैं।
आगे की जांच में केस से जुड़ी कई संदेहास्पद जानकारियां सामने आईं। इनके आधार पर केस के विस्तृत जांच का आदेश दिया गया। उम्मीद की जा रही है कि अब शायद पूरा सच सामने आएगा और दोषियों को सजा मिलेगी।
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