udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news वोट काटने वाले प्रत्याशियों को एक से पांच करोड़ के ऑफर

वोट काटने वाले प्रत्याशियों को एक से पांच करोड़ के ऑफर

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देहरादून। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि भाजपा प्रदेश भर में वोट काटने वाले प्रत्याशियों को स्पांसर कर उन्हें चुनावी मैदान में उतारने का षडयंत्र रच रही है इसके लिए एक करोड़़ से पांच करोड़ रूपये की ऑफर तक भी दी जा रही है। यह एक खेद का विषय है।

यहां कांग्रेस भवन में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ केन्द्र सरकार व भाजपा राज्य निर्वाचन आयोग पर अनावश्यक रूप से दवाब बनाने का दुस्साहस कर रही है और अनावाश्यक रूप से मीडिया को आने से रोकने का प्रयास कर रही है जो चिंता का विषय है, भाजपा को अपनी इस हरकत पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कें पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी चुनाव आयोग पर दवाब डाल रही है। मेरे आवास पर पीसी करना मेरा अधिकार है । उनका कहना है कि बीजेपी ने निर्वाचित सरकार को गिराने में हर हथकंडे अपनाने के बाद अब वोट काटने वालों को प्रायोजित कर रही है। उनका कहना है कि दो पूर्व विधायकों को बीजेपी एक करोड़ से लेकर ५ करोड़ रुपये देकर प्रायोजित कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी ७० सीटों पर चुनाव लड़ रही है और अभी ६३ सीटों पर पूर्ण रूप से सहमति बन चुकी है और शेष सात पर जल्द ही निर्णय ले लिया जायेगा। उनका कहना है कि इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्ण रूप से अधिकृत है और १६ जनवरी तक सभी सीटों पर प्रत्याशियों को घोषित कर दिया जायेगा। उन्होंने कें सरकार के पास २०१७-१८ के लिए राज्य सरकार की ओर से उत्तराखंड के लिए सुझाव भेजे है और उसकी प्रतियां मीडिया को भी बांटी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कें सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि एसपीए फंंंड के द्वारा जो बजट मिलना है उसको जारी किया जाना चाहिए, आपदा सहायता राशि के द्वारा किए जा रहे कार्यों की समय सीमा ३ साल से बढ़ाकर २०२० तक की जाए। हाइड्रो पावर में पॉलसी डिक्लियर करने की सीएम रावत ने की मांग।

किशाऊ और लखवाड़ परियोजना का इन्वेस्ट करना पेडिंग पड़ा हुआ है, जबकि दोनों परियोजनों में देश सरकार ने सारी क्रिया पूरी कर ली है। उनका कहना है कि हिमाचल प्रदेश, अरूणांचल, जम्मू एवं कश्मीर की तर्ज पर उत्तराखंड को मिलना चाहिए लेकिन यहां की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने डाप्लर राडर और एनडीआर के लिए भी बजट की मांग की है, ग्रीन बोनस के लिए एक एजेंसी ने ४० हजार करोड़ और दूसरी एजेंसी ने ३२ हजार करोड़ रूपये उत्तराखण्ड को देने की बात कही है, लेकिन ग्रीन बोनस उत्तराखण्ड को नही दिया जा रहा है। जो चिंता का विषय है।

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