udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news कैंची धाम में श्रद्धालुओं ने लिया बाबा नीम करौली का आशीर्वाद

कैंची धाम में श्रद्धालुओं ने लिया बाबा नीम करौली का आशीर्वाद

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नैनीताल। उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी के तट पर आध्यात्मिक शक्ति के केंद्र कैंची धाम स्थित बाबा नीम करौली महाराज के दरबार में दोपहर तक देश विदेश से पहुंचे तकरीबन 70 हजार से अधिक अनुयायी शीश झुका चुके हैं।

शुक्रवार की सुबह रिमझिम बारिश के बीच बाबा भक्तों का कैंची धाम पहुंचने का जो सिलसिला शुरु हुआ दोपहर तक विहंगम मेले में बदल गया। तकरीबन आठ से नौ किमी लंबी कतार में लगे श्रद्धालुओं ने मंदिर में बाबा के दर्शन कर प्रसाद के रूप में मालपुआ ग्रहण किया। पूरा घाटी क्षेत्र हनुमान भक्त बाबा नीम करौली महाराज के जयकारों से गूंज उठा।

अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर शिप्रा नदी के तट पर बाबा नीम करौली महाराज की जयंती और मंदिर के स्थापना वर्ष पर लगने वाले सुप्रसिद्ध मेले में देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी अनुयायियों का रेला उमड़ पड़ा। आस्था बिगड़ैल मौसम पर भारी पड़ी। जयकारों के बीच कतारबद्ध श्रद्धालु बाबा के दर्शन को आतुर दिखे।

70 के दशक में एप्पल मोबाइल कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स को आध्यात्मिक शक्ति से लवरेज बाबा की शरण लेने पर जो आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त हुआ, उसे उन्होंने मौजूदा फेसबुक के संस्थापक जुकरबर्ग से साझा किया था। एकाध साल के अंतराल में ही जुकरबर्ग तब कैंची धाम (कैंची धाम) में बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे, जब वह मुश्किल दौर से गुजर रहे थे।

जुकरबर्ग करीब सप्ताह भर बाबा की शरण में रहे। इस दरमियान उन्हें जो आध्यात्मिक ज्ञान बाबा से मिला उसने जुकरबर्ग के जीवन में नए बदलाव व नई ऊर्जा की पटकथा लिख डाली।

खुद जुकरबर्ग ने भी अपनी आत्मकथा में कैंची धाम को आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र बताते हुए बाबा को अलौकिक शक्ति व आध्यात्मिक ज्ञान का भंडार बताते हुए स्वीकार किया है कि उनसे मिली शिक्षा के दम पर ही आज दुनिया में उसकी पहचान फेसबुक के संस्थापक के तौर पर है।

अलबत्ता चमत्कारिक शक्तियों वाले बाबा नीम करौली महाराज के दरबार में उनके अनुयायियों के उमडऩे का सिलसिला बरकरार है। मंदिर समिति के अनुसार सायं बाबा के दरबार में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व अन्य लोगों के पहुंचने का कार्यक्रम है।

कैंची धाम के सुप्रसिद्ध मेले के मद्देनजर डीएम विनोद कुमार सुमन,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूड़ी ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसडीएम प्रमोद कुमार के साथ सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मी चप्पे चप्पे पर तैनात की गई हैं। विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे कारसेवक श्रद्धालुओं की सेवा के साथ कानून व शांति व्यवस्था में पुलिस के सहयोग को जुटे रहे।

कैंची धाम इस बार सोर घाटी (सीमांत पिथौरागढ़) का जंबू, गंधरैणी से महक रहा है। पंडा (पिथोरागढ़) से मुलेठी, जंबू, जटामासी, चौरा, छोटी व बड़ी हरड़, आंवला, बहेड़ा लेकर कैंचीधाम पहुंचे मोहन दुग्ताल पहाड़ी उत्पादों की बिक्री में जुटे हैं। मोहन दुग्ताल के अनुसार लोग खूब जमकर खरीददारी कर रहे हैं।

दूर दराज से पहुंचे लोग बंगाली सिंदूर की खूब खरीददारी कर रहे हैं। सिंदूर लेकर पहुंची जोनिका कहती हैं की बंगाली सिंदूर की बात ही कुछ और है। बाबा नीम करौली महाराज के भक्तों देश में नहीं विदेशों में भी हैं। हर वर्ष मेले में पहुंच बाबा के दरबार में शीश झुकाते हैं।

अमेरिका के किनट्रीकी शहर में बस चुके भारतीय मूल के बाबा भक्त व पेशे से चिकित्सक रघु श्रीनिवासन सपरिवार कैंची धाम पहुंचे हैं। करीब 30 साल से अमेरिका में रहते हैं। वह कहते हैं उनकी सफलता का राज बाबा की कृपा ही है। इस बार वह अपनी पत्नी थैरेजिनिवासन, बेटे गणेश, बेटी अमृता, गीता को लेकर कैंची धाम पहुंचे हैं।

रघुश्रीनिवासन के अनुसार बाबा की प्रतिमा उनके अमेरिका स्थित घर पर भी है। वहीं मुंबई स्थित पैतृक निवास पर भी उन्होंने बाबा की प्रतिमा रखी है। बताया कि वह बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए साथ लेकर आए हैं।

कैंची धाम में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने से प्रशासन सकते में आ गया। आनन-फानन में उड़ान पर रोक लगा दी गई। दरअसल, मेले की फोटोग्राफी के मकसद से रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर) के कुछ युवकों ने मेला स्थल के ऊपर ड्रोन उड़ा दिया। जिसे पर तत्काल रोक लगा दी गई।

कैंची धाम परिसर के मुख्य गेट के सामने स्थित कंट्रोल रूम में करीब पचास से ज्यादा लोगों का निशुल्क उपचार कर दवाइयां बांटी गई। तो वहीं खोया-पाया केंद्र में भी करीब 70 से अधिक लोगों को उनके परिजनों से मिलाया गया।

बाबा भक्तों में सभी समुदाय के लोग शामिल हैं। दिल्ली से पहुंचे सरदार देवेंद्र सिंह दिनभर कार सेवा में जुटे रहेे। उत्तरवाहिनी शिप्रा में गंदगी ना जाए इसके लिए वह शिप्रा नदी के आस-पास से लगातार गंदगी एकत्रित करते रहे।

मेला परिसर के आसपास बाबा भक्तों ने लोगों को नि:शुल्क जूस व लस्सी पिलाई। तल्ली बमोरी (हल्द्वानी) से पहुंचे चंदन पांडे , तरुण सुनाल, देव बोरा, रजत व तारी सुनाल की टीम दिनभर लस्सी बांटने में रही।

वहीं हरीश चंद्र व योगेश टम्टा की टीम ने भी लोगों को निशुल्क जूस पिलाया। खैरना से कई वाहन मालिकों ने श्रद्धालुओं को निशुल्क कैंची धाम तक पहुंचाया।

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