केदारनाथ में डेढ़ फिट बर्फबारी, पारा लुढ़का ,पर्यटक स्थल चोपता बर्फ से लकदक

रुद्रप्रयाग। आखिरकार लंबे समय के बाद इन्द्रदेव मेहरबान हो ही गये। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जहां जमकर बर्फबारी हुई, वहीं निचले क्षेत्रों में बारिश होने से काश्तकारों के साथ ही आम जनता के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। इस बर्फबारी और बारिश ने नई जान देने का कार्य किया है। केदारनाथ में रात्रि सात बजे से सुबह तक लगातार बर्फवारी हुई, जिससे केदारनाथ में डेढ़ फिट तक बर्फ जम चुकी है।


पिछले लंबे समय से बर्फबारी और बारिश न होने से सूखे के आसार बने थे, लेकिन सही समय पर बर्फबारी और बारिश होने से आम जनता ने राहत की सांस ली है। केदारनाथ में मंगलवार सांय सात बजे से बुधवार सुबह तक बर्फबारी होती रही। बर्फबारी के कारण केदारनाथ में पारा लुढ़क गया है, जिस कारण केदारनाथ में ठंड भी बढ़ गई है। केदारनाथ में अभी तक लगभग डेढ़ फिट तक बर्फ गिरी है। निचले क्षेत्रों में बारिश होने से काश्तकारों के मुर्झाये चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।

बारिश न होने से सूखे के आसार बने थे और फसल को भी नुकसान हो रहा था, मगर अब बारिश के दस्तक देने से किसानों में भी खुशी लौट आई है। गेहूं, मटर, सरसों आदि की फसलों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। केदारनाथ के अलावा द्वितीय केदार मदमहेश्वर, शिव-पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में भी जमकर बर्फबारी हुई है। केदारनाथ पुलिस चौकी इंचार्ज विपिन चन्द्र पाठक ने बताया कि केदारनाथ में लगभग डेढ़ फिट तक बर्फबारी हुई है।

बर्फबारी के बाद केदारनाथ में मौसम साफ हो गया है। केदारनाथ की पहाडि़या एक बार फिर बर्फबारी के बाद सफेद हो गई हैं। उन्होंने बताया कि बारिश और बर्फबारी न होने से केदारनाथ में भारी कोरी ठंड पड़ रही थी, लेकिन बर्फबारी होने से कोरी ठंड भी दूर हो गई है। वहीं अगर आपको बर्फ का दीदार करना है तो मिनी स्वीटजरलैंड के नाम से विख्यात चोपता-दुगलविटटा चले आईए। इस बार यंहा जमकर बर्फबारी हुई है। चोपता के सभी बुग्याल बर्फबारी के बाद सफेद हो गए हैं। बर्फ से जमीन क्या पेड़ पौधे भी लकदक हो चुके हैं।


जिले के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चोपता में इस साल की पहली बर्फबारी जमकर हुई है। पिछले साल 12 दिसंबर के बाद मंगलवार यंहा अच्छी बर्फबरी होने के बाद एक बार फिर पर्यटकों ने चोपता का रूख कर दिया है। बीच में बर्फबारी न होने से पर्यटक चोपता और तुंगनाथ नहीं पहुंच रहे थे, जिस कारण जिले का पर्यटन भी ठप पड़ गया था और पर्यटन व्यवसायियों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा था, लेकिन एक बार फिर बर्फबारी होने से पर्यटकों के पहुंचने का सिलसिला जारी हो गया है।

चोपता में चारो और बर्फ ही बर्फ दिखाई दे रही है। बर्फबारी के बाद चोपता की सुंदरता देखते ही बन रही है। हरि घास से लदे बुग्याल सफेद हो गए हैं। वहीं तीसरे केदार के रूप में विश्व विख्यात भगवान तुंगनाथ का धाम भी बर्फबारी से सफेद हो गया है। 13 हजार फिट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ धाम में भी जमकर बर्फबारी हुई है।

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