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जीवा आयुर्वेद ने कानपुर में खोला नया क्लीनिक

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 जीवा आयुर्वेद ने कानपुर में अपना दूसरा क्लीनिक खोला। इसे मिलाकर उत्तर प्रदेष में जीवा आयुर्वेद के क्लीनिकों की कुल संख्या 16 हो गई। 

 जीवा आयुर्वेद ने 15 लाख लोगों का इलाज किया है और इस नई क्लीनिक के साथ उम्मीद है कि षीघ्र ही यह संख्या 20 लाख तक पहुंच जाएगी। 

कानपुर. प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य और जीवा आयुर्वेद के निदेशक डॉ. प्रताप चौहान ने आयुर्वेदिक उपचार और औशधियां उपलब्ध कराने के लिए आज उत्तर प्रदेष के कानपुर में मॉल रोड पर एक नए क्लिनिक का उद्घाटन किया। इसके षुभारंभ के अवसर पर डॉ. प्रताप चौहान ने क्लीनिक में मरीजों को व्यक्तिगत परामर्श प्रदान किया।
जीवा आयुर्वेद से अभी लगभग 15 लाख लोग जुड़े हुए हैं और आगामी क्लीनिकों के षुरू होने से अब   जल्द ही 20 लाख लोगों तक इसके पहुंचने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेष में आम लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के उद्देष्य से जीवा आयुर्वेद ने कई क्लीनिकों की षुरूआत की है। अब तक जीवा आयुर्वेद कानपुर में जुही गौषाला चौराहा स्थित अपने क्लीनिक में कानपुर के मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करता था लेकिन अब दूसरा क्लीनिक षुरू हो जाने से अधिक से अधिक मरीज चिकित्सकों से सीधा परामर्ष कर सकेंगे तथा औशधियां प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा आहार एवं जीवनषैली संबंधी परामर्ष भी हासिल कर सकेंगे। मरीजों को ये सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे प्राप्त होगी।
इसके षुभारंभ के अवसर पर जीवा आयुर्वेद के निदेषक डॉ. प्रताप चौहान ने कहा, ‘‘आयुर्वेद सार्वभौमिक है। दुनिया भर के सभी मनुष्य एक समान हैं और आयुर्वेद राष्ट्रीयता या जाति से परे बहुत कम कीमत पर किसी भी व्यक्ति को ठीक कर सकती है। आयुर्वेद ‘सर्वे भवंतु निरामया’ में विश्वास करता है और इसे ध्यान में रखते हुए जीवा आयुर्वेद दूरसंचार कार्यक्रम, टेलीविजन कार्यक्रमों और हमारे क्लीनिक नेटवर्क के माध्यम से पूरे भारत में लाखों लोगों तक पहुंचता है। हम न केवल मरीजों का इलाज कर रहे हैं बल्कि ज्ञान का प्रसार भी कर रहे हैं, जिससे लोग रोग से बच सकते हैं और बीमारियों से दूर रह सकते हैं।’’
डा. चौहान ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेष में काफी लोगों को मोटापा, जोड़ों में दर्द, मधुमेह एवं पाचन समस्या जैसी जीवनषैली से जुड़ी कई समस्याएं हैं। हमारे पास गुदा एवं मलाषय तथा आंखों की बीमारियों के मरीजांे के अलावा माइग्रेन के मरीज भी आ रहे हैं और हम इनका इलाज कर रहे हैं।‘‘
वर्षों से जीवा आयुर्वेद प्राचीन सिद्धांतों को कायम रखते हुए आयुर्वेद को तकनीकी नवाचारों के साथ सशक्त बनाता रहा है। जीवा का आयुनीक इन्हीं नवाचारों में से एक है। आयुनीक जीवा आयुर्वेद द्वारा पेश किया गया एक विषेष तरीका है जो आयुर्वेदिक डॉक्टरों को रोगियों में प्रभावी ढंग से रोग का पता लगाने और उपचार करने में सषक्त करता है। यह पारंपरिक आयुर्वेद, आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान और निष्कर्षों का सबसे अच्छा मिश्रण है। प्रौद्योगिकी का सहजता से इस्तेमाल करते हुए, आयुनीक संपूर्ण व्यक्तिगत उपचार और देखभाल प्रदान करता है।
कानपुर के नए क्लीनिक में पर्याप्त संख्या में कर्मचारी हैं तथा सभी सुविधाएं हैं। षुरूआत में इस क्लिनिक में दो डाक्टर चैम्बर तथा सहायक कर्मचारियों की टीम होगी। यहां चिकित्सा सुविधाएं सुबह 10 बजे से षाम 8 बजे तक उपलब्ध होंगी और यह क्लीनिक सप्ताह में छह दिन खुला रहेगा। यह क्लिनिक मंगलवार को बंद रहेगा।
जीवा आयुर्वेद की स्थापना आधुनिक संदर्भ में उपचार और स्वास्थ्य लाभ के वैदिक भारतीय विज्ञान, आयुर्वेद को पुनर्जीवित करके एक स्वस्थ, सुखी और शांतिपूर्ण समाज बनाने के उद्देष्य से 1992 में की गई थी। जीवा का मिशन हर घर में उच्च गुणवत्ता वाले प्रामाणिक आयुर्वेद का लाना है। इसकी षुरुआत डॉ. प्रताप चौहान ने एक क्लीनिक के रूप में की थी, लेकिन आज जीवा आयुर्वेद में एक अग्रणी और विश्वसनीय नाम है।
1995 में दुनिया के पहले ऑनलाइन आयुर्वेदिक केंद्र और टेलीमेडिसिन प्रैक्टिस में अग्रणी, जीवा ने दुनिया भर के लाखों लोगों को पारंपरिक, व्यक्तिगत आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए तकनीक का उपयोग किया है। जीवा मेडिकल और रिसर्च सेंटर दुनिया में सबसे बड़ी आयुर्वेदिक टेलीमेडिसिन केन्द्रों में से एक है, जहां 400 से अधिक आयुर्वेदिक डॉक्टर और हेल्थकेयर प्रोफेषनल रोजाना 6,000 से अधिक मरीज को परामर्श और सेवाएं प्रदान करते हैं।
जीवा लोगों को प्रमाणिक आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए 1800 से अधिक शहरों और कस्बों में लोगों के घरों तक पहुंचता है। जीवा आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म केंद्र देश भर में उपचार केन्द्रों की एक राष्ट्रीय श्रृंखला है। देश में 17 राज्यों में 70 से अधिक एकीकृत केंद्रों में इसके पेषेंट वॉक-इन क्लीनिक काम करते हैं।

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