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कुदरत का कहर:उत्तराखण्ड मे कई स्थानों पर बादल फटा

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पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड में एक बार फिर प्रकृति का खतरनाक रूप सामने आया है। शुक्रवार शाम उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल जिले में बादल फटा है। जिसके बाद मौसम विभाग ने अगले 36 घंटे के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।

भले ही उत्तराखंड में मानूसन पहुंचने में अभी वक्त है, लेकिन इससे पहले ही मौसम डराने लगा है। पर्वतीय इलाकों में हुई जोरदार बारिश से कई जगह सडक़ों पर मलबा आ गया। कुमाऊं के नैनीताल और गढ़वाल के टिहरी जिले में बादल फटने से नदी-नाले उफान पर आ गए और कई जगह खेतों में मलबा भरने के साथ ही घरों में भी पानी घुस गया।

 

दूसरी ओर पिथौरागढ़ में गोरी नदी में आए उफान से स्थानीय गांवों को जोडऩे वाला मार्ग बंद हो गया है। मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे करीब आठ घंटे बंद रहा। शुक्रवार को उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सुबह से ही मौसम तल्ख रहा। टिहरी के भिलंगना क्षेत्र में बादल फटने से बरसाती नदी-नाले उफना गए।

इससे खेतों में मलबा भरने के साथ ही एक जगह घराट (पनचक्की) बह गई। कुछ गांवों का संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गया और पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। पौड़ी के थलीसैंण क्षेत्र में दो गोशाला बह गईं। इसमें चार मवेशियों की मौत हो गई।

उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री के प्रमुख पड़ाव बडक़ोट के पास उफनती बरसाती नदी को पार करते हुए तीन बच्चे बह गए, इनमें से दो को बचा लिया गया, लेकिन एक बच्ची को पता नहीं चल पाया है। इसके अलावा बदरीनाथ के पास हाईवे पर आठ जगह मलबा आ गया।

सीमा सडक़ संगठन (बीआरओ) के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात सुचारु किया। दूसरी ओर कुमाऊं में नैनीताल जिले के बेतालघाट ब्लाक में बादल फटने से कटमी गजार गांव में खासा नुकसान हुआ। मुसकीत गदेरे (बरसाती नदी) में उफान आने से घरों में पानी घुस गया और खेत मलबे से पट गए।

जिला पंचायत सदस्य पीसी गोरखा ने बताया कि क्षेत्र को रामनगर से जोडऩे वाला मार्ग भी मलबा आने से बंद है। मल्लीसेठी गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। इसके अलावा पिथौरागढ़ के जौलजीवी में करीब डेढ़ घंटे जबरदस्त बारिश से गोरी नदी में उफान आ गया।

इससे एक दर्जन दुकानों और मकानों में मलबा घुस गया। इसके अलावा निकटतम कस्बा लखनपुर से जोडऩे वाला मार्ग भी बंद है। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी मार्ग खोलने में जुटे हैं। सुबह नैनीताल में भी बादल जमकर बरसे। कई जगह ओले गिरने के भी समाचार हैं।


अगले 24 घंटे में आंधी की चेतावनी
उत्तराखंड में मौसम के तेवर फिलहाल बदले ही नजर आएंगे। मौसम विभाग ने इसके लिए बाकायदा चेतावनी जारी की है। राज्य मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार इस दौरान देहरादून, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल में 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। चेतावनी को देखते हुए शासन ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है।

बादल फटने के बाद उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी तेज बारिश हुयी। शाम से ही आसपास के इलाके में तेज हवाएं चल रही थी। इसके अलावा थराली के सोल क्षेत्र मे भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। रुइसान के प्रधान सुदर्शन सिंह ने फोन पर बताया कि कुछ पुलियाओं के बहने की जानकारी है। बारिस से पूरी पिंडेर घाटी मे बिजली की आपूर्ति बाधित हुई है।


सहसपुर क्षेत्र में आंधी-तूफान से भारी नुकसान, जगह-जगह पेड़ उखड़े
आंधी-तूफान से सहसपुर क्षेत्र में जगह-जगह पर पेड़ गिर गए। लीची की फसल को और सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। तूफान से टीन शेड उड़ गए व कई कच्ची झोपडिय़ां क्षतिग्रस्त हो गई

। रामपुर, सिंहनीवाला और अन्य स्थानों पर लगे हाट बाजारों में व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ। तूफान से निपटने के लिए व्यापारी तैयार नहीं थे, मौसम खुला होने के कारण उन्होंने बरसात के प्रबंध नहीं किए थे।

अचानक आए तूफान से व्यापारियों का सामान बर्बाद हो गया। राशन, चीनी आदि पूरी तरह बर्बाद हो गए। कपड़ा व्यापारियों का कपड़ा तथा मिर्च मसाले वाले भी इस तूफान से प्रभावित हुए। सहसपुर में अमर सिंह कश्यप का एक छोटा टीन शेड तथा एक झोपड़ी तूफान से प्रभावित हुए। साथ ही उसमें चलाए जा रहे मशरूम यूनिट को बड़ा नुकसान हुआ। पूरे पछवादून क्षेत्र की बिजली गुल हो गई।

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