एनएच जुटा बदहाल केदारनाथ हाईवे की सूरत बदलने में

रुद्रप्रयाग। आगामी यात्रा सीजन तक केदारनाथ और कुंड-ऊखीमठ-गोपेश्वर नेशनल हाईवे की स्थिति बदल जायेगी। यात्रा के दृष्टिगत हाईवे का जिम्मा संभाले लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग खण्ड ने हाईवे के सुधारीकरण का कार्य तेज गति से करना शुरू कर दिया है। सबसे पहले डेंजर जोनों का ट्रीटमेंट किया जा रहा है।

 

नौलापानी के निकट केदारनाथ हाईवे पर स्थित डेंजर से निपटारा पाने के लिये एनएच ने हाईवे किनारे पुश्तों का निर्माण करके चौड़ाई बढ़ा दी है। दरअसल, आपदा के बाद से केदारनाथ हाईवे जर्जर स्थिति में है। जिस कारण केदारघाटी की जनता के साथ ही यात्रा सीजन में बाबा केदार के दर्शनों के लिये आने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस बार भी आगामी अप्रैल-मई माह से केदारनाथ की यात्रा शुरू होने वाली है।

 

ऐसे में हाईवे की देख-रेख कर रहा लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग ने भी मुस्तैदी बरतना शुरू कर दिया है। विभाग का दावा है कि यात्रा शुरू होने से पूर्व हाईवे बदले स्वरूप में नजर आयेगा।इन दिनों विभाग ने हाईवे पर क्षतिग्रस्त पुश्तों का निर्माण कार्य जोर-शोर से शुरू कर दिया है। जिन स्थानों पर हाईवे धंस रहा है, वहां नई कटिंग की जा रही है। वर्तमान समय में केदारनाथ हाईवे की सबसे बदहाल स्थिति सेमी-भैंसारी में बनी हुई है। यहां चढ़ाई के साथ ही हाईवे जगह-जगह उबड़-खाबड़ बना हुआ है।

 

ऐसे में विभाग सेमी-भैंसारी में भी हाईवे का ट्रीटमेंट त्वरित गति से कर रहा है, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कतें न हों। इसके साथ ही जहां-जहां हाईवे का डामर उखड़ चुका है, वहां पेंटिंग का कार्य किया जाना अभी बाकी है।विभाग का दावा है कि इस बार यात्रा सीजन में केदारनाथ आने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। कपाट खुलने से पूर्व हाईवे की स्थिति में सुधार आ जायेगा। बरसात के समय भी भूस्खलन होने पर हाईवे को त्वरित गति से खोला जायेगा।

 

भूस्खलन वाले स्थानों पर जेसीबी एवं पोकलैंड मशीनें रखी जाएंगी। एनएच के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार का कहना है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की दिक्कतें न हों, इसके लिये विभाग त्वरित गति से केदारनाथ हाईवे पर कार्य कर रहा है। एक-दो दिन में ओएफसी लाइन का कार्य भी बंद करा दिया जायेगा। केदारनाथ के कपाट खुलने से पूर्व केदारनाथ हाईवे चाक-चौबंद हो जायेगा। भूस्खलन वाले स्थानों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किये जा रहे हैं।

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