लो जी देवभूमि में भी अब खुलेआम गुंडागर्दी !

संघ-भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा माकपा कार्यालय पर हमले की खबर

देहरादूनः लो जी देवभूमि में भी अब खुलेआम गुंडागर्दी । उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में संघ-भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा माकपा कार्यालय पर हमले की खबर है। इस हमले में माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के आधा दर्जन कार्यकर्ताओं पर चोटें आई हैं।

 

केरल में संघ परिवार और माकपा का हिंसक टकराव की आंच अब देश के दूसरे हिस्सों में भी पहुंचने लगी है। माकपा कार्यालयों पर प्रदर्शन करने वाली संघ परिवारी भाजपा के राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में माकपा मुख्यालय पर पिछले दिनों प्रदर्शन कर अपने इस अभियान का श्रीगणेश किया था।

 

विरोधी राजनीतिक पार्टी के मुख्यालय पर इस तरह प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू करने के ऐलान से ही इस बात के संकेत मिलने लगे थे कि संघ परिवार की यह जनसुरक्षा यात्रा हिंसक टकराव की ओर कदम बढ़ाएगी। देहरादून में जो कुछ हुआ वह इसी का नतीजा है।

 

दोपहर बारह बजे के आसपास संघ-भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता शहर के बीचोंबीच स्थित माकपा के कार्यालय पर पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। सबसे शर्मनाक यह है कि शहर के मेयर और भाजपा के विधायक मुन्ना सिंह राणा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरबंश कपूर समेत कई बड़े नेता इस हमलावर भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे।

 

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुए इस हमले में माकपा नेता शेर सिंह राणा के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं, जबकि आधा दर्जन कार्यकर्ता व पदाधिकारी चोटिल हुए हैं।

 

माकपा ने इस हमले को संघ-भाजपा की फांसीवादी हरकत बताते हुए कहा है कि संघ परिवार और उसकी भाजपा मोदी सरकार की नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ इस तरह नीचता पर उतर आई है।

 

माकपा के राज्य सचिव राजेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि केरल में भी संघ परिवार इसी तरह फांसीवादी हमलों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि केरल में सवाल पर खुदको पीड़ित बताने वाला संघ परिवार खुद हमलावर है और अब तक दो सौ से अधिकर कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं की हत्या कर चुका है।

 

माकपा नेता ने कहा कि पार्टी कार्यालय पर हुए इस हमले के खिलाफ राज्यभर में विरोध प्रदर्शन कर संघ परिवार की फांसीवादी राजनीति को बेनकाब किया जाएगा।

 

भाकपा(माले) राज्य कमेटी सदस्य  इन्द्रेश मैखुरी ने देहरादून में माकपा के कार्यालय पर भाजपा द्वारा हमला किये जाने की, भाकपा(माले) तीव्र भर्त्सना करती है.यह बेहद निंदनीय है कि भाजपा इस तरह की खुली गुंडागर्दी पर उतर आई है.
यह देश भर में भ्रष्टाचार और आर्थिक मोर्चे पर निरन्तर होती फजीहत से ध्यान हटाने की भाजपा की कोशिश है .यह शर्मनाक है कि माकपा कार्यालय में हमले का नेतृत्व करने वालों में देहरादून के मेयर और विधायक विनोद चमोली, विधायक मुन्ना सिंह चौहान और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हरबंस कपूर शामिल थे,
वह दर्शाता है कि भाजपा में न्यूनतम राजनीतिक शिष्टाचार भी नहीं बचा है.यदि शहर का प्रथम नागरिक-मेयर,विधायक और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ही गुंडागर्दी में लिप्त हो जाएंगे तो फिर कानून व्यवस्था को ध्वस्त होने से कौन बचा सकता है.इन सब का हमलावरों की अगवाई करना दर्शाता है कि माकपा कार्यालय पर हुए हमले को राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त था.
देश की सभी वामपंथी ताकतें इस तरह की गुंडागर्दी का मुंहतोड़ जवाब देंगी.मजदूर-किसानों के हक में लड़ने वालों पर इस तरह के सत्ता संरक्षित हमलों से घबराने वाले नहीं है.साम्प्रदायिक उन्माद पैदा करने,मंहगाई, बेरोजगारी, किसानों,मजदूरों की बदहाली के खिलाफ वाम-जनवादी ताकतें लड़ाई को और तेज करेंगी और निर्णायक शिकस्त देंगी.