महाराष्ट्र में मोदक सागर सहित कई झीलें हुईं ओवर फ्लो

मुंबई । मुंबई की सात बड़ी झीलें जो पूरे मुंबई शहर को पानी सप्लाई करती है रविवार सुबह तक 66 फीसद तक लबालब भर चुकी थी। इसके साथ ही मोदक सागर के ओवरफ्लो होने के बाद तनसा झील का पानी भी किनारों को तोड़ कर बाहर आ चुका था।

 

लगातार बारिश के कारण तनसा झील जिसकी कुल सप्लाई लेवल 128.6 मीटर है, ओवरफ्लो के निशान से मात्र एक मीटर दूरी रह गई थी। मोदक सागर जिसकी मुंबई में आपूर्ति क्षमता 1.28 लाख मिलियन लीटर प्रतिदिन है रविवार को ये भी ओवरफ्लो करने लगी। सिविक अधिकारियों ने बताया कि झीलों की कुल क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर के मुकाबले 9.48 लाख मिलियन लीटर रह गई है है।

 

पिछले साल इसी अवधि में यह 48 फीसद था, जबकि 2015 में, 16 जुलाई को झीलों का केवल 19.6 फीसद था क्योंकि उस साल खराब वर्षा हुई थी। सिविक अधिकारी हर सुबह झीलों में पानी के स्तर को चेक करते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शहर में रोज़ाना 3,750 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति होती है। सितंबर के अंत तक झीलों की आपूर्ति क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर होनी चाहिए, इसके बाद बीएमसी पूरे वर्ष के लिए अपनी यही रणनीति तय करे।

 

अगर सितंबर के अंत तक झीलों का पूरा भंडार होगा, तो शहर को अगले जून तक निर्बाध पानी की आपूर्ति मिल जाएगी। नासिक और पड़ोसी जिलों के पांच झील -मोदक सागर, तनसा, ऊपरी वैतरण, मध्य वैतरणा और भाटसा हैं। मुंबई में स्थित दो सबसे छोटे झील-तुलसी और विहार में कम वर्षा के कारण पिछले साल की तुलना में कम जल भंडार है।

 

तुलसी और विहार में क्रमश: 8,046 मिलियन लीटर और 27,698 मिलियन लीटर की भंडारण क्षमता है। रविवार सुबह तक उन्हें 4,433 मिलियन लीटर और 12,336 मिलियन लीटर पानी का स्टॉक मिला। जबकि, पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान उनमें क्रमश: 7,739 मिलियन लीटर और 13,589 मिलियन लीटर जलभंडार थे।

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