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 ऑफर : पेट्रोल-डीजल भरवाने पर मिलेगा बड़ा कैशबैक !

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नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर अक्सर लोगों के मन में होता है कि ये कब सस्ती होंगी. लेकिन सस्ता होने के बजाए पेट्रोल के दाम सातवें आसमान पर हैं. लगातार पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं. अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढऩे से पेट्रोल मंहगा हुआ है, तो वहीं रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय होने का भी असर इस पर पड़ा है. लेकिन, अब चिंता करने की जरूरत नहीं. आपको पेट्रोल पर आपको बड़ा कैशबैक मिल रहा है. इसके लिए आपको बस एक खास तरीके का इस्तेमाल करना होगा.

 

क्या है पेट्रोल पर कैशबैक का ऑफर
पेट्रोल की ऑनलाइन पेमेंट करने पर आपको छूट मिलती है. लेकिन, यही पेमेंट अगर आप मोबिच्कि वॉलेट से करेंगे तो आपको बड़ा कैशबैक मिलेगा. जी हां कंपनी ने पेट्रोल के लिए खास स्कीम चलाई है. जिसमें शाम 6 बजे से लेकर रात 9 बजे के बीच पेट्रोल भरवाने पर आपको सुपरकैश ऑफर मिलेगा. इसमें 10त्न कैशबैक का ऑफर है.

 

कब तक मिलेगा कैशबैक
मोबिच्कि ने यह ऑफर 28 मार्च 2018 को निकाली है. इस ऑफर की वैधता 1 जून 2018 तक है. ऑफर का फायदा उठाने के लिए आपको कम से कम 50 रुपए का पेट्रोल डलवाना होगा. हालांकि, इसका फायदा आप हफ्ते में सिर्फ दो बार उठा सकते हैं.

 

कैसे मिलेगा फायदा
ऑफर का फायदा उठाने के लिए आपको कोई कूपन कोड नहीं चाहिए. बल्कि पेट्रोल पंप पर पेमेंट के वक्त सिर्फ क्यूआर कोड स्कैन करना होगा. इसके बाद आपने जितनी राशि का पेट्रोल डलवाया है उतना अमाउंट एंटर करना होगा. हालांकि, कंपनी ने इसके लिए अधिकतम 50 रुपए के कैशबैक की कैप लगाई है. कैशबैक आने पर उसका इस्तेमाल आप दूसरी बार पेट्रोल डलवाने पर कर सकते हैं. इसके लिए आपको कम से कम 200 रुपए का पेट्रोल डलवाना होगा.

 

कैशबैक के अलावा भी छूट
पेट्रोल डलवाने पर आपको वॉलेट में कैशबैक तो मिलेगा ही, साथ ही 0.75त्न की ऑनलाइन पेमेंट छूट का भी फायदा मिलेगा. यह फायदा आपके वॉलेट में 7 वर्किंग डेज में क्रेडिट कर दिया जाएगा. वहीं, कैशबैक के लिए आपको सिर्फ 24 घंटे का इंतजार करना होगा. जो सीधे मोबिच्कि वॉलेट में क्रेडिट होगा.कंपनी ने इसके लिए पेट्रोल पंप आउटलेट की लिस्ट भी अपने ऐप और वेबसाइट पर जारी कर रखी है.

 

 

अगले 10 दिन महंगा नहीं होगा पेट्रोल-डीजल
पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों पर अब ब्रेक लग गया है. अगले 10 दिन पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई इजाफा नहीं होगा. हालांकि, इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतों में तेजी जारी है. लेकिन, 12 मई तक भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहेंगे. इसके पीछे एक बड़ा कारण है, जिसकी वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (आईओसी, एचपीसीएल, बीपीसीएल) ने रोजाना बदलने वाले भाव को रोक दिया है. हालांकि, कंपनियों को इससे नुकसान हो सकता है. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हो रहा है, जिसकी वजह से कंपनियों की लागत बढ़ सकती है. कच्चा तेल खरीदना कंपनियों के लिए महंगा होगा.

 

नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम
तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में रोजाना होने वाले संशोधन को फिलहाल रोक दिया है. दरअसल, दक्षिण राज्य कर्नाटक में 12 मई को चुनाव होने वाले हैं. इसलिए ऐसा किया गया है. खास बात यह है कि पिछले 8 दिनों में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई इजाफा नहीं हुआ है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके दाम दो डॉलर प्रति बैरल बढ़ चुके हैं, लेकिन भारत में खुदरा दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

 

नहीं घटेगी एक्साइज ड्यूटी
पेट्रोल-डीजल के दाम बढऩे से लगातार एक्साइज ड्यूटी में कटौती की मांग हो रही है. लेकिन, वित्त मंत्रालय ने साफ इनकार कर दिया है कि एक्साइज ड्यूटी नहीं घटाई जाएगी. आपको बता दें, इस वक्त पेट्रोल के दाम करीब 5 साल के उच्चतम स्तर पर हैं, वहीं डीजल अपने रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रहा है. राजधानी दिल्ली में आज का भाव 74.63 पैसे हैं. जबकि डीजल की कीमतें 65.93 रुपए प्रति लीटर पहुंच चुकी हैं. 24 अप्रैल को आखिरी बार पेट्रोल-डीजल के भाव में बदलाव हुआ था. उसके बाद से कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

 

सरकार का कोई लेनादेना नहीं
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि कीमतों से मंत्रालय का कोई ताल्लुक नहीं है. यह कंपनियां तय करती हैं कि कीमतों में कितना बदलाव किया जाएगा. कर्नाटक चुनाव की वजह से कीमतों में संशोधन को रोका गया है. इससे पहले गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में होने वाले संशोधन पर रोक लगाई थी.

 

चुनाव के बाद एकदम से बढ़ेंगे दाम?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार चुनाव के वक्त तेल कंपनियों से कीमतों में इजाफा न करने को कहती हैं. हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय इसका खंडन करता रहा है. दाम में बदलाव नहीं होने से कंपनियों को घाटा होता है. इसकी भरपाई वह चुनाव के बाद कीमतें बढ़ाकर करती हैं. ऐसे में कर्नाटक चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है.

 

सरकार का नहीं है नियंत्रण
साल 2010 से सरकार ने पेट्रोल को अपने नियंत्रण से बाहर कर दिया था. वहीं, अक्टूबर 2014 में डीजल को भी इस नियंत्रण से बाहर कर दिया गया. इसके बाद से कीमतों में महीने में दो बार संशोधन किया जाता था. पहला संशोधन 15 तारीख और दूसरा 30 या 31 तारीख को होता था. लेकिन, जून 2016 से पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना तय होते हैं.

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