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काम को हर कसौटी पर परखा, कमियों में सुधार की संभावना: मोदी

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 32वीं बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिये देश को संबोधित किया. अपने इस मासिक रेडियो संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने सभी देशवासियों को रमजान की शुभकामनाएं दी. यहां उन्होंने युवाओं में देश के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम को जानने की रुचि पर खुशी जाहिर की. इसके साथ ही योग के प्रति लोगों में रुचि जगाने के साथ ही लोगों से कचरा प्रबंधन का आह्वान किया.

 

आज पीएम के कार्यक्रम में एक और बात खास होगी। इस बार पीएम के मन की बात का दूरदर्शन पर जो प्रसारण हुआ उसमें संस्कृत सबटाइटल्स भी थे। इसके अलावा इस कार्यक्रम को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह दिल्ली के आरके पुरम इलाके में गरीब लोगों के साथ रेडियो पर सुनें। वहीं बीजेपी गुजरात के प्रभारी भूपेंद्र यादव भी अहमदाबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर पीएम मोदी के ‘मन की बात’ सुनें।

 

दो दिन पहले ही राष्ट्रपति भवन में दो पुस्तकों, राजेश जैन की ‘मन की बात : रेडियो पर एक सामाजिक क्रांति’ और उदय मूहुकर की ‘माचिंर्ग विद अ बिलियन’ का विमोचन हुआ था। इस अवसर पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामले और रक्षा मंत्री अरुण जेटली, राष्ट्रपति की सचिव ओमिता पॉल तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

 

इस मौके पर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा था कि आकाशवाणी से प्रसारित होना वाला ‘मन की बात’ एक लोकप्रिय कार्यक्रम है, और इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समय-समय पर लोगों से सीधा संवाद करते रहते हैं। अंसारी ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम रेडियो का एक पारंपरिक माध्यम है और यह संचार की संपूर्ण प्रौद्योगिकियों – टेलीविजन से लेकर इंटरनेट, सोशल मीडिया से लेकर मोबाइल फोन तक पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के लोगों से सीधा संवाद करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

 

मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने योग की खूबियों का जिक्र करते हुए ‘सेल्फी विथ डॉटर’ की तर्ज पर इस बार तीन पीढ़ियों के साथ योग करने की तस्वीर उन्हें भेजने को कहा है. इसके साथ ही उन्होंने कचरा प्रबंधन पर जोर देते हुए देशवासियों से गीले और सूखे कचरे को अलग अलग रखने का आह्वान किया, ताकि इनका खाद बनाने या रीसाइकिल करने में इस्तेमाल किया जा सके.

 

सभी लोगों को रमजान की मुबारकबाद. रमजान का पवित्र महीना शांति, एकता को बढ़ावा देने में जरूर सहायक होगा.हम सवा-सौ करोड़ देशवासी इस बात का गर्व कर सकते हैं कि दुनिया के सभी सम्प्रदाय भारत में मौजूद हैं.हर प्रकार की विचारधारा, हर प्रकार की पूजा पद्धति, हर प्रकार की परंपरा, हम लोगों ने एक साथ जीने की कला आत्मसात की है.मैं बहुत खुश हूं कि हमारी युवा पीढ़ी देश के इतिहास और स्वतंत्रता संग्रामों के बारे में जानने की रुचि ले रही है.आज वीर सवारकर जी की जन्मजयंती है.

 

मैं देश के युवा पीढ़ी को कहुंगा कि कभी मौका मिले तो हमारी आजादी की जंग के तीर्थ क्षेत्र सेल्युलर जेल ज़रूर जाएं.5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. प्रकृति के साथ जुड़ने का वैश्विक अभियान, हमारा स्वयं का भी अभियान बनना चाहिए.वेदों में पृथ्वी और पर्यावरण को शक्ति का मूल माना गया है. हमारे यहां कहा गया है- माता भूमिः पुत्रो अहम् पृथिव्याः अर्थात् जो शुद्धता है, वह हमारी पृथ्वी के कारण है.तनावमुक्त जीवन के लिए योग करना चाहिए.

 

योग सिर्फ व्यायाम नहीं. स्वास्थ्य व तंदुरुस्ती दोनों की गारंटी, तन, मन, शरीर, विचार और आचार से स्वस्थता की अंतर्यात्रा का अनुभव योग के माध्यम से संभव है.कुछ लोगों का सुझाव आया कि इस बार एक ही परिवार की तीनों पीढ़ियां एक साथ योग करें और उसकी तस्वीर शेयर करें.मैं इस सुझाव के लिए धन्यवाद करता हूं. आप नरेंद्र मोदी ऐप और MyGov ऐप पर इन फोटो को शेयर कर सकते हैं. मैं 1 जून से ट्विटर पर योग से संबंधित बातें और ये तस्वीरें शेयर की जाएंगी.

 

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर देश के 4 हजार नगरों में सॉलिड व लिक्विड वेस्ट को कलेक्ट करने के लिए हरे व नीले रंग के कूड़ेदान उपलब्ध होंगे. सूखा कचरा नीले कूड़ेदान और गीला कचरा हरे कूड़ेदान में डालें.ये जो कूड़ा-कचरा है, इसको हम वेस्ट न मानें. एक बार इस कूड़े-कचरे को हम वेल्थ मानना शुरू करेंगें तो वेस्ट मैनेजनेंट के कई नए-नए तरीके हमारे सामने आएंगे.एक आदमी ठान ले तो क्या कर सकता है. मुंबई के वर्सोवा बीच का लोगों ने कायाकल्प कर दिया.

 

एक सज्जन श्रीमान अफरोज शाह अक्टूबर 2015 से जुटे हुए थे. उनके युनाइटेड नेशंस की ओर से पुरस्कार दिया गया है.पिछले 15 महीनों से लगातार अखबारों, टीवी चैनलों में वर्तमान सरकार के 3 साल का लेखा-जोखा चल रहा है. मैं सबको धन्यवाद देता हूं. कहीं सराहना हुई कहीं कमियां निकाली गई हैं. मैं इसे बहुत महत्वपूर्ण समझता हूं.

 

अबुधाबी के कलाकार अकबर साहब का आभार, जिन्होंने मन की बात के विषयों पर एक भी रुपया लिए बिना अपना प्यार जताने के लिए स्केच तैयार किया.मेरे प्यारे देशवासियों अगली बार जब मिलेंगे तो बरसात आ चुकी है. रिजल्ट आ गए चुके होंगे. हम सब इस माहौल में प्रकृति के प्रति प्यार करते हुए आगे बढ़ें.

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