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हकीकतः देश-विदेश के हजारों पर्यटकों ने भूखे-प्यासे बिताई रात !

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केलंग । हकीकतः देश-विदेश के हजारों पर्यटकों ने भूखे-प्यासे बिताई रात ! अभी तो मानसून पूर्ण नहीं आया और अभी से यह हाल! ऐसे में पर्यटन प्रदेशों में पर्यटक आए भी तो आए कैसे! जब सुबिधाएं और सुरक्षा राम भरोसे हों!

आपको बता दें कि  जम्मू कश्मीर के लेह व हिमाचल के लाहुल-स्पीति जिले की सैर पर निकले हजारों पर्यटकों को नालों में बाढ़ आने से गाड़ियों में भूखे-प्यासे रात बितानी पड़ी। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग, लाहुल के पागलनाला, तेलंगनाला सहित जिंगजिगबार के समीप नाले में बाढ़ आने से  करीब 30 घंटे तक अवरूद्ध रहा।

 

इसमें हजारों सैलानी भी फंसे रहे। हालांकि लाहुल में जगह-जगह टेंट की व्यवस्था होने के कारण कई पर्यटकों को यहां ठिकाना मिल गया लेकिन अधिकतर गाड़ी में भूखे-प्यासे सोने को मजबूर हुए। घाटी के नालों में आई बाढ़ के कारण विधानसभा समिति को भी अपना मार्ग बदलना पड़ा, जो स्पीति से केलंग की तरफ जा रही थी। कमेटी के वाहनों ने स्पीति के रास्ते ग्रांफू से मनाली का रुख कर किया।

जिंगजिंगबार के पास वाले नाले में और र्तेंंलग नाले में बाढ़ आ गई, इस कारण लेह से मनाली आ रहे वाहन वहीं फंस गए। दोपहर बाद सिसू के पास पागलनाले ने भयंकर रूप धारण कर लिया। किसी वाहन या पर्यटक को बाढ़ से कोई नुकसान नहीं हुआ पर सैकड़ों वाहनों में हजारों सैलानी जिंगजिंगबार व पागलनाला और तेलंग, कोकसर के बीच फंस गए।

 

शुक्रवार सुबह होते ही बीआरओ के जवान जगह-जगह बंद पड़े मनाली-लेह मार्ग को बहाल करने में जुट गए। बीआरओ ने जिंगजिंगबार और तेलंग नाले को तो बहाल कर दिया। लेकिन पागलनाले में बाढ़ से आए मलबे और पत्थर ने दिक्कत बढ़ा दी। 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बीआरओ पागलनाले को बहाल करने में सफल रहा।

सीमा सड़क संगठन मनाली के कार्यकारी कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल मयंक मेहता ने बताया बारालाचा के जिंगजिंगबार तेलंग नाले सहित पागलनाले में बाढ़ के कारण मनाली-लेह मार्ग बंद हो गया था, जिसे शाम 5 बजे बहाल कर लिया गया। पंजाब से लाहुल की वादियों में घूमने निकले अमृतसर के सतविंद्र सिंह व परिमंद्र ने बताया वह तेलिंग नाला में करीब 25 घंटे से बच्चों सहित गाड़ी में फंसे हैं। बच्चों को भूख लगी है लेकिन क्या करें, मार्ग बहाल होने का इंतजार हो रहा है।

दिल्ली के अरुण गर्ग परिवार सहित पागलनाला में फंसे थे। पेशे से कारोबारी अरुण परिवार के साथ यहां सुकून के पल बिताने आए थे पर उन्हें भूखे-प्यासे गाड़ी में रात बितानी पड़ी। दिल्ली के ध्रुव ने बताया वह कोकसर में गेस्ट हाउस लेने गए पर विधानसभा कमेटी के आने की बात कहकर उन्हें कमरा नहीं मिल पाया। इस कारण सारी रात परिवार सहित गाड़ी में ही बितानी पड़ी।

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