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पहल: आजादी के बाद पहली बार किसी डीएम ने रिस्पना नदी को पैदल नापा !

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जिलाधिकारी एस.ए . मुरुगेशन ( आईएएस) ने रिस्पना नदी को पैदल नापा,भूमि पर अवैध कब्जों की फोटोग्राफी की ,नदी के बहाव क्षेत्र में कब्जे पर होगी कार्रवाई !

जेपी मैठाणी
देहरादूनः पहल: आजादी के बाद पहली बार किसी डीएम ने रिस्पना नदी को पैदल नापा ! कभी-कभी इतिहास के पन्नों में दर्ज होने के लिए पूर्व से ही कुछ सोचने की आवश्यकता नहीं होती है। होती है तो कुछ अलग कर गुजने की ललक और वह अपने आप ही इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाता है। ऐसा की कुछ कारनामा किया है देहरादून के जिलाधिकारी ने।
वैसे तो आम आदमी हर दिन मीलों पैदल चलाता है कोई मजबूरी तो कोई शोक के लिए। अगर कोई व्यक्ति किसी सामाजिक उदृदेश्य के लिए पैदल चलता है और वह भी किसी जिले का जिलाधिकारी तो यह बात अपने आप में गर्व के साथ ही इतिहास में दर्ज करने वाली ही बात होगी। दून के जिलाधिकारी ने देहरादून जिले में बहने वाली रिस्पना नदी का मुआयना किया वह भी पैदल। आपको अजीब लग रहा होगा कि रिस्पना नदी के साथ-साथ तो सड़के हैं तो उसके बाद डीएम पैदल क्यों गये।
आपको बता दें कि मरी हुई रिस्पना के पुर्नजीवन के लिए प्रयास हो रहे हैं। राजनैतिक मंचों पर भाषणों और घोषणाओं का दौर भी लंबे समय से चल रहा है, लेकिन राजनीतिक मंचों की बातें तो आपको पता हैं कि सत्ता बदलते ही बाते भी पुरानी होने के साथ-साथ भूला दी जाती है। लेकिन अगर कोई प्रशासनिक अधिकारी अगर इसके लिए पहल करे तो यह निश्चित समझा जा सकता है कि उसके दिन बहुरने वाले हैं।
ऐसा ही अब रिस्पना के साथ होने वाला है। जब देहरादून के जिलाधिकारी अपने लावा लस्कर के साथ रिस्पना नदी का पैदल भ्रमण करेंगे तो निश्चित है कि रिस्पना पुर्नजीवित हो ही जाएगी। ऐसा जिलाधिकारी के पैदल भ्रमण के बाद अब लग रहा है।
आपको बता दें कि भारत की आजादी के बाद पहली बार पूरी रिस्पना को जिलाधिकारी एस.ए . मुरुगेशन ( आईएएस) ने पैदल नापा . आज सुबह 9 बजे से सभी सम्बंधित विभागों जैसे – सिचाई विभाग, जल संस्थान , पेयजल निगम , वन विभाग , राजस्व विभाग, नगर निगम, MDDA के अफसरों और MAD ,USERC, इको टास्क फाॅर्स और Aagaas Pipalkoti की टीम ने जिलाधिकारी देहरादून के नेतृत्व में शिखर फाल से सुमन नगर – काठ बंगला तक पैदल और बाद में वाहनों से पूरी रिस्पना का- बिंदाल रिस्पना के संगम और आगे दूधली – राजा जी नेशनल पार्क की सीमा तक का सर्वे किया .
पूरी रिस्पना नदी को 13-14 सेक्टरों में बांटा गया है . हर विभाग को अगले ३ दिन में अपना अपना प्लान और योजना बनाने के निर्देश दिए गए है . भूमि पर अवैध कब्जों की फोटोग्राफी की गयी , उनका सीमांकन किया गया . नदी के बहाव क्षेत्र में जो भी कब्जे किया गए हैं उनको नाप लिया जायेगा . इस टीम में PWD की किसी भी अधिकारी ने भाग नहीं लिया . आशा है ये काम जल्द होगा – एको टास्क फाॅर्स जल्दी ही पोधारोपण का कार्य करेगी ! साथ साथ vegetative check dams, वाटर रिचार्ज चाल खाल, trenches बनाई जायेंगी . कम से कम कंक्रीट के कार्य किये जायेंगे !
आपको बता दें कि रिस्पना (ऋषिपर्णा) नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेषन द्वारा रिस्पना नदी के मोहसीफाल शिखरफाल से मथोरावाला रोड दौड़वाला तक लगभग 30 किमी. क्षेत्र का सम्बन्धित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिसमें जिलाधिकारी द्वारा शिखरफॉल से काटबंगला तक नदी के बीचो-बीच पैदल चलकर  लगभग 5 किमी की दूरी तय की गयी।
जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेषन ने रिस्पना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 14 सैक्टरों में विभाजित किया गया है जिसमें पहला सैक्टर शिखरफॉल से मकरेत गांव तक, दूसरा सैक्टर  मकरेत गांव से तपोभूमि आश्रम, तीसरा  सैक्टर तपोभूमि आश्रम से काठबंगला, चौथा सैक्टर काठबंगला से धोरण तक, पांचवा सैक्टर धोरण से बाला सुन्दरी तक, छठा सैक्टर बाला सुन्दरी से कंडोली तक, सातवां सैक्टर कंडोली से अधोईवाला नालापानी चौक तक, आठवां सैक्टर अधोईवाला नालापानी चौक से एम.डी.डी.ए कालोनी तक, नौवां सैक्टर एम.डी.डी.ए कालोनी से संजय कालोनी तक, दसवां सैक्टर संजय कालोनी से बलबीर रोड तक, ग्यारहवां सैक्टर बलबीर रोड से विधानसभा रिस्पना नदी तक, बारहवां सैक्टर विधानसभा रिस्पना पुल से दीपनगर लालपुल तक, तेरहवां सैक्टर दीपनगर लालपुल से केदारपुरम नारी निकेतन तक तथा चौदहां सैक्टर केदारपुरम नारी निकेतन से दौड़वाला तक बनाये गये है।
जिलाधिकारी द्वारा बनाये गये सैक्टरों का स्थलीय निरीक्षण कर सम्बन्धित क्षेत्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने  निरीक्षण के दौरान  साथ में  चल रहे सिंचाई विभाग, जल निगम, जल संस्थान, एम.डी.डी.ए नगर निगम एवं इकोटास्कफोर्स के अधिकारियों को निर्देष दिये हैं कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में की जाने वाली तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का प्रस्ताव तैयार कर तीन दिन के अन्दर मंगलवार तक अनिवार्य रूप से उन्हे उपलब्ध कराना सुनिष्चित करें, ताकि इसी आधार पर नदी को सुव्यवस्थित करने के लिए सम्बन्धित विभाग की कार्ययोजना होगी उसी आधार पर उसे तैयार किया जा सके।
जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी प्रषासन अरविन्द पाण्डेय को निर्देष दिये हैं कि वे रिस्पना नदी के षिखरफाल से लेकर दौड़वाला तक के भूमि का राजस्व विभाग के अधिकारियों से सत्यापन करायें कि किस क्षेत्र में वन विभाग की भूमि है या वन क्षेत्र या ग्राम सभा की भूमि है या नगर निगम एम.डी.डी.ए की भूमि है इसका सत्यापन कराते हुए उन्हे इस सम्बन्ध में अवगत कराया जाये ताकि सम्बन्धित विभागों द्वारा की जाने वाली कार्ययोजना से उन्हे अवगत कराया जा सके।
उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों को यह भी निर्देष दिये हैं कि नदी के किनारे जो भी अतिक्रमण किया गया है उसको देखते हुए उसका सत्यापन कराते हुए , जिनके द्वारा अतिक्रमण किया गया है उसे तत्काल हटाने की कार्यवाही सुनिष्चित की जाये। उन्होने जल निगम के अधिकारियों को निर्देष दिये हैं कि कैनाल हेड से नदी में जो भी सीवरेज डाला जा रहा है इसके सम्बन्ध में पूरा विवरण तैयार करने को कहा तथा इस सम्बन्ध में उन्होने एम.डी से भी बात करने के निर्देष दिये।
इस अवसर पर अधिषासी अभियन्ता सिंचाई ने अवगत कराया कि मोहसीफाल के हेड पर इस समय 17 एमएलडी पानी बह रहा है, जिससे 14 एमएलडी पानी पेयजल के लिये इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि बाकी पानी रिस्पना में तथा अन्य स्त्रोत से भी बह रहा है तथा पीने का पानी इस फाल से वर्श 1985 से लिया जा रहा है।  निरीक्षण के दौरान उन्होनेे  देखा कि नदी के दायें एवं बायें किनारे की पहाडि़यों का क्षरण हो रहा है इसके लिए उन्होने केन्द्रीय भूमि एव जल संरक्षण संस्थान भारत सरकार को भी साथ में लेने के लिए कहा।
जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिषासी अभियन्ता को निर्देषित किया कि पहले सैक्टर मकरेत गांव से षिखरफाल तक दो तीन जगह पानी के चैकडाम बनावायें एवं इसकी प्रस्ताव सुन्दरता के लिए वन प्रभाग एवं इको-टास्कफोर्स वृक्षारोपण का कार्य भी यहां करें। तथा षिखर फाल से मकरेत गावं की स्वच्छता एवं साफ-सफाई नगर पालिका मसूरी करे, जिससे पर्यटक यहां आकर्शित हो सके। इसी फाल  से 1 ) क्यूसेक पानी लघु सिंचाई के लिए गूल बनाकर मकरेत गांव के ग्रामीणो ंको भी दिया जा रहा है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रषासन अरविन्द पाण्डेय, अधीक्षण अभियन्ता एमडीडीए, अधिषासी अभियन्ता सिंचाई विभाग, अधिषासी अभियन्ता जल निगम एवं जल संस्थान, प्रभागीय वनाधिकारी मसूरी कहकहा नसीम, वरिश्ठ स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम, सेना की इकोटास्क फोर्स के अधिकारी, मेड संस्था के अध्यक्ष अभिजय नेगी एवं सदस्य सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
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