पांचवां वनडे जीतकर इतिहास रचने की कोशिश करेगा भारत

पोर्ट एलिजाबेथ । पिछले मैच में शिकस्त झेलने वाली भारतीय टीम मंगलवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाले पांचवें वनडे में जीत दर्ज कर यहां पहली वनडे सीरीज अपने नाम करके इतिहास रचने की कोशिश करेगी। छह मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय टीम 3-1 से आगे है और वह चाहेगी कि वह इस बढ़त का फायदा उठाए। टीम इंडिया सीरीज के शुरुआती 3 वनडे जीतने के बाद बारिश से प्रभावित चौथे वनडे में पांच विकेट से हार गई थी।

साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजी लाइन अप और भारत के कलाई के स्पिनरों के बीच अब भी मुकाबला अहम है। जोहानिसबर्ग में हालांकि बारिश के कारण हुई दो बार की बाधा ने भारत की बल्लेबाजी और गेंदबाजी में लय बिगाड़ दी। सबसे अहम बात यह रही कि बारिश के कारण लक्ष्य में संशोधन किया गया और एबी डिविलियर्स के जल्दी पविलियन लौटने के बावजूद मेजबानों को इसे हासिल करने में जरा भी परेशानी नहीं हुई।

 

चौथा वनडे मुकाबला टी20 की तर्ज पर हुआ जिसमें डेविड मिलर और हेनरिक क्लासेन ने भारत के कलाई के स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी कर मैच छीन लिया। निश्चित रूप से भारत को कैच छोडऩे के अलावा मिलर को ‘नो बॉल’ फेंकना भारी पड़ा। लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि दक्षिण अफ्रीका ने युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की कलाई की स्पिन का सामना करना सीख लिया है।

 

पेसर भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह का अच्छी तरह इस्तेमाल नहीं किया गया क्योंकि विराट कोहली ने स्पिनरों पर ही ज्यादा भरोसा दिखाया जबकि वे दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों की आक्रामकता को रोकने में असफल रहे थे। इसे देखते हुए पोर्ट एलिजाबेथ में भारतीय टीम का चयन काफी अहम रहेगा। केदार जाधव की फिटनेस पर अब भी सवालिया निशान बना हुआ है जिन्हें केप टाउन में हैमस्ट्रिंग चोट लगी थी और वह पिछला मैच भी नहीं खेल सके थे।

 

जाधव की अनुपस्थिति में भारत एक भरोसेमंद गेंदबाजी विकल्प गंवा देगा। जाधव में धीमी स्पिन गेंदबाजी करने की काबिलियत है और वह इसे परिस्थितियों के अनुकूल ढाल लेते हैं जिससे वह चहल और यादव के साथ अच्छी तरह घुल-मिल जाते हैं। उनकी अनुपस्थिति में भारत के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं। वहीं रोहित शर्मा ने वनडे में अंतिम बार जनवरी 2016 में पर्थ में गेंदबाजी की थी। श्रेयस अय्यर ने अपनी लेग ब्रेक का अभ्यास किया था पर उन्होंने अपनी पदार्पण सीरीज में श्रीलंका के खिलाफ सिर्फ एक ही ओवर फेंका था लेकिन इनमें से कोई भी जाधव जैसा भरोसेमंद विकल्प मुहैया नहीं कराता।

 

कैप्टन कोहली भी एक अन्य दावेदार हैं लेकिन वह सीम-अप से गेंदबाजी करते हैं। मध्यक्रम में भले ही समस्या हो लेकिन टीम को जाधव की बल्लेबाजी के बजाय उनकी गेंदबाजी की काफी कमी खलेगी जिससे संकेत मिलता है कि भारतीय टीम का संतुलन अब भी सर्वश्रेष्ठ नहीं है। अजिंक्य रहाणे ने चौथे नंबर पर वापसी करते हुए 79 रन की पारी के बाद 11 और 8 रन बनाए हैं। हार्दिक पंड्या का बल्ले से दौरा काफी खराब रहा है, उन्होंने पिछली दो पारियों में 14 और 9 रन बनाए हैं।

 

सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी ने ही मध्यक्रम में 43 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए, जिससे टीम जोहानिसबर्ग में जूझती रही। हालांकि सीरीज का स्कोर इस पहलू को पूरी तरह छुपा लेता है। रोहित शर्मा की खराब फॉर्म के बावजूद भारत का शीर्ष बल्लेबाजी क्रम मजबूत है। रोहित ने पहले चार वनडे में 40 रन बनाए हैं और 12 मैचों में उनका वनडे औसत महज 11.45 का है। कोहली (393) और शिखर धवन (271) ने मिलकर बाकी बचे बल्लेबाजों (239) द्वारा मिलकर बनाए गए रनों से करीब तीन गुना रन बनाए हैं।

 

निश्चित रूप से यह भारतीय थिंक टैंक के लिये चिंता की बात होगा। इस बात की अनदेखी नहीं की जा सकती कि दक्षिण अफ्रीका भारतीय लाइन की कमजोरी का फायदा उठाकर कोहली और धवन को सस्ते में पविलियन भेजना चाहेगा। यह देखना होगा कि मेजबान टीम किस गेंदबाजी संयोजन को उतारती है।

PropellerAds