कड़ाके की ठंड में भी केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य जारी

समय पर काम पूरा करने के लिए रात-दिन एक किए है निम की टीम
डेबरिस फ्लो बैरियर सिस्टम और टू टेयर ड्रेनेज सिस्टम का काम 45 प्रतिशत पूरा

रुद्रप्रयाग। मौसम के करवट बदलते ही केदारपुरी ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। केदारनाथ के चारों ओर हिमालयी पहाडि़यां जहां बर्फ से ढक चुकी हैं, वहीं केदारनाथ मंदिर और आस-पास भी आधे फिट तक बर्फ जम गई है। यह बर्फवारी निर्माण कार्यों पर बुरा असर डाल रही है, बावजूद इसके निम के मजदूर कार्य में डटी हुई हैं।

केदारपुरी में मौसम बदलते ही बर्फवारी और बारिश शुरू होने लगती है। बृहस्पतिवार सुबह से ही मौसम खबरा चल रहा था, जिस कारण अनुमान भी लगाया जा रहा था कि बारिश होने वाली है। मगर केदारनाथ में बर्फवारी होने लगी, जबकि निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश होने से लोगों को घरों में दुबकना पड़ा। केदारनाथ के पुनर्निर्माण में जुटी नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की टीम कड़ाके की ठंड के बावजूद केदारनाथ ऑपरेशन में जुटी हुई है।

इस समय केदारनाथ का तापमान माइनस दो डिग्री तक पहुंचा हुआ है और लगातार धाम में बर्फबारी हो रही है। विषम परिस्थितियों के बावजूद निम के हौंसले बुलंद हैं।निम की टीम केदारनाथ पुनर्निर्माण के काम में रात-दिन एक किए हुए है। केदारनाथ में निम ने तीर्थपुरोहितों के करीब चालीस भवनों का निर्माण कार्य पूरा कर दिया है।

इन भवनों के फिनिशिंग का काम चल रहा है। वहीं घाट के ऊपर बने चेजिंग रूम के बाहर लकड़ी की शानदार नक्काशी का काम चल रहा है। इसके साथ ही भैरवनाथ मंदिर के ठीक नीचे डेबरिस फ्लो बैरियर सिस्टम (मलबे के बहाव की रोकथाम) और टू टेयर ड्रेनेज सिस्टम का काम 45 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। सरस्वती नदी पर करीब 35 मीटर घाट का निर्माण पूरा हो चुका है।

निम के सोनप्रयाग प्रभारी मनोज सेमवाल और केदारनाथ प्रभारी देवेन्द्र बिष्ट ने बताया कि इस समय केदारनाथ में बर्फबारी हो रही है। निम की टीम का पूरा फोकस केदारनाथ पुनर्निर्माण के कार्य को समय पर पूरा करने का है। इसलिए टीम ने अपनी पूरी ताकत झोंकी हुई है। हालांकि अत्यधिक बारिश और बर्फबारी के कारण कई बार काम में बाधा भी उत्पन्न हो जाती है। इसके बावजूद सभी के हौंसले बुलंद हैं।