मौसम का कहर: आंधी-तूफान के साथ ओले गिरे,16 की मौत ! फसलें बर्बाद !

उदय दिनमान डेस्कः मौसम का कहर: आंधी-तूफान के साथ ओले गिरे,16 की मौत ! फसलें बर्बाद ! उतर भारत सहित देश के कई हिस्सों में बारिश ने कहर बरपाया। 16 लोगों के मौत की सूचना के साथ फसलों के बर्वाद होने के भी समाचार है। देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश ने अपना कहर बरपाया। किसानों की खड़ी फसले बर्वाद हो गयी और कई लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा।

आपको बता दें कि शनिवार को उत्तर भारत में आई तेज आंधी-पानी से जहां फसलों को भारी नुकसान हुआ वहीं बिहार में 11 तो उप्र में पांच लोगों की मौत हो गई। मप्र में भी बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा है। अचानक हुए मौसम में बदलाव ने किसानों के माथे पर चिंता लकीरें खींच दी है. मौसम में परिवर्तन के साथ ठंड भी पहाड़ी इलाकों में महसूस हो रही हैं। उत्तराखंड हिमाचंल में दो दिनों से कपकपी का अहसास हो रहा है।

 

उत्तराखंड हिमाचल के कई भागों में आज प्रातः भी जोरदार बारिश हुई। बिहार के कई जिलों में शनिवार को आंधी-तूफान व ओलावृष्टि ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। आंधी-तूफान की चपेट में आकर राज्य में 11 लोगों की मौत हो गईं। खेतों में लगी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा। आपदा प्रबंधन विभाग ने पूरे प्रदेश में अगले 24 घंटे की चेतावनी जारी की है। 14 जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है।

 

प्रदेश में कुछ जिलों को छोड़कर शनिवार सुबह व दोपहर में तेज हवा के साथ बारिश हुई। कई जगहों पर ओले भी पड़े। आम, लीची एवं गेहूं की हजारों एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई। कृषि विभाग के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक दलहन एवं तिलहन की फसलें भी चौपट हुई हैं। उत्तर बिहार में बीते सात दिनों में यह तीसरी बारिश है। सबसे ज्यादा असर मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जिले में हुआ है।

 

 

उप्र के गोंडा, बाराबंकी और लखीमपुर में एक-एक तो उन्नाव में दीवार गिरने से दो मासूमों की मौत हो गई। कानपुर देहात और फीरोजाबाद में दो युवक घायल हो गए। इस दौरान पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए, जिससे शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति चरमरा गई। गोंडा में कहीं तेज बारिश तो कहीं बूंदाबांदी हुई।

 

उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर किसान रक्षाराम की मौत हो गई। कटाई के लिए तैयार फसल आंधी से तहस-नहस हो गई। बुंदेलखंड के बांदा, हमीरपुर व उरई में आंधी के चलते मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। आगरा मंडल में भी किसानों को काफी नुकसान हुआ। सूबे के कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

 

 

मप्र में शनिवार शाम को मौसम में बदलाव हुआ। शिवपुरी जिले के बदरवास कस्बे में शनिवार शाम करीब पांच बजे आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि हुई। चने और बेर के आकार से बड़े ओले करीब आधे घंटे तक गिरे। इसके साथ ही बारिश भी हुई। बारिश से बदरवास कस्बे की निचली बस्तियों में पानी भर गया।

 

अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं क्योंकि कई किसानों की कटी फसल खेतों में रखी है। मंदसौर जिले में भी आंधी के साथ कुछ क्षेत्रों में बारिश हुई। धमनार में ओले गिरे। दलौदा, सीतामऊ व शामगढ़ में आधे घंटे से अधिक बारिश हुई। नीमच में कई स्थानों पर धूलभरी आंधी चली और बारिश हुई।

 

हिमाचल प्रदेश में मौसम के तेवर दो दिन से कड़े हैं। अप्रैल में दिसंबर जैसी बारिश होने से प्रदेश में सर्दी का अहसास हो रहा है। इन दिनों लोग गर्म कपड़े पहनने के लिए मजबूर हैं। गर्मी से निजात पाने के लिए प्रदेश के हिल स्टेशनों में आने के लिए तैयार कई लोगों का कार्यक्रम मौसम ने रद करवा दिया है। उन्हें पहाड़ जैसे मौसम का लुत्फ उठाने का मौका मैदानी राज्यों में ही मिल रहा है।

 

राजधानी शिमला के कुछ होटलों में अन्य राज्यों के कई पर्यटकों ने बुकिंग रद करवा दी है। इस वर्ष पहले ही सर्दी का मौसम लंबा खिंच गया था। एक सप्ताह तक गर्मी ने भी खूब रंग दिखाया लेकिन अब मौसम ने फिर करवट बदल ली है। इससे बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है और राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दी ने दस्तक दे दी है।

 

वैशाली, सारण, मुजफ्फरपुर व खगड़िया में शनिवार को 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी के बाद बारिश व आेला गिरने से तीन महिलाओं समेत 5 की मौत हो गई। वैशाली में 3, सारण व खगड़िया में एक-एक मौत की सूचना है। राज्य के अन्य इलाकों में भी ओलावृष्टि से आम, गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा। झारखंड में बने चक्रवात का असर अगले 24 घंटे तक रहेगा। राजधानी पटना का अधिकतम पारा सामान्य से 5 डिग्री नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने पटना समेत 14 जिलों में ओलावृष्टि, भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है।

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