udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news जनता दरबार में फरियादियों ने रखी समस्याएं ,दूर-दराज क्षेत्र से पहुंची जनता

जनता दरबार में फरियादियों ने रखी समस्याएं ,दूर-दराज क्षेत्र से पहुंची जनता

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रुद्रप्रयाग। पुराने विकास भवन में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डि़याल की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में फरियादियों द्वारा 24 शिकायत दर्ज कराई गई, जिनमें से 13 शिकायतों का निस्तारण मौके पर किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि जनता दरबार में दूर-दराज से फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं, इसलिए अधिकारी सभी समस्याओं को गंभीरता से लें और उनका निश्चित सीमा के अंतर्गत निस्तारण करें। कहा कि सरकार का भी यही उद्देश्य है कि आम जनता को अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालयों के चक्कर ना काटने पडें, बल्कि उनकी समस्याओं का निस्तारण समय पर हो सके।

 

ग्राम जामू फाटा के ग्रामवासियों द्वारा शिकायत की गई कि वर्ष मई 2015 से फरवरी 2016 तक का परिश्रमिक वन विभाग द्वारा नही दिया गया है, जबकि एक अप्रैल 2016 से 30 अक्टूबर 2016 तक का पारिश्रमिक विभाग द्वारा काट कर दिया गया है। विभाग द्वारा 3,549 रूपये प्रतिमाह के हिसाब से दिया जा रहा है, जबकि 229 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से र्प्रतिमाह 6870 रूपये दिया जाना है।

 

शेष धनराशि विभाग द्वारा अन्य खातों में हस्तान्तरित की जा रही है जिनका विभाग से कोई सम्बन्ध नही है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने डीएफओ रुद्रप्रयाग को नियमानुसार खातों की जांच कर आवश्यक कारवाई करने के निर्देश दिए। आगनवाड़ी कार्यकत्री त्यूंखर दर्शनी देवी का पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र अवैध पाये जाने पर विभाग द्वारा पद से हटाया गया। इस संबंध में फरियादी विक्रम सिह पवांर द्वारा कहा गया कि वह पिछड़ी जाति में शामिल है।

 

इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए जिलाधिकारी ने सीडीओ की अध्यक्षता में समिति गठित कर जांच के निर्देश दिए। लमगौण्डी निवासी बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा नीता की आर्थिक स्थिति दयनीय होने के कारण आगे शिक्षा नही ग्रहण कर पा रही है। इस संबंध में तहसीलदार ऊखीमठ को परिवार की आर्थिक स्थिति जांच के निर्देश दिए। थापल गाँव के विद्युत से वंचित होने की शिकायत पर अधिशासी अभियंता विद्युत द्वारा अवगत कराया गया कि दीन दयाल उपाध्याय योजना के अर्न्तगत गांव में विद्युतीकरण किया जाएगा व जनपद को योजना के तहत दो सौ करोड़ रूपये आवंटित हुए है।

 

जिलाधिकारी ने आर.ई.एस. विभाग को हेलीपैड के नजदीक प्राथमिक विद्यालय के लिए दो व इण्टर कॉलेज के लिए पांच कक्ष डिजाइन करने के निर्देश दिए जो कि साउण्ड पू्रफ हो। इससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित नही होगी। साथ ही प्रत्येक हेलिपेड के लिए स्थानीय शैली में आउटलेट डिजाइन करने के निर्देश दिए। इन आउटलेट में आगामी यात्रा काल में स्थानीय उत्पाद, परिधान यात्रियों के क्रय के लिए उपलब्ध रहेगें।

 

जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्था द्वारा किए जा रहे कार्य में गुणवŸाा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। कहा कि कार्यदायी संस्था द्वारा मानकों के अनुरूप कार्य न किये जाने पर संस्था एवं ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही अमल में लायी जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि खांकरा-खेडाखाल, रुद्रप्रयाग-रैंतोली मोटर मार्ग खस्ताहालत में है जगह-जगह गड्ढे हो रखे है।

 

सम्बन्धित विभाग आवश्यक कार्यवाही कर मोटरमार्ग दुरूस्त करें। उरेडा विभाग द्वारा केदारनाथ में दो सौ किलोवॉट प्लॉट का कार्य पूर्ण न होने पर जिलाधिकारी ने वरिष्ठ परियोजना प्रबन्धक उरेडा को केदारनाथ में एक अधिकारी की ड्यूटी लगाकर एक माह के भीतर प्लॉट ठीक कर संचालित करने के निर्देश दिए। कहा कि यदि एक माह के भीतर प्लॉट संचालित नहीं किया गया तो कार्यवाही की जाएगी। कहा कि अधिकारियों द्वारा सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत गाँव में भम्रण किया जा रहा है।

 

भ्रमण के दौरान गाँव से प्राप्त होने वाली सौर ऊर्जा (स्ट्रीट लाइट) की माँग का प्रस्ताव तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए कि कहाँ तथा कितने गाँव में सौर ऊर्जा लाइट लगायी जानी है।आगामी यात्रा में घोड़ा-खच्चर मालिकों द्वारा यात्रियों के साथ अच्छा बर्ताव किया जाए व घोडे-खच्चर के बीमार होने पर प्राथमिक उपचार प्रदान किया जा सके। इस संबंध में पशुपालन विभाग को आरसेटी के माध्यम से घोडा-खच्चर मालिकों को प्रथम चरण में नवम्बर से एक दिवसीय प्रशिक्षण कराने के निर्देश दिए। कहा कि बाहर से फैक्लटी बुलाकर प्रशिक्षण दिया जाए।

 

प्रशिक्षण के दौरान घोडा-खच्चर स्वामियों द्वारा किए जाने वाले व्यवहार को दिखाया जाए जिससे उन्हें पता चल सके कि किस प्रकार का व्यवहार यात्रियों से किया जाना अपेक्षित है। इससे यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने सभी शिकायतों के संबधित अधिकारियों को एक सप्ताह के अन्तर्गत पूर्ण करने के निर्देश दिये। कहा कि यदि शिकायतों का निस्तारण तय सीमा के भीतर नहीं हुआ तो संबधित अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार रहेगे।

 

इस अवसर मुख्य विकास अधिकारी डीआर जोशी, डिप्पटी कलैक्टर देवानन्द, तहसीलदार शालिनी मौर्य, तहसीलदार ऊखीमठ अबरार अहमद, तहसीलदार रूद्रप्रयाग श्रेष्ठ गुनसोला, अपर मुख्य चिकित्साधिकरी ओपी आर्य, पशुपालन अधिकारी रमेश नितत्वाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी सहित फरियादी मौजूद थे।

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