udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news निजी मेडिकल कॉलेजों में फीस वृद्धि का फैसला वापस लिया

निजी मेडिकल कॉलेजों में फीस वृद्धि का फैसला वापस लिया

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प्रदेश में किसी को भी मनमानी नहीं करने दी जायेगी: सीएम

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के निजी मेडिकल संस्थानों से हुई वार्ता के बाद उनके द्वारा फीस वृद्धि का निर्णय वापस ले लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी मेडिकल संस्थानों के प्रतिनिधियों द्वारा पूर्व में उनसे भेंट कर अवगत कराया था कि उन्हें संस्थानों की अवस्थापना सुविधाओं आदि के विकास के लिये बड़ी धनराशि व्यय करनी पड़ती है। इसके लिये उनके द्वारा मेडिकल छात्रों की फीस में वृद्धि का अनुरोध किया गया था।
मुख्यमंत्री आवास पर मीडिया से अनौपचारिक वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल संस्थानों द्वारा फीस में कई गुना वृद्धि किये जाने तथा कई अविभावकों द्वारा भी उन्हें फीस वृद्धि के संबंध में अवगत कराये जाने पर मेडिकल छात्रों के हित में संस्थानों को फीस वृद्धि वापस लेने को निर्देशित किया गया। जिस पर उनके द्वारा फीस वृद्धि वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मेडिकल संस्थानों द्वारा फीस वृद्धि वापस लिया जाना मेडिकल छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला बताया। उन्होंने कहा कि इससे मेडिकल के छात्रों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसी को भी मनमानी नहीं करने दी जायेगी यदि कोई मनमानी करेगा तो उसके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के छात्रों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जायेगा। एनसीईआरटी की पुस्तकों को प्रदेश के विद्यालयों में लागू करने के निर्णय के संबंध में निजी स्कूल प्रबंधकों के असंतोष के संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि इस संबंध में जायज बातों को सुना जायेगा।
फीस वृद्धि पर सीएम का पुतला फूंका 
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एस.एफ.आई) ने राज्य कमेटी के आह्वाहन पर निजी मेडिकल कॉलेज में 400 गुना फीस वृद्धि के खिलाफ उत्तराखंड मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।एसएफआई कार्यकर्ता लैंसडौन चैक पर एकत्रित हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते सीएम का पुतला फूंका। उन्होंने एस.जी.आर.आर मेडिकल कॉलेज में अपने अधिकारों के लिए बैठे छात्रों को अपना समर्थन दिया।
इस अवसर पर राज्य सचिव देवेंद्र सिंह रावल ने कहा कि सरकार द्वारा निजी  मेडिकल विश्वविद्यालय की फीस के अधिकार को  विश्वविद्यालय को  स्वायत्ता देने के निर्णय का संगठन कड़ा विरोध करती है यह सरकार का छात्र विरोधी निर्णय है जिसके कारण आज मेडिकल (एम.डी, एमएस कोर्स) की फीस 300-400 गुना बढ़ गयी है।
यह एक गंभीर विषय है छात्रों को यह सोचने की जरूरत है कि पहले ही उत्तराखंड के अधिकांश छात्र महंगी फीस के कारण मेडिकल के छेत्र में जाने से पीछे हटते हैं, जबकी उत्तराखंड में ना पर्याप्त डॉक्टरों हैं और ना ही छात्रों के लिए पर्याप्त अवसर ऐसे में यह फैसला सरकार के उत्तराखंड के मध्यम वर्ग और गरीब परिवार के छात्रों के लिए मेडिकल के दरवाजे खोलने के बजाय बन्द करने का काम कर रही है निश्चित तौर पर यह छात्र व शिक्षा विरोधी फैसला है।
इस अवसर पर डी.ए.वी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष लेखराज ने कहा कि एक तरफ सरकार नारा दे रही है कि पढ़ेगी इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडियाश् किन्तु इस प्रकार बढ़ती फीस में कैसे पढ़ेगा इंडिया । साथ  ही कहा कि केंद्र की तथा राज्य की डबल इंजन की सरकार देश तथा राज्य के शिक्षा संस्थानों को निजीकरण की तरफ तो धकेल ही रही है साथ ही साथ फीस में बढ़ोतरी कर शिक्षा को आम आदमी की पहुच से भी दूर कर रही है
 जहा छात्र अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे है वही मुख्यमंत्री छात्रों की समस्या को जानने के बजाय शर्मनाक बयान दे रहे है जो की बहुत ही निंदनीय है। संगठन इस प्रदर्शन के माध्यम से मांग करती है कि सरकार निजी मेडिकल कॉलेज से फीस के अधिकार के निर्णय तथा बढ़ी फीस को वापस ले। इस अवसर पर महेंद्र, हिमांशु चैहान, शैलेन्द्र परमार, सोनाली, सुमन, सुप्रिया, विशाल, हिमांशु खाती, मनीष जैन भगवन सिंह पयाल, सोनल ,अलका, मोना आदि मौजूद रहे।

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