... ...
... ...

जीवा आयुर्वेदा ले जा रहा है भारत के हर कोने में प्रामाणिक आयुर्वेद

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

देहरादून। आज की दुनिया में लाइफस्टाइल से जुड़ी तकलीफें महामारी की तरह बढ़ चुकी हैं। हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर और मधुमेह दुनियाभर में बढ़ती हुई मृत्युदर के बड़े कारण हैं।

 

जीवा आयुर्वेद क्लीनिकों की श्रृंखला में उत्तर प्रदेश क्षेत्र में 14 वे नए क्लीनिक का उद्घाटन करते हुए डॉ. चौहान ने कहा कि, ‘‘समय से पहले होने वाले 80 फीसदी हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह को आयुर्वेद से रोका जा सकता है। आयुर्वेद सिर्फ लक्षणों से राहत नहीं देता, बल्कि रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बल देता है, पाचन बेहतर करता है और उन्हें कुल मिलाकर सेहतमंद जिंदगी जीने की दिशा में आगे ले जाता है।

 

आयुर्वेद चिकित्सा क्षेत्र में जीवा आयुर्वेद को आयुर्वेद पद्धति के अनुसार उपचार करने और लाइफस्टाइल विकारों के रोगियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित दवाईयां बनाने में विशेषज्ञता हासिल है। भारत में 6.13 करोड़ मधुमेह रोगियों के साथ दुनिया के सबसे अधिक रोगी हैं। डॉ. चौहान के मुताबिक पिछले कई सालों से औसत बंसवतपम पदजंाम में वृद्धि दर्ज की गई है। घर में बने साधारण खाने के बजाय, ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से उपलब्ध प्रोसेस्ड फूड अपना रहे हैं।

 

भारत में बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियों का यह भी एक बड़ा कारण है। जीवा आयुर्वेद को असाध्य कही जाने वाली अनेक बीमारियों, जैसे हाइपरटेंशन, मधुमेह, माइग्रेन, हृदय रोग, अस्थमा, मोटापा आदि के उपचार में विशेषज्ञता हासिल है। खासतौर पर तैयार की गई हर्बल दवाओं, उचित मात्रा और सही जीवनशैली की मदद से अनेक बीमारियों के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष लक्षणों को कम किया जा सकता है। आयुर्वेद का प्राचीन विज्ञान, दवाओं, खान-पान के तरीकों और जीवनशैली सहित उपचार की विस्तृत विधि उपलब्ध कराता है।

 

जाने-माने आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. प्रताप चौहान का मानना है कि आयुर्वेद लाइफस्टाइल बीमारियों से पीडि़त व्यक्तियों को बिना किसी दुष्प्रभाव के अनेक लाभ पहुंचाता है। जीवा आयुर्वेद, हर घर में प्रामाणिक आयुर्वेद उपचार लाने के मिशन के साथ काम कर रहे, दुनिया का पहला और सबसे बड़ा टेलीमेडिसिन केन्द्र चला रही है। जीवा टेलीमेडिसिन सेंटर के माध्यम से छोटे शहरों के रोगियों को उनके रोग के अनुसार उनके दरवाजे पर प्रामाणिक, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उपचार और उत्पाद पहुँचा रहा है।

 

इस नए क्लिनिक के साथ अब जीवा आयुर्वेद के 53 क्लीनिक (उत्तर प्रदेश के 14 क्लीनिक सहित) देश के 13 राज्यों में कार्यरत हैं। मधुमेह, जोड़ों का दर्द, पाचन विकार, माइग्रेन और बालों व त्वचा से जुड़ी समस्याओं के उपचार में जीवा आयुर्वेद को विशेष अनुभव और क्षमता प्राप्त है। डॉ. चौहान के अनुसार, हाइपरटेंशन के लिए आयुर्वेद पद्धति से किया गया उपचार समस्या की जड़ को पहचानता है और फिर उपयुक्त जड़ी-बूटियों द्वारा इसकी जड़ को समाप्त किया जाता है।

 

ऐसा होने के लिए पाचन का बेहतर होना और जठराग्नि का सशक्त होना बहुत महत्वपूर्ण है। दूसरे, हृदय में जमा हो चुके विषाक्त पदार्थों को हटाना होता है। आखिर में मस्तिष्क को आराम पहुंचाने वाली तकनीकें आती हैं – इनमें ध्यान, योग और प्राणायाम शामिल हैं।

Loading...