मिशन 350 प्लस : 2018 से ही लोकसभा चुनावों की तैयारी में जुटेगी भाजपा

नई दिल्ली । डेढ़ साल बाद होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा अगले साल की शुरुआत से व्यापक कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। संगठन को मजबूत करने के साथ व्यापक जनसंपर्क अभियान में पार्टी और सरकार मिलकर काम करेगी।

जिन सीटों पर भाजपा या सहयोगी दलों के सांसद नहीं है, वहां पर राज्यसभा सांसदों या पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। गुजरात और हिमाचल के चुनाव नतीजों के बाद इस कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा।

भाजपा नेतृत्व पहले से ही मिशन 350 प्लस को लेकर काम करना शुरू कर दिया है और पूरे देश की हारी हुई सीटों को लेकर उसके चुनिंदा नेताओं ने दौरे भी किए हैं। अगले चरण में इन सीटों पर बूथ स्तर तक की रणनीति बनाई जाएगी, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों से लेकर पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां दी जाएंगी।

जिन राज्यों में भाजपा के सहयोगी दल हैं वहां पर राज्य इकाइयां उन दलों के साथ मिलकर इस पर काम करेंगी। सहयोगी दलों के साथ सीटों के बंटवारे का फैसला भले ही बाद में हो, लेकिन पार्टी सभी सीटों के लिए तैयारी करेगी। जिन राज्यों में अगले साल चुनाव है उनको छोडक़र बाकी में जमीनी तैयारी शुरू कर दी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार भाजपा महाराष्ट्र में सभी सीटों पर अकेले ही चुनाव लडऩे की तैयारी कर रही है। शिवसेना राज्य सरकार में शामिल जरूर है, लेकिन दोनों दलों ने पिछला चुनाव अलग-अलग लड़ा था। हाल के शिवसेना नेताओं के बयान के बाद यह लगभग तय है कि लोकसभा के लिए दोनों दलों में समझौता नहीं होगा।

संसद में शाह के लिए कक्ष की तलाश
अमित शाह के राज्यसभा सदस्य बनकर संसद पहुंचने के बाद उनके लिए कक्ष की तलाश शुरू हो गई है। पहले पार्टी में चर्चा थी कि पार्टी संसदीय दल के कार्यालय में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी वाला कक्ष उनको दिया जाए, लेकिन पार्टी नेतृत्व इसके पक्ष में नहीं है।

एक चर्चा यह भी है कि शाह को सांसद होने के नाते किसी न किसी संसदीय समिति का अध्यक्ष बना दिया जाए जिससे उनको अध्यक्ष के नाते कक्ष मिल जाएगा। हालांकि शाह के नजदीकी सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनावों की तैयारी के लिए शाह के पास ज्यादा समय नहीं होगा ऐसे में संसद में उनके लिए फिलहाल विशेष कक्ष की जरूरत नहीं है।

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