लाचार जनता मजबूरी में ऐसा करती है सहाब!

अपनी मांगों को लेकर जब शासन और प्रशासन के द्वार खटखटाने के बाद भी आपकी बात नहीं सुनी जाएगी तो आपका गुस्सा होना लाजमी है। जोशीमठ में भी प्रधान संगठन ने ऐसा ही किया क्योंकि जब जनता की बात नहीं सुनी जाएगी तो गुस्सा आना तो लाजमी है।